नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के चौथे चरण में 9 राज्यों की 72 सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज ईवीएम में कैद हो जाएगा.चौथे चरण का चुनाव बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों के लिए यह चरण काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इन 72 में से 56 सीटों पर उन्हें जीत मिली थी. बाकी 16 सीटों में से दो पर कांग्रेस को जीत मिली थी जबकि शेष सीटें तृणमूल कांग्रेस (6) और बीजेडी (6) जैसी विपक्षी पार्टियों के खाते में गई थीं. राजस्थान और मध्य प्रदेश की कुल 54 सीटों पर मतदान की शुरुआत चौथे चरण यानी आज से होगी. साल 2014 में इन दोनों राज्यों की कुल 54 सीटों में से 52 पर बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली थी. पिछले साल इन दोनों राज्यों की सत्ता में वापसी कर कांग्रेस ने अपनी स्थिति 2014 के मुकाबले काफी मजबूत कर ली है.

चौथे चरण के चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र की सभी सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा. महाराष्ट्र में विपक्षी कांग्रेस को उत्तरी महाराष्ट्र और मुंबई में अपना खोया जनसमर्थन फिर से हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी को भी ठाणे जिले और पश्चिमी महाराष्ट्र में फिर से वापसी का इंतजार है. चौथे चरण में महाराष्ट्र की जिन 17 सीटों पर मतदान होना है, वे सभी सीटें 2014 में बीजेपी ने जीती थीं. राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर 2014 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन अब कांग्रेस पहले के मुकाबले मजबूत नजर आ रही है. लिहाजा बीजेपी के लिए यह राह आसान नहीं होगी.

उत्तर प्रदेश में आज जिन 13 सीटों पर मतदान होना है, उनमें ज्यादातर पर बीजेपी और एसपी-बीएसपी गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है. साल 2014 में बीजेपी ने इन 13 सीटों में से 12 पर जीत दर्ज की थी. कम से कम तीन सीटों-उन्नाव, फर्रुखाबाद और कानपुर, पर कांग्रेस की अच्छी मौजूदगी हैय अनु टंडन उन्नाव, सलमान खुर्शीद फर्रुखाबाद और श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. पश्चिम बंगाल के चार जिलों में फैली आठ लोकसभा सीटों पर आज मतदान होगा. ओडिशा की जिन छह सीटों पर सोमवार को मतदान होगा, उन पर 2014 में बीजेडी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार बीजेपी बीजेडी के जनाधार में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रही है. राज्य की 41 विधानसभा सीटों पर भी सोमवार को ही मतदान होना है. राज्य में कुल 147 विधानसभा सीटें हैं.

बिहार में जिन पांच लोकसभा सीटों पर मतदान होना है, वे सभी सीटें अभी बीजेपी और उनकी सहयोगी पार्टियों के पास हैं. इस बार बीजेपी और उनकी सहयोगी पार्टियों को आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन से अच्छी चुनौती मिलती दिख रही है.  खासकर बेगूसराय सीट पर लोगों की नजरें हैं, जहां सीपीआई के कन्हैया कुमार और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के बीच मुकाबला बताया जा रहा है.

The post आखिर NDA के लिए क्यों चुनौती माना जा रहा है चौथे चरण का चुनाव appeared first on SAMACHAR BHARTI.