जयपुर। उद्योग आयुक्त एवं सचिव सीएसआर डॉ. कृृष्णाकांत पाठक ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने में सीएसआर गतिविधियों के विस्तार और सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। डॉ. पाठक सोमवार को होटल हिलटन में उद्योग व चिकित्सा विभाग एवं पाथफाईण्डर इन्टरनेशनल के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित सीएसआर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रमों को विस्तारित और दूर दराज तक पहुंच बनाने में औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी आगे आना होगा। कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उददेश्य सैक्सुअल एण्ड रिप्रोडिक्टव हेल्थ राइट्स के अनुसार परिवार कल्याण सेवाओं में सीएसआर की सहभागिता को बढावा देने के साथ ही राजस्थान राज्य में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों में समग्र सुधार की दिशा में सहभागिता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर 30 प्रतिशत और 10 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर को कम करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। स्टेट नोडल ऑफिसर परिवार कल्याण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग डॉ. धर्मेश आर्य ने बताया की वर्तमान में हमारे राज्य की कुल प्रजनन दर 2.4 है जो कि बहुत अधिक है तथा मातृ मृत्यु दर 199 है व शिशु मृत्यु दर 41 है जो कि देश की औसत दर के मुकाबले बहुत अधिक है यदि इनको कम करना है तो परिवार कल्याण सेवाओं को बेहतर बनाना होगा जिसमें सीएसआर की भागीदारी बहुत महत्तवपूर्ण है। कार्यशाला में चम्बल फर्टिलाइजर्स से श्री विकास भाटिया, एनटीपीसी अन्ता से श्री एस.के.गुप्ता, केर्यन इण्डिया से श्री राहुल गुप्ता एवं हेवल्स इण्डिया से श्री आर.के.कजला ने अपने अनुभव साझा किये ।कार्यशाला में उद्योग विभाग से डॉ. निधि शर्मा उप निदेशक, श्री आशिष शर्मा, श्री प्रशांत सैनी एवं पाथफाइण्डर से श्री नयन चक्रवर्ती, सुश्री सोनिका शर्मा तथा मायलन फार्मा से श्री अखिल अग्रवाल ने भाग लिया ।

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