नरेगा में बने टांके हुए धवस्त कई घरो के मकान गिरने की कंगार पर,
बिना परमिशन और आर्डर के एल टी फॉर ब्लास्टिक मशीनो से हो रहा है ब्लास्ट
रिपोर्ट-भुट्टाखान
बाड़मेर/चौहटन-ग्राम बाछडा़ऊ ग्राम के बामणोर सड़क व दुधिया गांव जाने वाली दोनो सड़क के पास बनी पहाड़ियां पर इन दिनो एलटी फॉर मशीनों से भारी मात्रा में अवैध रात के समय ब्लास्ट हो रहा है, ग्रामीणो नें कई बार खनन विभाग, पुलिस प्रशासन सहित जिम्मेदार विभागो को मौखिक व लिखित में कई बार अवगत करवाने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नही कर रहा है, ऐसे में खनन माफियां के हौसले बुंलद है, अपनी मर्जी के अनुसार भारी मात्रा में बारुद से पत्थर तोडनें में ब्लास्ट कर रहै है!हैं। सुरक्षा मानकों को ताक पर रख देने से उड़ते पत्थरों से ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी हुई है। ब्लास्टिंग का कोई समय तय नहीं है। धमाके से उड़कर आते पत्थरों से जान-माल की हानि का खतरा बना हुआ है।
यहां वर्षों पूर्व गांव में स्थित पहाड़ी का अस्तित्व कायम था, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया खनन माफियाओं ने पूरी पहाड़ी को ही नष्ट कर दिया। यहां खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि राजनीतिक पहुंच के चलते अब उन्हें किसी भी आदेश और कानून से डर नहीं लगता है। आसपास निवास करने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
बाछडाऊ पहाड़ी पर किए जा रहे ब्लास्ट से परेशान आसपास के लोगों ने खान विभाग के निदेशक कई बार बारूदी ब्लास्टिंग को रुकवाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में कई प्रशासनिक विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित में अवगत करवाया है मगर लीज धारक की राजनीतिक पहुंच होने के कारण इस संबंध में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नरेगा में बने लाखों रुपये की लागत से बने टांके व बॉरवेल ध्वस्त
पहाडी़ के पास निवास करने वाले लोगो के मकानो सहित लाखो रुपये की लागत से नरेगा योजना के तहत टांके व बॉरवेल अवैध ब्लास्टिक से ध्वस्त हो गए है, तथा आसपास की पुरी आबादी के घरो में मकानो में भारी दरारे आ गई है, इसके बावजूद भी ब्लास्टिक का काम जौरो पर चल रहा है,
बिना ऑर्डर वह परमिशन एल टी फॉर ब्लास्टिक मशीनो से हो रहा है ब्लास्ट
बाछडाऊ पहाडी पर बिना परमिशन एल टी फॉर ब्लास्टिक मशीन से भारी मात्रा में ब्लास्ट हो रहा है, आसपास के निवास करने वाले लोगो व के मकानो में बडी बडी दरारे आ गई है, कुछ लोगो के नरेगा के तहत बने टांको पर छते टुट गई व जर्जर हालात में है, वही पास में बने सरकारी विधालय के भवन में दरारें आने से हमेशा हादसे की आशंका रहती है,
विभाग नही कर रहा है कार्यवाही.इसको लेकर कई बार विभाग के लोगो को लिखित में अवगत करवाने के बाद कार्यवाही नही कर रहा है, कई बार इस पहाडी, पर निरीक्षक करने के लिए खनिज विभाग के अधिकारी का आना जाना रहता है लेकिन कार्यवाही पर आंखे मुद लेते है! इतना ही नहीं लीज की आड़ में मनमर्र्जी से पहाड़ी क्षेत्र में खनन कर रहे है। खनन से आए दिन होने वाले ब्लास्ट से आस-पास के लोगों के साथ वन्य जीवों के प्राणों पर संकट खड़ा हो रहा है। इतना कुछ होने के बाद भी खनन विभाग व राजस्व विभाग लीज धारकों की खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहा है।
आसपास के पहाड़ो से गायब हो रही है प्रकृति
अवैध खनन से पहाड़ी क्षेत्र तहस-नहस हो रहा है। पहाड़ों पर अवैध खनन से 50-60 फीड़ तक के गहरे गड्ढे पड़े हुए है। अवैध खनन से पहाड़ों से हरियाली व पेड़ भी उजड़ रहे है। अवैध खनन से पर्यावरण को भी खासा नुकसान हो रहा है। हरियाली से आच्छादित रहने वाले पहाड़ नंगे हो गए है। ऐसे में मवेशी पालकों के सामने भी मवेशियों के विचरण की समस्या खड़ी हो रही है! पहाड़ों में प्रकृति से उत्पन्न होने वाले वृक्ष पौधे का धीरे-धीरे बीत गया है मानो कोई रेगिस्तान का टीला हो
ग्रामीणों का कहना
पुर्व में नरेगा योजना के तहत टांका का निर्माण करवाया लेकिन ब्लास्ट से पुरा टांका भरभरा कर ध्वस्त हो गया है, तथा घरो में बने मकानो में दरारे आने से हमेशा हादसे का डर रहता है! हमारे पूरे परिवार में और आसपास के लोगों में यह डर बना रहता है कि कभी भी हम पर प्लास्टिक की वजह से कोई बड़ी आप बता सकती हैं
दलाराम ग्रामीण बाछडा़ऊ
मेरे सुनने में ऐसा कोई मामला नही आया है।अगर वहाँ पहाड़ियों इस तरह की अवैध ब्लास्टिंग चल रही है।तो
हम खनन विभाग के समक्ष कार्यवाही जरूर करेगे
वीरमाराम उपखंड अधिकारी चौहटन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here