अटल नवाचार मिशन को मिली जारी रखने की मंजूरी

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नई दिल्ली

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल नवाचार मिशन (एआईएम) जारी रखने, स्कूली स्तर बड़ी सफलता को ध्यान में रखते हुए, 10,000 स्कूलों के लिये अटल टिंकरिंग लैबों के विस्तार के लिये अटल नवाचार मिशन द्वारा वर्ष 2019-20 तक 1,000 करोड़ रूपये तक की लागत पूरी करने को अपनी मंजूरी दे दी है।

विवरण

·   अटल नवाचार मिशन के तहत देश में नवाचार को बढ़ावा देने और समर्थन करने के लिये बहुविध कार्यक्रम शामिल हैं।

·  हजारों स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किये जा रहे हैं। विश्वविद्यालयों और उद्योगों के लिये विश्वस्तरीय अटल इंक्यूबेशन केंद्र (एआईसी) और अटल कम्युनिटी इनोवेशन केंद्र (एसीआईसी) स्थापित किये जा रहे हैं।

·  अटल न्यू इंडिया चैलेंज (एएनआईसी) के माध्यम से राष्ट्रीय प्रासंगिकता और सामाजिक महत्व के क्षेत्रों में उत्पाद विकास बढ़ावा देना।

वित्तीय लागत   

·         प्रत्येक एटीएल को पहले वर्ष में 12 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है और एटीएल उपकरणों के रखरखाव तथा संचालनात्मक खर्चें के तौर पर अगले चार वर्षों के लिये अधिकतम 2 लाख रूपये प्रतिवर्ष दिये जाते हैं।

·         प्रत्येक चयनित अटल इंक्यूबेशन केंद्र (एआईसी) को प्रतिवर्ष के हिसाब से 3 से 5 वर्षों में अधिकतम 10 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जायेगा, जो उपलब्धियों की समीक्षा और प्रमाण के आधार पर होगा।

·         अटल न्यू इंडिया चैलेंज (एएनआईसी) के तहत इन्नोवेटरों को वाणिज्यीकरण और प्रौद्योगिकी अनुदान के रूप में अधिकतम 1 करोड़ रूपये दिये जायेंगे।

प्रभाव  

·         मिशन के तहत अनेक सशक्त और अग्रगामी कदम उठाय़े गये हैं, जैसे अटल टिंकरिंग लैब और अटल इंक्यूबेशन केंद्र। इन पर काफी जोर दिया गया है।

·         अटल नवाचार मिशन की मदद और तकनीकी सहायता से  भारत सरकार के कई मंत्रालयों/विभागों ने नवाचार से जुड़ी गतिविधियां शुरू की हैं।

·         अटल टिंकरिंग लैब कार्यक्रम के तहत, 2020 तक 10,000 से अधिक स्कूलों में इन लैबों की स्थापना होने की संभावना है।

·         देशभर में 100 से अधिक अटल इंक्यूबेशन केंद्र स्थापित होने की संभावना हैं, जिससे पहले के 5 वर्षों में कम से कम प्रत्येक 50-60 स्टार्टअपों को सहायता मिलेगी।

·         100 से अधिक इन्नोवेटरों/स्टार्टअपों को अपने नवाचारों को उत्पाद का रूप देने में कुछ सहायता मिलने की संभावना है।

·         मंत्रालयों के माध्यम से समर्थित अन्य कार्यक्रमों से और भी अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

·         प्रत्येक इंक्यूबेटर से प्रत्येक 4 वर्ष में प्रोद्योगिकी चालित 50-60 नवाचार स्टार्टअपों का पोषण होने की आशा है।

·         इस प्रकार 100 से अधिक इंक्यूबेटरों की स्थापना से 5,000-6,000 नवाचार स्टार्टअपों का पोषण हो सकेगा और नये इंक्यूबेटरों की स्थापना से इसकी संख्या में और अधिक वृद्धि होगी।

·         इन नवाचार चालित स्टार्टअपों से रोजगार की अत्यधिक संभावना है।

रणनीति का कार्यान्वयन और लक्ष्य     

अटल नवाचार मिशन के तहत खुली, प्रतियोगी, ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी का चयन किया जाता है और सीधे तौर पर अनुदान का वितरण  किया जाता है। इतना ही नहीं, अटल टिंकरिंग लैबों और अटल इंक्यूबेशन केंद्रों आदि में क्षमता निर्माण के लिये मौजूद अटल इन्नोवेशन मिशन के विशेषज्ञ और नेटवर्क से देशभर में अनेक प्रकार की जनसंख्या आपस में जुड़ती है। इसके अलावा, कंपनियां और अंतर्राष्ट्रीय साझेदार भी अटल नवाचार मिशन के लाभार्थियों से जुड़े हैं, जिससे शिक्षाजगत, नवाचार और स्टार्टअप प्रणाली के बीच सूचना और प्रोद्योगिकी का प्रवाह सुनिश्चित होने के साथ-साथ अटल नवाचार मिशन की पहलों की सफलता सुनिश्चित होती हैं। अब तक, देशभर में 5441 अटल टिंकरिंग लैबों का चयन किया गया है, जिनमें से 623 जिलों के 2171 अटल टिंकरिंग लैबों को अपने संबंधित स्कूलों में लैबों की स्थापना के लिये अनुदान राशि की पहली किस्त का भुगतान हो चुका है। देशभऱ में 101 अटल इंक्यूबेशन केंद्रों का चयन किया गया है, जिसमें से 31 केंद्रों को अनुदान की पहली  किस्त का भुगतान किया गया है।

देशभर में 24 अटल न्यू इंडिया चैलेंज (एएनआईसी) की शुरूआत की गयी है और 800 से अधिक आवेदन प्राप्त किये गये हैं। प्रत्येक एएनआईसी से 2-3 विजेताओं का चयन किया जायेगा और निर्धारित लक्ष्य की समीक्षा और प्रमाण के आधार पर तीन किस्तों में अधिकतम 1.0 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जायेगा।

अटल नवाचार मिशन के मेंटर ऑफ चेंज कार्यक्रम में अटल टिंकरिंग लैबों की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से, विभिन्न व्यावसायिक पृष्ठभूमि के सुयोग्य वेटरों का चयन किया जाता है, जो अनेक कौशलों के बारे में अटल टिंकरिंग लैबों के छात्रों को संरक्षण प्रदान करते हैं। ये मेंटर स्कूल के प्रशासकों का भी  सहयोग करते हैं, ताकि अटल नवाचार मिशन के निर्देशों के अनुसार अटल टिंकरिंग लैबों का संचालन सुनिश्चित हो। अब तक 2500 से अधिक मेंटर पूरी सक्रियता से 1,300 से अधिक स्कूलों में छात्रों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि         

 अटल नवाचार मिशन का लक्ष्य देशभर के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और उद्योगों में नवाचार और उद्यमिता का एक वातावरण तैयार करना और उसे बढ़ावा देना है। वर्ष 2015 के बजट भाषण में वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार, इस मिशन को नीति आयोग के तहत स्थापित किया गया है।

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