भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से कोषों दूर भाचुंदा गांव

पाली जिले के सुमेरपुर तहसील का जालोर जिले का सीमावर्ती गांव भाचुंदा स्वच्छता के मामले में कोषों दूर है। एक ओर जहां माननीय प्रधानमंत्री सहित पूरी भारत सरकार स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रही हैं। वही भाचुंदा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सहित स्थानीय तहसील एवं जिला प्रशासन भी बेखबर बना हुआ है। गांव के वार्ड संख्या नौ से तो निकलना भी दुर्लभ हो गया है। फिर भी प्रशासन और स्थानीय जन प्रतिनिधि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। फिलहाल क्षेत्र में शीतलहर भी चल रही हैं। इस कारण गांव की गली गली में भरा पड़ा गंदा पानी की निकासी न होने की वजह से कई प्रकार की बीमारियों को जन्म दे रही हैं। लगातार कई महीनों से पडे़ इस गंदे पानी के लिए कई तो नालियाँ नही बनी हुई हैं, अगर कई है तो वहाँ निकासी की सुविधा नहीं है और न ही इस गंदगी में ग्राम पंचायत सहित प्रशासन द्वारा कीटाणुनाशक दवाईयाँ का छिड़काव किया जा रहा है। भाचुन्दा गांव में स्कूल के आस पास और मुख्य सड़क पर तो गंदगी ओर भी बदतर ढंग से फैली हुई हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। लोगो को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। गंदगी की वजह से कही तरह की बीमारियां होने का खतरा सदैव क्षेत्र में बना रहता है। गांव वालो ने अधिकारीयो से बात की, लेकिन वे आश्वासन दे देते हैं। परंतु स्वच्छता के नाम पर कुछ नही करवाया है। एक तरफ जहां सरकार स्वच्छता के लिए देशभर में जोर दे रही हैं। वही दूसरी ओर स्थानीय प्रतिनिधियों की ऐसी बेरुखी कही न कही क्षेत्र में भयंकर बीमारी को जन्म देने में सहायक हो सकती हैं।

 

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