जोधपुर  पर्यवारण संरक्षण को लेकर पूरी दुनिया चिंतित हैं लेकिन चुनाओ में कभी पर्यवारण मुद्दा नही बनता न ही राजनीति पार्टिया इसको अपने घोषणा पत्र में शामिल करती है लेकिन गांव एकलखोरी ओसिया निवासी विशेक विश्नोई पर्यवारण मुदो को लेकर चुनाव लड़ेंगे, बिश्नोई पर्यवारण प्रेमी राणाराम बिश्नोई के बेटे है जो ट्री मैन नाम से विख्यात हैं राजस्थान में सम्पन हुए विधानसभा चुनाव में भी अपना भाग्य आजमाया था। काफी वोट लाने में सफल रहे ,राज्य में 16 बिगा जमीन बनाम 16 वादों को लेकर सोशल मीडिया के सुर्खीयाँ में आये थे। साथ ही अलग अलग तरीके से चुनाव प्रचार करके खूब जनता से वाहवाही लुटी थी। इन्होंने विधानसभा चुनावों में अलग तरह से ही चुनाव का प्रचार किया था। कभी उंट गाड़े पर, कभी मटकी से चंदा मांगा, कभी खटिया लेकर वोट मांगे थेे।। लेकिन इस बार मुद्दे सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुद्दे होंगे,मीडिया के मार्फत मोदी तक बात पहुँची तो जोधपुर रैली में प्रधानमंत्री ने विश्नोई समाज को चेम्पियमन ऑफ द अर्थ की संझा दी। लेकिन धरातल पर अभी तक कोई कार्रवाही नहीं हुई है। उन्होंने कहां खेजड़ली को राष्ट्रीय धरोहर, वैश्विक धरोहर घोषित किया जाए साथ ही विश्व में खेजड़ली बलिदान स्थल को पर्यटन स्थल में बदला जाये। और 363 शहीदों को पर्यावरण शहीद का दर्जा देवें।
विश्नोई ने बताया कि वो ग्लोबल ब्रांड खेजड़ली मुहिम को लेकर दस वर्षों से 363 शहीदों को राष्ट्रीय स्तर पर दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही इन्होंने सर्व समाज बैनर तले मिशन खेजड़ली ग्लोबल ब्रांड 363 के तहत जोधपुर, जयपुर दिल्ली में धरना व रैली का प्रदर्शन कर चुकें की, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई इसलिए लोकसभा के चुनाव लड़ेंगे उनका कहना है कि राजनीतिक पार्टियों को पर्यावरण संरक्षण की भी मांगो व योजनाओं को घोषणा में शामिल करना चाहिए

 

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