36 कॉम की सहायता के लिए हमेशा आगे रहते है चिंडालिया और सभी सदस्य

यदि आप वाकई ज़रूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहते हैं, तो जाने
इस साधारण वक्तित्व के धनी रविंद्र सिंह चिंडालिया । रॉयल ग्रुप राजस्थान
 एक ऐसी संस्था जो आपको आपकी जरूरत के हिसाब से करती है आपकी सहायता में
मदद…

कई बार ऐसा होता है न कि हमारे आस पास कही ऐसे लोग देखने को मिलते है
जिन्हे जाने कितनी ही समस्या होती है आर्थिक समस्या की वजह से कई लोग
अपने बच्चो की शादी नहीं कर पाते, या दो वक्त का खाना नहीं मिल पाता,
अथवा कई लोग बीमारियों के बचाव के लिए पैसो की कमी की वजह से हार मान
जाते है | हम चाहकर भी उनकी मदद नहीं कर पाते परन्तु उन्ही की सहायता और
समाज सेवा करने के लिए अगर  तो वो है “रॉयल ग्रुप”

“रॉयल ग्रुप” एक ऐसी संस्था जो आपको आपकी जरूरत के हिसाब से आपकी
सहायता करती है |  वाकई में जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरना हर
किसी के बस में नहीं है कहते है भगवान ने सभी की किस्मत में उनके कर्मो
के अनुसार खुशियां लिखी है परन्तु इस बात को नकारा है रॉयल ग्रुप के
संरक्षक रविंद्र सिंह चिंडालिया ने | जाती धर्म से दूर मानवता को अपना
धर्म मान चिंडालिया जितना हो सके जरुरत मंदो की सहायता के लिए हमेशा आगे
रहते है |
रॉयल ग्रुप के संरक्षक और नीव रखने वाले रविंद्र सिंह चिंडालिया और उनके
साथ जुड़े सभी है परन्तु जंहा बात सहायता की आती है तो ये ग्रुप 36 कॉम की
सहायता के लिए तैयार रहते है ना जाती ना धर्म सिर्फ मानवता  कर्म |

चिंडालिया खुद भी एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कभी कुछ
हासिल करने की कोशिश नहीं की बल्कि सामाजिक कार्यों में लग कर दूसरे लेवल
पर जाकर जरूरत मंदो और बेसहारा लोगो की सहायता की है |

रविंद्र सिंह चिंडालिया
एक ऐसे इंसान जिन्होंने जाती – धर्म को छोड़ मानवता को अपना धंर्म माना,
जरूरतमंद लोगो का जिन्होंने हाथ थामा
ऐसे इंसान जो समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है | हम बात कर रहे है एक
साधारण व्यक्तित्व के धनी और व्यवसायी रविंद्र सिंह चिंडालिया की
जिन्होंने समाज के विकास और जरुरतमंदो की सहायता करने में कोई कसर नही
छोड़ी | रॉयल ग्रुप राजस्थान की नींव रख समाज सुधार और समाज सेवा के
बेमिसाल कार्य किये |
चिंडालिया का अब तक का सफर
राजस्थान के नागौर जिले के मकराना के पास स्थित चिंगारियां गांव में
जन्मे रविंद्र सिंह अपनी शिक्षा जोधपुर में हासिल की थी । साल 2004 में
वे जयपुर आए रविंद्र सिंह ने बताया कि बहुत ही कम उम्र में उन्होंने अपने
बिजनेस की शुरुआत कर दी थी द्वितीय वर्ष की शिक्षा ग्रहण करते वक्त ही
अपने रियल स्टेट के कारोबार की नीव रख दी थी । अपनी कड़ी मेहनत औऱ  लगन
से अपने कारोबार को उन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया और पीछे मुड़कर नहीं
देखा ।

रॉयल ग्रुप की नींव
रविंद्र सिंह चिंडालिया ने बताया कि उन्हें समाज सेवा एवं जरूरतमंदों की
सहायता का शौक बचपन से ही है। परंतु साल 2015 में उन्होंने रॉयल ग्रुप
नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया इसमें सभी राजपूत समाज के लोगों को
जोड़ा गया  । डॉक्टर वकील भामाशाह व्यापारी हर पेशे के लोगों को इसमें
जोड़ा गया। चिंडालिया ने बताया कि किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप में सिर्फ 256
सदस्य ही जो सत्य हैं उसी तरह हमारे रॉयल ग्रुप में भी कोई 256 लोग जुड़े
हुए हैं और वहीं से सभी सदस्य द्वारा लोगों की सहायता की एक मुहिम चलाई
गई जिसका सिर्फ एक ही कार्य था कि जरूरतमंद एवं बेसहारा लोगों की सहायता
की जा सके।

अपने बड़े बाबोसा को मानते हैं आदर्श
चिंडालिया ने बताया कि मेरे बड़े बाबोसा दिलीप सिंह राठौड़ द्वारा समाज
सेवा के उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं उनके व्यक्तित्व का मैंने जीवन पर
काफी गहरा प्रभाव है उन्हीं की सीख से मैं जिंदगी मैं आगे बढ़ा और आज भी
वो मेरे आदर्श हैं उन्हीं की प्रेरणा से मैंने सक्षम होने के बाद
जरूरतमंदों की मदद करना शुरू किया था ।

मुस्कान देखकर मिलता है सुकून
चिंडालिया ने कहा कि जब किसी गरीब और जरूरतमंद की मदद करते हैं तो उन्हें
सुकून मिलता है कि उनके चेहरे पर मुस्कान देखने हैं तो लगता है कि कुछ
अच्छा काम किया जाए इंसान को अपने कर्म करना जरूरी है । दरिया का यह भी
कहना है कि मानव धर्म सबसे बड़ा धर्म है हम सबको इसका पालन करना चाहिए
जाति के हिसाब से ऊपर उठकर मानवता के लिए कार्य करना चाहिए मारवाड़ी
ग्रुप जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज सेवक को सर्वोपरि मानते हैं

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