नौजवान शायर सिद्धार्थ कुमार की अनुठी पहल …

21 वर्षीय राष्ट्रीय पुरूस्कार विजेता राॅकस्टार कवि सिद्धार्थ कुमार ने हिन्दी व उर्दू के स्वर्गीय व बुजुर्ग कवियो व शायरो की जन्मतिथि हो या पुण्यतिथि,
या किसी भी राष्टभक्त की शहादत का दिन हो, या श्राद के रूप में बुजुर्गो की कला,जात-पात, धर्म, से ऊपर उठकर अपने बुजुर्गों के लफ्जो को याद रखकर अपने फेसबुक पेज https://www.facebook.com/kumarsiddharth01/के माध्यम से हजारो नौजवानो तक पहुचाने का कार्य बड़ी शिद्दत से कर रहे है। मरूधर भारती के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि मै गाँव से शहर में आया हूँ तो आदत है मिरी,मैं बुज़ुर्गों में मुहल्ले नहीं देखा करता ! ❤

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