• कुसुमलता जैन को महिला शक्ति पुरस्कार
• पहली बार 8 महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हेतु पुरस्कृत
• 7 महिलाओं को साथिन एवं 3 महिलाओं को यशोदा पुरस्कार

जयपुर। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान, दुर्गापुरा के सभागार जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश द्वारा विभिन्न श्रेणियों में राज्यभर से चुनी गई महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राज्यभर से आई हुई महिलाओं के बीच श्रीमती भूपेश ने आह्वाहन किया कि बाल विवाह रोकने का कार्य हो या सामूहिक विवाह प्रोत्साहन का या फिर महिला हिंसा के विरूद्ध कदम उठाने हो, इसमें सबको साथ चलना होगा।

उन्होंने भ्रूण हत्या को अपराध बताते हुए उपस्थित महिलाओें से कहा कि जब घर में बेटी का जन्म हो तो उसे शक्ति का प्रतीक मान कर उसकी परवरिश करें, उसे इस काबिल बनाएं कि वह राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। उन्होंने सभागार में ’बेटी को पढ़ाना है बेटी को बचाना है’ यह संकल्प सभी को दिलवाया। उन्होंने सभी से लैंगिक भेदभाव को मिटाने की अपील की। समारोह की मुख्य वक्ता डा. अर्चना शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनीति को मुख्य धुरी बताते हुए कहा कि जब तक पॉलिसी मेकिंग में महिलाओं की भागीदारी नहीं होगी तब तक महिला सशक्तिकरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि महिला दिवस इस रूप में मनाएं कि अपनी मॉं को याद करे और मॉं होने के भाव से गौरवान्वित महसूस करे। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए समारोह के दौरान राज्य स्तरीय महिला शक्ति पुरस्कार इस वर्ष श्रीमती कुसुमलता जैन को प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप 51,000/-रूपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर पहली बार खेलकूद, संगीत आदि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली राज्य की विभिन्न जिलों की 8 महिलाओं आशा झांझडिया (झुन्झुनू), अंजली शर्मा (पाली), शबाना डागर (जयपुर), चारू गुप्ता (जयपुर), कमलेश बैरवा (टोंक) मंजू लाटा (सीकर), शालिनी पाठक (जयपुर) तथा रूपा यादव (जयपुर)) को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये गए। प्रत्येक संभाग से श्रेष्ठ कार्य करने वाली साथिन का चयन कर, उन्हें भी राज्य स्तर पर पुरूस्कृत किया गया। जिनमें भीलवाडा जिले की बंसंती गुर्जर, सवाई माधोपुर की मंजू वैेष्णव, बून्दी की कल्पना शर्मा, जैसलमेर की गीता बैरवा, उदयपुर की ममता सुथार, हनुमानगढ की मैना देवी एवं झुन्झुनू की संतोष देवी को उल्लेखनीय कार्य के लिए श्रेष्ठ साथिन के रूप में सम्मानित किया गया। सामूहिक विवाह आयोजन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कोटा की गैर सरकारी संस्था पंचायत अंसारियान समिति को भी पुरूस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त समेकित बाल विकास सेवा के तहत् श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ता कान्ता देवी, आशा सहयोगिनी गायत्री शर्मा एवं सहायिका प्रेम मीना को भी सम्मानित किया गया।योजनाओं की जानकारी एवं बाल विवाह की रोकथाम हेतु यूएनएफपीए के सहयोग से इन्टरनेट आधारित रेडियो चैनल नौबतबाजा की भी लॉन्चिंग की गयी। समारोह के दौरान पोषण पखवाडे का शुभारंभ किया गया तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं पोषण अभियान आदि के पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन किया गया तथा योजनाओं की प्रदर्शनी भी समारोह स्थल पर लगाई गयी। विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभार्थी महिलाओं द्वारा अपने अनुभवों का आदान प्रदान भी किया गया। राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न जिलों एवं राज्य भर से लगभग 600 महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा कार्यक्रम में विभाग की सचिव श्रीमती गायत्री राठ़ौड एवं महिला अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री पी.सी. पवन भी उपस्थित रहे।

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