कृषि अतिरिक्त सचिव ने दुर्गापुरा में कार्यालयों एवं रिसर्च गतिविधियों का किया सघन निरीक्षण

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जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी एवं गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पीके गोयल ने सोमवार को दुर्गापुरा स्थित कृषि, उद्यानिकी व कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े कार्यालयों एवं गतिविधियों का सघन निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्थाएं ज्यादा चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर ढाई बजे तक करीब पांच घंटे तक सभी कार्यालयों एवं परिसर में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री गोयल ने सर्वप्रथम राज्य कृषि प्रबंध संस्थान भवन में स्थित किसान कॉल सेन्टर, राज्य कृषि प्रतिस्पर्धात्मक परियोजना, समेती (आत्मा) कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित करवाने, कॉरिडोर को साफ-सुथरा रखने एवं कक्षों में उपलब्ध स्थान का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए।

ऑफिसर्स हॉस्टल की व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश
श्री गोयल ने ऑफिसर्स हॉस्टल के निरीक्षण के दौरान कैंटीन की व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं सुधारने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का अधिकतम उपयोग करने के लिए साल के कुल प्रशिक्षण दिवस और प्रशिक्षणार्थियों के कुल मानव दिवसों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि खाली समय में निजी संस्थानों के माध्यम से राजस्व अर्जित करने पर विचार किया जा सके।

लाइव डेमो देखकर लिया जांच प्रक्रियाओं का जायजा
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने लाइव डेमो देखकर ऑलिव उत्पाद, कृषि उत्पादों का गुणवत्ता प्रबंध, जैव उर्वरक गुण नियंतर््ण, जैव नियंतर््ण प्रयोगशाला, पेस्टिसाइड्स एवं बीज नमूना परीक्षण की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने बीज, उर्वरक एवं कृषि उत्पादों की पूरे पारदर्शी ढंग से हो रही वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया के प्रति संतोष व्यक्त किया।

 

कृषि विश्वविद्यालय व आईएचआईटीसी की गतिविधियों को सराहा
श्री गोयल ने यहां स्थित फार्मस में घूमकर श्री नरेन्द्र कर्ण कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर की ओर से गेहूं, जौ एवं चने की विभिन्न किस्मों पर किए जा रहे रिसर्च को देखा और सराहना की। उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (आईएफएस) के तहत हो रही गतिविधियों को जाना और इसे किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था बताया। इसके तहत किसान कृषि एवं बागवानी के साथ गाय, बकरी एवं मुर्गीपालन कर अच्छी आमदनी हासिल कर सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यहां प्रदेश के जलवायु के अनुकूल कम पानी एवं ज्यादा ताप सहन करने वाली उन्नत किस्में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है जिनमें आशातीत सफलता मिल रही है। श्री गोयल ने इंटरनेशनल होर्टिकल्चर इनोवेशन एंड ट्रेनिंग सेन्टर (आईएचआईटीसी) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सराहा। इस दौरान राज्य कृषि प्रतिस्पर्धात्मक परियोजना निदेशक डॉ. ओमप्रकाश, उद्यानिकी विभाग के निदेशक श्री मोहनलाल यादव, राज्य कृषि प्रबंध संस्थान के निदेशक श्री आरपी कुमावत सहित कृषि, उद्यानिकी व कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारी मौजूद थे।

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