सेड़वा। निकटवर्ती गांव पश्चिमी रामदेरिया के निवासी दानाराम पुत्र पहाड़ाराम मेघवाल ने विज्ञान वर्ग में 92.60 प्रतिशत अंक हासिल कर एक बार फिर इतिहास रचा है हालांकि सत्र 2016-17 में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भाडा में पढ़ते हुए 90.50 प्रतिशत अंकों से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। कहते हैं आगे बढ़ने वाले अपना लक्ष्य स्वयं तय करते हैं चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो। कुछ इसी तरह सीमावर्ती क्षेत्र में अति पिछड़े वर्ग व अति साधारण परिवार में पैदा हुए दानाराम का घर भारत-पाक सीमा से महज 150 मीटर ही दूर है। घास फूस से निर्मित इस ढाणी में न बिजली न पानी और न ही कोई आधुनिक सुविधाएं हैं। प्रतिदिन आठ किलोमीटर पैदल आवागमन कर सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले दानाराम मेघवाल ने विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना निरंतर संघर्ष जारी रखा जिसका परिणाम आपके सामने है। परिवार में माता-पिता, दो बहनें व तीन भाई हैं जिनमें से बड़ा भाई नन्दूराम मेघवाल पिछली भर्ती में चयनित तृतीय श्रेणी शिक्षक है और छोटा भाई आठवीं कक्षा में अध्ययनरत है। बहनों की पढ़ाई भी जारी है। दानाराम मेघवाल की निरंतर मेहनत व सफलता को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को हिन्दू जन चेतना संगठन के कार्यकर्ता विरमदेव बूड़ीया, कनिष्ठ लिपिक धनाराम सारण, के.वी. अध्यापक अचलाराम सारण, काॅन्स्टेबल नगाराम मूंढण सहित कई लोगों ने उसके घर पहुंच कर स्वागत-सत्कार कर मुंह मीठा कराया बधाइयां दी व होनहार प्रतिभा के उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामना की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here