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<title>Marudhar Bharti &#45; : देश</title>
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<description>Marudhar Bharti &#45; : देश</description>
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<title>डॉ. चिन्मय पण्ड्या संग मंच साझा कर बोले ओम बिरला, अंतिम व्यक्ति तक जलती रहेगी अखंड ज्योति</title>
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<description><![CDATA[ माता भगवती देवी शर्मा जन्मशताब्दी महोत्सव में 20 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता, लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, अशांत दुनिया में गायत्री परिवार ने आध्यात्मिकता से दिखाई शांति की राहनई दिल्ली, 31 अक्टूबर : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण की अलख जगा रहा है। वे परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में 20 हजार से अधिक लोगों ने शिरकत की। महोत्सव के दलनायक डॉ चिन्मय पण्ड्या ने लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत और सम्मान किया।बिरला ने आध्यात्मिक क्षेत्र में गायत्री परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संस्था ने संस्कार निर्माण और मूल्यपरक शिक्षा के ज़रिए समाज में चेतना जागृत की है। अखंड दीप के सौ वर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “यह अखंड ज्योति तब तक जलती रहेगी, जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रकाश नहीं पहुँच जाता।”वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज जब दुनिया के कई देशों में अशांति फैली है, ऐसे दौर में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने आध्यात्मिकता के ज़रिए शांति स्थापना की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा, “गाँव-गाँव में परिवार निर्माण और व्यक्ति निर्माण के ज़रिए राष्ट्र निर्माण का संकल्प पूरा हो, ऐसी कामना करता हूँ।”उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 गायत्री परिवार के लिए तीन शताब्दियों का संगम है। यह माता भगवती देवी शर्मा के जन्म, अखंड दीप के प्रज्वलन और युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष पूरे होने का वर्ष है। डॉ चिन्मय पण्ड्या के अनुसार यह केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सौ वर्षों की साधना, त्याग और समर्पण का ऐतिहासिक पड़ाव है।समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी लोकसभा अध्यक्ष के साथ मंच साझा किया। सिंधिया ने उपस्थित जनसमुदाय से तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। पहला, मातृत्व, प्रेम और भाईचारे का प्रचार और प्रसार। दूसरा, समाज के हर क्षेत्र में नारी का सम्मान और उन्हें आगे बढ़ाना। तीसरा, भारतीय संस्कृति का निरंतर संरक्षण और संवर्धन करते हुए उसे आने वाली पीढ़ी को समर्पित करना और नई पीढ़ी में आध्यात्मिक चेतना तथा राष्ट्र निर्माण की भावना का विकास करना। डॉ चिन्मय पण्ड्या ने केंद्रीय मंत्री का भी सम्मान किया।महोत्सव का प्रथम चरण इसी वर्ष हरिद्वार के वैरागी द्वीप पर संपन्न हुआ था, जिसमें लाखों गायत्री परिजन शामिल हुए। दिल्ली में आयोजित द्वितीय चरण में वर्ष की शुरुआत में लिए गए संकल्पों की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया जा रहा है। देशभर से 20 हजार से अधिक लोग इस आयोजन में शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में युवा भी हैं। आयोजकों के अनुसार यह अनुभवी पीढ़ी और युवा शक्ति के बीच संवाद का अवसर भी है।आयोजकों का कहना है कि महोत्सव का उद्देश्य राजतंत्र की व्यवस्था शक्ति और धर्मतंत्र की नैतिक चेतना को लोकमंगल के लिए एक साथ लाना है। युगऋषि ने समाज परिवर्तन के लिए शासन और अध्यात्म के सकारात्मक समन्वय को आवश्यक माना था, और दिल्ली का यह आयोजन उसी विचार को आगे बढ़ाने का प्रयास है।महोत्सव का पहला दिन मातृशक्ति और नारी जागरण, दूसरा दिन वसुधैव कुटुम्बकम् और विश्व बंधुत्व, तथा तीसरा दिन युग निर्माण के महासंकल्प को समर्पित है। आयोजकों के अनुसार उद्देश्य यही है कि समारोह में लिए गए संकल्प केवल घोषणाएँ न रहें, बल्कि जनजीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बनें। नवंबर में हरिद्वार में प्रस्तावित चिंतन कार्यक्रमों के माध्यम से इन योजनाओं को और विस्तार दिया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Oct 2026 18:45:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., चिन्मय, पण्ड्या, संग, मंच, साझा, कर, बोले, ओम, बिरला, अंतिम, व्यक्ति, तक, जलती, रहेगी, अखंड, ज्योति</media:keywords>
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<title>Gayatri Parivaar: 31 अक्टूबर से दिल्ली में जन्मशताब्दी महोत्सव, डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताई रूपरेखा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : अखिल विश्व गायत्री परिवार के लिए वर्ष 2026 सौ वर्षों की साधना, त्याग और समर्पण की गौरवशाली यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म, अखंड दीप के प्रज्वलन और युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जन्मशताब्दी महोत्सव का दूसरा चरण 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय यह महोत्सव नारी जागरण, विश्व बंधुत्व और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों को नई दिशा देने के साथ आध्यात्मिक चेतना को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने का व्यापक मंच बनेगा।जन्मशताब्दी महोत्सव के दलनायक डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक शताब्दी की तपस्या और उसके माध्यम से विकसित विचारधारा को जनजीवन में उतारने का अवसर है। इसका उद्देश्य व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों की समीक्षा करना तथा आने वाले वर्षों के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।उन्होंने बताया कि जन्मशताब्दी महोत्सव का पहला चरण हरिद्वार में गंगा की दो धाराओं के बीच स्थित वैरागी द्वीप पर आयोजित किया गया था। श्रद्धा, साधना और जनसहभागिता से परिपूर्ण इस आयोजन ने देशभर के गायत्री परिजनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। अब दिल्ली में होने वाला दूसरा चरण इसी चेतना को व्यापक सामाजिक सहभागिता और रचनात्मक कार्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।डॉ. पण्ड्या के अनुसार, दिल्ली में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देशभर से लगभग 24 हजार चयनित प्रतिभागियों को आमंत्रित करने की योजना है। इनमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के साथ 10 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता अपेक्षित है। आयोजन के माध्यम से अनुभवी पीढ़ी के ज्ञान, जीवन मूल्यों और सामाजिक अनुभवों को युवा शक्ति की ऊर्जा, नवाचार और संकल्प के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।शासन, प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक जगत से जुड़ी प्रमुख विभूतियों को भी आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की प्रस्तावित सहभागिता इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करती है।डॉ. पण्ड्या ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की विचारधारा में शासन की व्यवस्थागत शक्ति और अध्यात्म की नैतिक चेतना का समन्वय समाज कल्याण के लिए महत्वपूर्ण रहा है। जन्मशताब्दी महोत्सव इसी विचार को समकालीन संदर्भों में आगे बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में नैतिक मूल्यों की भूमिका को सशक्त करने का प्रयास है।महोत्सव के तीनों दिन विशिष्ट विषयों और सामाजिक उद्देश्यों पर केंद्रित होंगे।पहला दिन: मातृशक्ति और नारी जागरणमहोत्सव का पहला दिन परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जीवन, उनके त्याग, साधना और महिला सशक्तीकरण में योगदान को समर्पित रहेगा। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने की योजना है। साथ ही, माताजी की जन्मशताब्दी के अवसर पर स्मारक डाक टिकट और सिक्के के प्रस्तावित विमोचन की भी योजना है। यह दिवस नारी शक्ति की सामाजिक भूमिका, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान पर विचार-विमर्श का अवसर बनेगा।दूसरा दिन: वसुधैव कुटुम्बकम् और विश्व बंधुत्वदूसरे दिन का प्रमुख विषय विश्व बंधुत्व, सांस्कृतिक एकता और मानवता का साझा भविष्य होगा। अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों, समाजों और समुदायों के बीच सद्भाव तथा सहयोग की भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रस्तावित सामूहिक दीपयज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प व्यक्त किए जाएंगे।तीसरा दिन: युग निर्माण का महासंकल्पमहोत्सव का तीसरा दिन व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य को समर्पित रहेगा। इसमें पहले से संचालित रचनात्मक अभियानों की प्रगति की समीक्षा, भविष्य की प्राथमिकताओं का निर्धारण और सामाजिक परिवर्तन के लिए नई कार्ययोजनाओं पर विचार किया जाएगा। विशेष जोर इस बात पर रहेगा कि महोत्सव के दौरान लिए गए संकल्प केवल विचारों और घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बनें।डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जन्मशताब्दी महोत्सव का वास्तविक उद्देश्य एक शताब्दी से प्रज्वलित आध्यात्मिक चेतना को व्यापक सामाजिक जागरण में परिवर्तित करना है। युगऋषि की विचारधारा व्यक्ति के आंतरिक परिष्कार से लेकर परिवार की सुदृढ़ता और राष्ट्र के नैतिक उत्थान तक एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।उन्होंने बताया कि दिल्ली में होने वाले आयोजन के बाद नवंबर में हरिद्वार में प्रस्तावित चिंतन कार्यक्रमों के माध्यम से भविष्य की योजनाओं और अभियानों को आगे बढ़ाने की तैयारी है।डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जब साधना सेवा से जुड़ेगी, युवा शक्ति अनुभवी मार्गदर्शन से प्रेरित होगी और शासन व्यवस्था नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेगी, तभी व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का संकल्प व्यापक रूप से साकार हो सकेगा।जन्मशताब्दी महोत्सव इसी विचार को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है—एक ऐसी चेतना का निर्माण, जिसमें आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित व्यक्ति, सशक्त परिवार और उत्तरदायी समाज मिलकर नवयुग के निर्माण में सहभागी बनें। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Oct 2026 15:52:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>जेकेसी फाउंडेशन ने लॉन्च किया &amp;apos;ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक&amp;apos; अभियान</title>
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<description><![CDATA[ पहल का उद्देश्य स्कूलों, उच्च शिक्षा संस्थानों और कार्यस्थलों में डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि किसी की क्षमता को प्रयास की कमी न समझा जाएनई दिल्ली, 15 अक्टूबर : कई कक्षाओं में कोई न कोई ऐसा बच्चा होता है जो किसी मशीन के काम करने का तरीका बखूबी समझा सकता है, अनोखी कहानियाँ गढ़ सकता है या ऐसी पहेली सुलझा सकता है जिसे कोई और नहीं सुलझा पाता, लेकिन जब उससे ज़ोर से पढ़ने को कहा जाता है तो वह ठिठक जाता है। उससे कहा जाता है कि और मेहनत करो, ज़्यादा अभ्यास करो, ध्यान लगाओ। धीरे-धीरे बच्चा यह मानने लगता है कि कमी उसी में है।● विभिन्न अभियानों और आउटरीच कार्यक्रमों के ज़रिए अगले 5 वर्षों में 10 लाख लोगों तक पहुँचने का लक्ष्यडिस्लेक्सिया से जूझ रहे कई बच्चों के लिए असली संघर्ष यहीं से शुरू होता है। यह संघर्ष कठिनाई से नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास के खोने से पैदा होता है जो इस स्थिति के समय पर पहचाने न जाने से टूटने लगता है। इसी कमी को दूर करने के लिए जे.के. सीमेंट लिमिटेड की परोपकारी शाखा जेकेसी फाउंडेशन ने ‘ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक’ (Brilliantly Dyslexic) के शुभारंभ की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य डिस्लेक्सिया के प्रति व्यापक जागरूकता और समझ विकसित करना तथा ऐसा समावेशी वातावरण तैयार करना है, जहाँ लोग अपनी खूबियों को पहचान सकें और अपनी क्षमताओं को साकार कर सकें।डॉ. राघवपत सिंघानिया और श्रीमती सोनम सिंघानिया द्वारा स्थापित ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक उनके उस विज़न को साकार करता है, जिसके केंद्र में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जो डिस्लेक्सिया से प्रभावित लोगों को उनकी यात्रा के हर पड़ाव पर सहयोग दे। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए जेकेसी फाउंडेशन ने ऑर्किड्स फाउंडेशन (Orkids Foundation) के साथ साझेदारी की है, ताकि डिस्लेक्सिया से प्रभावित लोगों के लिए जागरूकता और सहयोग को मिलकर मज़बूत किया जा सके। इस पहल का मूल उद्देश्य डिस्लेक्सिया को एक सीमा के रूप में देखने के बजाय सीखने के एक अलग तरीके के रूप में देखने की सोच विकसित करना है, जिसे सही सहयोग और प्रोत्साहन से निखारा जा सकता है। विभिन्न अभियानों और आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से यह पहल 5 वर्षों में 10 लाख लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है।पहल के बारे में बात करते हुए जे.के. सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक के संस्थापक डॉ. राघवपत सिंघानिया* ने कहा, *”हर बच्चा अलग तरीके से सीखता है, लेकिन अक्सर हम सीखने के अलग तरीके को क्षमता या प्रयास की कमी मान बैठते हैं। जिस बच्चे को शुरुआत में ही समझा नहीं जाता, वह अपनी असली क्षमताओं के सामने आने से बहुत पहले ही खुद पर भरोसा खो सकता है। यही इस पहल को शुरू करने की वजह है। हमारा विज़न हमेशा से ऐसे अवसर तैयार करना रहा है जो लोगों को अपनी क्षमता को साकार करने में सक्षम बनाएँ, और ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक इसी दिशा में एक कदम है।”*इसमें जोड़ते हुए ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक की सह-संस्थापक श्रीमती सोनम सिंघानिया ने कहा,* *”जब हम अंतर को शुरुआत में ही पहचान लेते हैं और सही सहयोग देते हैं, तो खूबियों और रचनात्मकता को फलने-फूलने का अवसर मिलता है। हम अधिक समावेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि डिस्लेक्सिया से प्रभावित लोगों की पहचान इस बात से न हो कि वे कैसे सीखते हैं, बल्कि इस बात से हो कि वे क्या योगदान दे सकते हैं।”*ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक के माध्यम से जेकेसी फाउंडेशन का लक्ष्य, विशेषकर स्कूलों में, डिस्लेक्सिया की शुरुआती पहचान को प्रोत्साहित करना और सीखने की विविध ज़रूरतों को ध्यान में रखने वाली शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है, ताकि शिक्षक, अभिभावक और छात्र सही समय पर सही सहयोग दे सकें।भारत सरकार की प्रगतिशील नीतियाँ, जिनमें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act), 2016 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 शामिल हैं, सीखने संबंधी अक्षमताओं (लर्निंग डिसेबिलिटी) की शुरुआती पहचान और सहयोग को अनिवार्य बनाकर एक मज़बूत आधार तैयार करती हैं। ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक इसी दूरदर्शी ढाँचे को आगे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इनका लाभ देश के हर बच्चे तक पहुँचे। शुरुआती स्क्रीनिंग से लेकर ज़रूरत के अनुरूप सुधारात्मक सहायता (रेमेडिएशन) और प्रगति की निगरानी तक एक सुगम, बहुवर्षीय व्यवस्था तैयार करके यह पहल छात्रों को समावेशी कक्षाओं में आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है, और साथ ही एक अधिक मज़बूत और समतापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान देती है।यह पहल समावेशन के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाती है और मानती है कि सहयोग स्कूल के दायरे से आगे भी जारी रहना चाहिए। जब छात्र उच्च शिक्षा और फिर कार्यस्थल की ओर बढ़ते हैं, तब ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक का लक्ष्य सुलभ शिक्षण पद्धतियों, सहायता प्रणालियों और ऐसे कार्य-वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जो लोगों को उनकी खूबियों के बल पर योगदान देने का अवसर दें। यह पहल संस्थानों और संगठनों को सीखने, संवाद करने और समस्याएँ सुलझाने के विविध तरीकों के प्रति अधिक संवेदनशील बनने के लिए भी प्रेरित करती है।जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ब्रिलियंटली डिस्लेक्सिक डिस्लेक्सिया को लेकर होने वाली चर्चा की दिशा भी बदलना चाहता है। यह उस रचनात्मकता, जिज्ञासा और अनूठे दृष्टिकोण को सामने लाता है, जो डिस्लेक्सिया से प्रभावित लोग कक्षाओं, कैंपस और कार्यस्थलों में लेकर आते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 12:20:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>डॉ. चिन्मय पंड्या का आह्वान: राष्ट्र निर्माण का संदेश जन&#45;जन तक पहुंचाना जरूरी</title>
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<description><![CDATA[ भारत मंडपम में गायत्री परिवार का &#039;राष्ट्र निर्माण संकल्प&#039; सम्मेलन संपन्न, 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने लिया सामूहिक संकल्पनई दिल्ली, 12 अक्टूबर: अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) की ओर से नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘राष्ट्र निर्माण संकल्प’ सम्मेलन आयोजित किया गया। माता भगवती देवी शर्मा जन्म शताब्दी महोत्सव की तैयारियों के तहत हुए इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और माताजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति और जन्म शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा, “राष्ट्र निर्माण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना आज समय की मांग है। इसके लिए नैतिक मूल्यों, सेवा, सदाचार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूकता को मजबूत करना होगा।”उन्होंने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी, अखंड दीप की शताब्दी और युग ऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की आध्यात्मिक तपस्या की शताब्दी मिलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त संदेश देती हैं। डॉ. पंड्या ने कहा, “वर्तमान समय भारतीय अस्मिता, आध्यात्मिकता और राष्ट्र की असीम क्षमताओं के जागरण का निर्णायक समय है।”मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि वर्तमान युग महाकाल के परिवर्तन चक्र का समय है और महिलाएं राष्ट्र पुनर्निर्माण की सशक्त वाहक बन रही हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक विकास कुमार, IAS ने कहा कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता, देशभक्ति और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी ही सशक्त भारत की नींव है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और सांसद अजय भट्ट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। डॉ. पंड्या ने अतिथियों को गायत्री महामंत्र चादर भेंट कर सम्मानित किया।दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) श्री संजय त्यागी, IPS ने भी डॉ. चिन्मय पंड्या से भेंट की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि डॉ. चिन्मय पंड्या ने जुलाई में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में ‘जिनेवा सेंटर फॉर सिक्योरिटी पॉलिसी’ (GCSP) के तत्वावधान में हुए वैश्विक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। यह सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उत्पन्न संभावित वैश्विक खतरों से निपटने के लिए साझा सुरक्षा मानकों पर केंद्रित था।माता भगवती देवी शर्मा जन्म शताब्दी का मुख्य तीन दिवसीय महोत्सव 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होगा। इसमें देश-विदेश से हजारों गायत्री परिजनों के शामिल होने की उम्मीद है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 19:35:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>परदादा लाइट के खंभे से गिरे थे, परपोते शिव मांडलिक ने वही खंभा जमीन पर उतार दिया</title>
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<description><![CDATA[    अहमदाबाद (गुजरात) [भारत] : साल 1956। गांव में लक्ष्मणभाई काम के लिए लाइट के खंभे पर चढ़े थे। न कमर में सेफ्टी बेल्ट थी, न नीचे कोई जाल। अचानक वे नीचे आ गिरे और फिर कभी नहीं उठे।सत्तर साल बाद उनके परपोते, अहमदाबाद के 18 वर्षीय शिव मांडलिक (Shiv Mandlik), एक ही सवाल के पीछे पड़े हैं: जब ऊंचाई से गिरना रोका जा सकता है, तो मजदूर आज भी क्यों मर रहे हैं? बारहवीं के यह छात्र तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं: मजदूरों के बीच, मशीन से और नीति से। नतीजा है प्रोजेक्ट वेव, निर्माण श्रमिकों के लिए देश की सबसे बड़ी युवा-संचालित गैर-लाभकारी संस्था, जो 1.05 लाख से ज्यादा मजदूरों तक पहुंच चुकी है।शिव मांडलिक ने परदादा को कभी देखा नहीं। करीब दस साल की उम्र में निर्माण व्यवसायी पिता नीरवभाई से यह किस्सा सुना। फिर एक दिन साइट पर एक मजदूर को उसी तरह गिरते हुए देखा। बकौल शिव मांडलिक, “सत्तर साल में इमारतें ऊंची होती गईं, मजदूर की हिफाजत वहीं की वहीं खड़ी रही।”शिव मांडलिक ने जून 2021 में, स्कूल में पढ़ते हुए ही, प्रोजेक्ट वेव की नींव रखी। आज 6 शहरों और 3 देशों में 150 स्वयंसेवक हैं, जनसहयोग से 18 लाख रुपये जुट चुके हैं और संस्था को भारत सरकार तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।पहला सबक नाकामी से मिला। सुरक्षा किट (पीपीई) मिलने के बाद भी कई मजदूर उसे पहनते नहीं थे। शिव मांडलिक ने तरीका बदला, साइट पर सुरक्षा कार्यशालाएं लगाईं और नुक्कड़ नाटक खेले। 13,000 किट बंट चुकी हैं और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल 12% से बढ़कर 75% हुआ है। वे कहते हैं, “किट देना आसान है, पहनवाना असली काम है।”संस्था ने धातु की चादरों (टिन शेड) से बने 4,900 आश्रय खड़े किए और 500 असंगठित मजदूरों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कराया, ताकि वे सरकारी बीमा और कल्याण योजनाओं से जुड़ सकें। माहवारी गरिमा अभियान में महिला श्रमिकों को 25,000 से ज्यादा सैनिटरी पैड बंटे और स्वच्छता अपनाने का अनुपात 9% से बढ़कर 86% हुआ।सबसे निजी अध्याय लाइट का एक खंभा है। परदादा की जान ऊंचाई पर चढ़ने ने ली थी, इसलिए शिव मांडलिक ने चढ़ने की जरूरत ही खत्म कर दी। उन्होंने मॉड्यूलर आर्म पोल (एमएपी) ईजाद किया, एल्युमिनियम अलॉय और एफआरपी से बना लाइट का खंभा, जिसका ऊपरी हिस्सा जमीन पर लगा हैंडल घुमाते ही लाइट समेत नीचे आ जाता है। मजदूर ऊपर नहीं जाता, खंभा नीचे आता है। इसका पेटेंट स्वीकृत और प्रकाशित हो चुका है।मॉड्यूलाइट नाम से इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ और लाइट के ऐसे 120 से ज्यादा खंभे साइटों पर लग चुके हैं। बिक्री 38 लाख रुपये पहुंच चुकी है और ग्राहकों में बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेट दिग्गज हैं।दूसरा आविष्कार है अल्ट्रा-लाइटवेट मेटामटीरियल बेस फ्रेम, पारंपरिक भारी लोहे के ढांचे का हल्का विकल्प। शिव मांडलिक ने एनएसजीए-II एल्गोरिदम को 50 पीढ़ियों तक चलाकर मानक आई-बीम बेस फ्रेम के मुकाबले 18.9 गुना सेफ्टी फैक्टर हासिल किया। यह भी पेटेंटशुदा है और 1 करोड़ रुपये का लीज समझौता हो चुका है।इन्हीं दो आविष्कारों ने शिव मांडलिक को इंडियन नेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर (इनसेफ) में 2,200 से ज्यादा प्रतिस्पर्धियों में पहला स्थान और राष्ट्रीय स्वर्ण पदक दिलाया। वे कहते हैं, “परदादा को मैं नहीं बचा सकता था। पर आज जो आदमी लाइट के खंभे पर चढ़ने वाला है, उसे शाम को घर लौटना चाहिए।”जहां चढ़ना टाला नहीं जा सकता, वहां शिव मांडलिक का सह-स्थापित, 5,000 से ज्यादा डाउनलोड वाला समरक्षक ऐप फोन के सेंसर से गिरना भांपता है और 60 सेकंड में जवाब न मिलने पर साइट मैनेजर को लोकेशन समेत आपात सूचना भेज देता है।शिव मांडलिक का तरीका हर बार एक है: समस्या नापो, हल बनाओ, फिर उसे एक साइट से पूरी व्यवस्था तक ले जाओ। इसीलिए प्रोजेक्ट वेव ने श्रमिक सुरक्षा नीति सख्त करने के लिए 8,000 से ज्यादा हस्ताक्षर भी जुटाए हैं।शिव मांडलिक टेडएक्स के दो मंचों से बोल चुके हैं, लखनऊ में आमंत्रित वक्ता के तौर पर। व्याख्यान “द ब्लड इन अवर ब्लूप्रिंट्स” का सार है कि हर इमारत किसी कुर्बानी पर खड़ी है और मजदूर की सुरक्षा नींव के साथ दफन कर दी जाती है। यह पहचान और विरासत की बात भी है: बीता कल तय करता है कि हम क्या बनते हैं। शिव मांडलिक का बीता कल 1956 का वही लाइट का खंभा है।शिव मांडलिक कहते हैं, “नक्शे में सीमेंट और सरिये का पूरा हिसाब होता है, मजदूर की जान का नहीं। मैं उस दिन के लिए काम कर रहा हूं जब कोई मजदूर गिरकर नहीं मरेगा और प्रोजेक्ट वेव की जरूरत ही नहीं रहेगी।”जिन साइटों पर आज लाइट का खंभा खुद मजदूर के पास उतर आता है, वहां 1956 की वह कहानी रोज पलटी जा रही है। शिव मांडलिक की जिद है कि अगली इमारत बिना कुर्बानी के खड़ी हो। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 21:40:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर गूंजा सड़क सुरक्षा का संदेश, नुक्कड़ नाटक के जरिए किया जागरूक</title>
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<description><![CDATA[ युग संस्कृति न्यास एवं EFKON STRABAG ने दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित किया ‘सुरक्षित सफर’ रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्रामनई दिल्ली  :  सड़क सुरक्षा के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से युग संस्कृति न्यास एवं EFKON STRABAG द्वारा दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से ‘सुरक्षित सफर’ रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर संजय त्यागी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में दिल्ली के यात्रियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य रचनात्मक एवं सहभागी माध्यमों के जरिए नागरिकों तक सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम की शुरुआत सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति से हुई। युग संस्कृति न्यास की विशेषज्ञ नुक्कड़ नाटक टीम ने प्रभावशाली एवं मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से ओवरस्पीडिंग, लापरवाही से वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों के सामने रखा।कलाकारों ने संवाद, अभिनय एवं रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। नुक्कड़ नाटक के दौरान कलाकारों ने आम नागरिकों को सड़क पर सतर्क एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।इसके पश्चात दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीम द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को यातायात नियमों, सड़क पर सुरक्षित व्यवहार तथा सड़क सुरक्षा के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। संवादात्मक सत्र के माध्यम से नागरिकों को सड़क पर सावधानी बरतने और यातायात नियमों का जिम्मेदारीपूर्वक पालन करने के लिए जागरूक किया गया।कार्यक्रम को और अधिक सहभागी बनाने के लिए युग संस्कृति न्यास की टीम ने उपस्थित दर्शकों से सड़क सुरक्षा से संबंधित बुनियादी प्रश्न पूछे। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन एवं प्रशंसा के प्रतीक के रूप में ‘टोकन ऑफ अप्रिसिएशन’ प्रदान किए गए। इस गतिविधि के माध्यम से दर्शकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई और सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को रोचक एवं संवादात्मक तरीके से दोहराया गया।कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्कल इंचार्ज इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत एवं ट्रैफिक पुलिस बल भवन SI अजय कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। युग संस्कृति न्यास की ओर से कार्यक्रम का नेतृत्व श्री राम अनुज तिवारी द्वारा किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता सत्र को जानकारीपूर्ण, प्रभावशाली और मनोरंजक बताते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों की सराहना की।‘सुरक्षित सफर’ रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित इस पहल के माध्यम से रचनात्मक एवं सहभागी माध्यमों से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेशों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि सड़क पर प्रत्येक व्यक्ति का जिम्मेदार व्यवहार न केवल उसकी अपनी सुरक्षा, बल्कि अन्य सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Oct 2026 15:10:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>हर बच्चे की थाली में सुरक्षित भोजन: पोषण, स्वच्छता और गुणवत्ता का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,28 सितंबर : किसी बच्चे के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन केवल एक थाली नहीं होता। वह उसके दिन की ऊर्जा, उसके स्वास्थ्य की जरूरत और कई बार उसके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा होती है। इसलिए बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केवल पेट भरने तक सीमित नहीं हो सकती। भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भी होना चाहिए।इसी सोच के साथ Annamrita Foundation बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पोषण के साथ स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मानता है। संस्था का प्रयास है कि बच्चों तक पहुंचने वाला प्रत्येक भोजन ऐसी व्यवस्था के माध्यम से तैयार हो, जिसमें साफ-सफाई, सुरक्षित खाद्य सामग्री और व्यवस्थित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाए।एक बच्चे की थाली के पीछे होती है बड़ी जिम्मेदारीजब किसी स्कूल में भोजन की थाली बच्चे के सामने रखी जाती है, तो उसके पीछे कई लोगों की मेहनत होती है। खाद्य सामग्री की व्यवस्था से लेकर उसका भंडारण, भोजन की तैयारी, पैकिंग, परिवहन और अंततः बच्चों तक वितरण—हर चरण महत्वपूर्ण होता है।इस पूरी प्रक्रिया में छोटी-सी लापरवाही भी बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने वाली व्यवस्थाओं में स्पष्ट प्रक्रियाएं, स्वच्छ रसोई, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है।भोजन केवल पौष्टिक नहीं, सुरक्षित भी होना चाहिएबच्चों के विकास के लिए संतुलित आहार आवश्यक है। उन्हें मिलने वाले भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का होना उनके स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन पोषण का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब भोजन सुरक्षित और स्वच्छ भी हो।इसीलिए खाद्य सुरक्षा को केवल एक तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। साफ पानी, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, भोजन तैयार करने की सुरक्षित प्रक्रिया और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता—ये सभी एक सुरक्षित भोजन व्यवस्था का हिस्सा हैं।हर बच्चे के लिए पर्याप्त भोजनस्कूल में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्धारित भोजन परोसना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई बच्चा भूखा न रहे और भोजन की कमी महसूस न करे।Annamrita Foundation की इस सोच के तहत छात्रों को नियमित रूप से निर्धारित भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी महत्व दिया जाता है। यदि किसी छात्र को निर्धारित मात्रा से अधिक भोजन की आवश्यकता हो, तो मांग के अनुसार अतिरिक्त भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।यह व्यवस्था इस भावना को मजबूत करती है कि भोजन केवल एक तय मात्रा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों की वास्तविक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। नियमित भोजन के साथ आवश्यकता के समय अतिरिक्त भोजन की उपलब्धता यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि कोई बच्चा भूखा न रहे।बड़े स्तर पर भोजन, बड़ी जिम्मेदारीस्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों तक भोजन पहुंचाने के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित व्यवस्था की आवश्यकता होती है। केंद्रीय रसोई मॉडल के माध्यम से बड़ी मात्रा में भोजन को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार तैयार करने, गुणवत्ता के लिए समान मानक बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहायता मिलती है।Annamrita Foundation के लिए यह केवल भोजन तैयार करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों तक पोषण और विश्वास पहुंचाने की जिम्मेदारी है।हर थाली के पीछे एक बच्चे का भविष्य हैएक बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन का महत्व केवल आज की भूख तक सीमित नहीं है। पर्याप्त और संतुलित भोजन उसके स्वस्थ विकास, ऊर्जा और सीखने की क्षमता से जुड़ा है।कई परिवारों के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन उनके बच्चे के दैनिक पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में उस थाली की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।यही कारण है कि बच्चों के भोजन से जुड़ी हर प्रक्रिया में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी आवश्यक है।स्वच्छता से बनता है विश्वासकिसी भी भोजन व्यवस्था में लोगों का विश्वास केवल भोजन की मात्रा से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और तैयार करने की प्रक्रिया से बनता है। नियमित सफाई, सुरक्षित भंडारण, उचित प्रशिक्षण, गुणवत्ता की निगरानी और जवाबदेही ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।Annamrita Foundation का प्रयास इसी व्यापक सोच के साथ जुड़ा है कि बच्चों तक पहुंचने वाला प्रत्येक भोजन सम्मान, सुरक्षा और पोषण के मानकों के अनुरूप हो।एक स्वस्थ बच्चे से बनता है स्वस्थ भारतभारत के बच्चों का स्वास्थ्य केवल उनके परिवारों की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज और संस्थाओं की भी साझा जिम्मेदारी है। जब एक बच्चा स्वस्थ भोजन प्राप्त करता है, तो वह बेहतर तरीके से सीखने, खेलने और अपने भविष्य के सपनों की ओर बढ़ने में सक्षम होता है।इसीलिए बच्चों के भोजन को केवल एक सेवा के रूप में नहीं, बल्कि देश के भविष्य में निवेश के रूप में देखने की आवश्यकता है।Annamrita Foundation का विश्वास है कि हर बच्चे की थाली में केवल भोजन नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद पहुंचनी चाहिए।क्योंकि एक बच्चे का स्वस्थ बचपन ही एक मजबूत और स्वस्थ भारत की नींव है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Sep 2026 13:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>पितृपक्ष: पूर्वजों और दोहराते जीवन&#45;पैटर्न को समझने का समय: Psychic Medium Daksh</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,26 सितंबर : पितृपक्ष 2026 शुरू होने वाला है। इस मौके पर दिल्ली के Psychic Medium Daksh, जो Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं, का कहना है कि यह समय सिर्फ पूर्वजों को याद करने का ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में बार-बार होने वाली बातों को समझने का भी है। इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा और इसका समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा। Untitled document PR (1)Psychic Medium Daksh के अनुसार, Ancestral Healing एक ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें लोग अपने परिवार के इतिहास, रिश्तों और पुरानी यादों को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि कई बार परिवार की पुरानी बातें और अनुभव अगली पीढ़ियों के जीवन पर भी असर डाल सकते हैं।पितृपक्ष करीब 15 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत पूर्णिमा श्राद्ध से होती है और आखिरी दिन सर्व पितृ अमावस्या होती है। इस दिन उन सभी पूर्वजों को याद किया जाता है जिनकी मृत्यु की सही तिथि पता नहीं होती। अलग-अलग शहरों में तिथि और समय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए अपने शहर का पंचांग जरूर देखना चाहिए।Psychic Medium Daksh बताते हैं कि इस समय लोग उनसे कई तरह के सवाल पूछते हैं। जैसे परिवार में बार-बार झगड़े क्यों होते हैं, रिश्तों में एक जैसी परेशानियां क्यों आती हैं, करियर या पैसों में बार-बार रुकावट क्यों आती है, या बिना किसी वजह के मन भारी क्यों लगता है। उनका कहना है कि इन बातों के पीछे आध्यात्मिक कारण हो सकते हैं, लेकिन कई बार इसकी वजह परिवार का माहौल, आदतें और जीवन की परिस्थितियां भी होती हैं।उनके सैशन में लोग अपनी परेशानी या सवाल बताते हैं। इसके बाद Daksh अपनी आध्यात्मिक प्रक्रिया के दौरान जो महसूस करते हैं, उसे लोगों के साथ साझा करते हैं। उनका कहना है कि इन बातों को सोचने और समझने के लिए देखें, न कि उन्हें अंतिम सच मान लें।Psychic Medium Daksh, “पितृपक्ष हमें अपने परिवार और पूर्वजों के बारे में सोचने का मौका देता है। जब हम बार-बार होने वाली बातों को पहचानते हैं, तभी उन्हें समझकर आगे बढ़ सकते हैं। मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि सैशन में जो भी बातें सामने आएं, उन्हें डर की नहीं बल्कि समझने की नजर से देखें।”पितृपक्ष के दौरान लोग श्राद्ध, तर्पण, भोजन का दान और जरूरतमंदों की मदद जैसे काम करते हैं। Psychic Medium Daksh का कहना है कि Ancestral Healing इन परंपराओं की जगह नहीं लेती, बल्कि इनके साथ चलने वाली एक अलग आध्यात्मिक प्रक्रिया है। सही श्राद्ध तिथि जानने के लिए अपने परिवार के पंडित या स्थानीय पंचांग की मदद लेनी चाहिए।जो लोग बिना किसी सैशन के शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए Daksh कुछ आसान बातें बताते हैं। अपने परिवार के जितने पूर्वजों के नाम याद हों, उन्हें लिखें। परिवार में बार-बार होने वाली घटनाओं पर ध्यान दें। घर के बड़े लोगों से पुराने समय की बातें पूछें। साथ ही पितृपक्ष के दौरान हर दिन कुछ मिनट निकालकर अपने पूर्वजों को अपनी परंपरा के अनुसार याद करें।Psychic Medium Daksh, “Ancestral Healing का मतलब बीते हुए समय को दोष देना नहीं है। इसका मकसद यह समझना है कि हमें क्या मिला है और अब हमें अपने जीवन में क्या आगे बढ़ाना है और क्या पीछे छोड़ देना है।”उन्होंने यह भी कहा कि उनके सैशन केवल आत्म-समझ और सोचने के लिए होते हैं। ये डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक, वकील या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं हैं। अगर किसी को ऐसी मदद की जरूरत हो, तो उन्हें संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। किसी भी खास नतीजे की गारंटी नहीं दी जाती।पितृपक्ष के दौरान सैशन की बुकिंग psychicmediumdaksh.com पर की जा सकती है।Psychic Medium Daksh:Psychic Medium Daksh दिल्ली के रहने वाले Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं। वह Mediumship, Akashic Records Reading और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जुड़े सैशन करते हैं। उनकी सभी कंसल्टेशन उनकी वेबसाइट psychicmediumdaksh.com के माध्यम से बुक की जा सकती हैं।Media ContactPsychic Medium DakshWebsite: psychicmediumdaksh.comInstagram: https://www.instagram.com/psychic_medium_daksh/Email: info.pmdaksh@gmail.comPhone: +91 95-1111-9918 / Whatsapp: +91 999-111-8592Location: Delhi, India ]]></description>
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<pubDate>Sat, 26 Sep 2026 17:45:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/dibber-india-and-mepsc-sign-mou-for-international-educator-training-programme</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : भारत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एक नए युग की दहलीज पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर द फाउंडेशनल स्टेज भारत में बच्चे के शुरुआती और सबसे रचनात्मक वर्षों को देखने के नजरिए को बदल रहे हैं। अब खेल, अन्वेषण, अनुभव और विकास के अनुकूल सीखने की प्रक्रिया शिक्षा के केंद्र में हैं।बच्चों के सीखने के इस नए दृष्टिकोण के लिए उन शिक्षकों के नजरिए में भी बदलाव की आवश्यकता है जो इस शिक्षा को आकार देते हैं।भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की अगली छलांग केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि इन नन्हें बच्चों को क्या पढ़ाया जाता है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि शिक्षक उनके पहले सवालों को कैसे प्रेरित करते हैं, उनकी जिज्ञासा को कैसे पोषित करते हैं और उनके सीखने के शुरुआती अनुभवों को आकार देकर उन्हें जीवन भर सीखने की यात्रा के लिए कैसे तैयार करते हैं। इसके लिए ऐसे शिक्षकों की एक नई पीढ़ी की आवश्यकता है जो पेशेवर रूप से तैयार, कक्षा के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार हों। ये शिक्षक बाल विकास के केवल सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर सार्थक अनुभवों, उद्देश्यपूर्ण बातचीत, खेल, अन्वेषण और उत्तरदायी शिक्षण के माध्यम से इसे व्यवहार में लाना जानते हों।डिब्बर इंडिया की हेड ऑफ एकेडमिक्स, दीपा पिल्लई ने कहा, “एक सुसज्जित प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षक की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह क्या जानता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह उस ज्ञान को कक्षा में कितनी समझदारी से लागू करता है। DIETP के माध्यम से, एमईपीएससी के साथ हमारा सहयोग हमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की मजबूत नींव को संरचित कौशल विकास और व्यावहारिक उपयोग के साथ जोड़ने की अनुमति देता है। हम चाहते हैं कि शिक्षक इस कार्यक्रम से केवल एक योग्यता लेकर न निकलें, बल्कि आत्मविश्वास, पेशेवर निर्णय लेने की क्षमता और एक ऐसी सोच लेकर जाएं जिससे वे अपने पूरे करियर में सीखते, ढलते और आगे बढ़ते रहें।”क्योंकि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में बदलाव की शुरुआत शिक्षक में बदलाव से ही होती है।डिब्बर का वैश्विक नेतृत्व एक प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनावरण करने के लिए भारत में एकत्रित हुआ है। यह कार्यक्रम शिक्षकों की तैयारी में वैश्विक विशेषज्ञता लेकर आएगा, जिसमें इंटर्नशिप और भविष्योन्मुखी उन्नत पाठ्यक्रम शामिल हैं।भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, डिब्बर इंडिया और मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (एमईपीएससी) ने आज भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के तत्वावधान में “डिब्बर इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम” शुरू करने के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी साझेदारी की घोषणा की। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डिब्बर समूह के संस्थापक हंस जैकब सुंडबी और रैंडी लौवलैंड सुंडबी, मुख्य शिक्षाशास्त्र और गुणवत्ता अधिकारी ट्रूड मोएन सिडटैंगेन, डिब्बर नॉर्वे के कंट्री हेड एडम डार्नेमिर, स्वीडन से जोहान्स स्टीघ और फिनलैंड से अनु–एलीना हिंटसा, डिब्बर इंडिया के सीईओ लग्नजीत मोहंती और एमईपीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल (सेवानिवृत्त) की उपस्थिति में किया गया।इस समारोह में शिक्षा और कार्यबल विकास क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नेतृत्व एक साथ आए। यह कार्यक्रम डिब्बर की प्रारंभिक बाल्यावस्था विशेषज्ञता और व्यावहारिक उद्योग अनुभव को भारत के कौशल विकास इकोसिस्टम में एमईपीएससी की संरचित विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में डिब्बर के 40 से अधिक वर्षों के वैश्विक अनुभव का लाभ उठाते हुए, प्रतिभागियों को डिब्बर की वैश्विक टीम द्वारा संचालित चुनिंदा सत्रों, उद्योग विशेषज्ञों द्वारा निर्देशित कार्यशालाओं और व्यावहारिक कक्षा अनुभव के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से अवगत कराया जाएगा।यह कार्यक्रम सीखने को अभ्यास से जोड़ता है, जिससे प्रतिभागियों को प्रीस्कूल और डेकेयर परिवेश में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक ज्ञान, दक्षताओं और पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलती है।नया अनावरित कार्यक्रम देश में प्रमाणित और उच्च क्षमता वाले अर्ली इयर्स एजुकेटर्स की बढ़ती मांग को सीधे तौर पर पूरा करता है।आज उद्घाटित प्रशिक्षण मॉडल के प्रमुख स्तंभों में शामिल हैं:भविष्य के लिए तैयार शिक्षा और एआई एकीकरण : योजना दस्तावेज़ीकरण, संचार, रचनात्मक शिक्षा और सीखने के व्यक्तिगत रास्तों सहित कक्षा प्रशासन को सुव्यवस्थित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण।नेतृत्व और व्यावसायिक विकास: कक्षा प्रबंधन, संस्थागत नेतृत्व और स्टेकहोल्डर्स के साथ प्रभावी संचार पर समर्पित प्रशिक्षण।सिद्धांत के साथ व्यावहारिक इंटर्नशिप: अकादमिक पाठ्यक्रम के साथ संरचित इंटर्नशिप के माध्यम से वास्तविक कक्षा के माहौल का सीधा अनुभव।कमाते हुए सीखें वित्तीय सहायता: सभी को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से नामांकित उम्मीदवारों को उनके प्रशिक्षण कार्यकाल के दौरान स्टाइपेंड प्राप्त करने के अवसर।उद्योग–मान्यता प्राप्त प्रमाणन: एमईपीएससीद्वारा NSQF स्तर 4 का प्रमाणन, जो अर्ली इयर्स सेटिंग्स में प्रीस्कूल शिक्षकों के लिए स्किल इंडिया कार्यबल मानकों के अनुरूप है।महिलाओं की रोजगार क्षमता और कौशल को बढ़ावा देना: कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में आर्थिक सक्षमता और महिला सशक्तिकरण शामिल है। यह पहल प्रत्यक्ष और उच्च–मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करती है, जो कार्यबल में प्रवेश करने या वापसी करने वाली महिलाओं के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा को एक पेशेवर करियर इकोसिस्टम में बदल देती है।डिब्बर समूह के संस्थापक हंस जैकब सुंडबी ने कहा, “शिक्षा की गुणवत्ता उन लोगों की गुणवत्ता से शुरू होती है जो बच्चों को हर दिन प्रेरित करते हैं। अपने शिक्षकों में निवेश करके, हम हर बच्चे के भविष्य में निवेश कर रहे हैं। DIETP के माध्यम से, हम शिक्षकों को ज्ञान, आत्मविश्वास और मूल्यों के साथ सशक्त बनाना चाहते हैं ताकि वे अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच सकें और उनके जीवन में एक स्थायी बदलाव ला सकें।“डिब्बर इंडिया के सीईओ लग्नजीत मोहंती ने कहा, “आज का दिन भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। स्किल इंडिया इकोसिस्टम के तहत एमईपीएससी के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करना प्रारंभिक बाल्यावस्था कार्यबल की पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने और अच्छी तरह से तैयार शिक्षकों को भारतीय कक्षाओं में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महत्वाकांक्षी शिक्षकों को एआई क्षमताओं, नेतृत्व कौशल, व्यावहारिक इंटर्नशिप और स्टाइपेंड सहायता से लैस करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम ऐसे आत्मविश्वासी पेशेवरों का एक कैडर तैयार करें जो हमारे बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान कर सकें।“इस अवसर पर बोलते हुए, एमईपीएससी के सीईओ कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल ने कहा, “बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष मूलभूत होते हैं। इन रचनात्मक वर्षों के दौरान बच्चे जो अनुभव करते हैं, वह उनके संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और शारीरिक विकास को प्रभावित करता है। इसलिए, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की कॉम्पिटेंस, प्रोफेशनलिज्म और कंटीन्यूअस विकास पर भी समान रूप से निर्भर करती है। यह सहयोग प्री–स्कूल शिक्षकों के बीच नए जमाने के कौशल की आवश्यकता को मजबूती प्रदान करेगा।“समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के दौरान उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एमईपीएससी के एवीपी श्री संतोष कुमार साहा और डिब्बर इंडिया की हेड ऑफ एकेडमिक्स सुश्री दीपा पिल्लई शामिल थे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:23:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>एक दिन—कई सपनों को उड़ान, पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर बच्चों के लिए अनोखी पहल</title>
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<description><![CDATA[ सूरत : देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 76वें जन्मदिन पर हीराबानो खम्मकार फाउंडेशन द्वारा सड़क और फुटपाथ पर जीवन बिताने वाले बच्चों के छोटे-छोटे सपनों को साकार करने के संकल्प के साथ एक विशेष दिन का आयोजन किया गया है।इन बच्चों के लिए यह दिन केवल घूमने या मनोरंजन का दिन नहीं होगा, बल्कि उन्हें भी सम्मान, खुशी और नई उम्मीद का एहसास कराने का एक प्रयास होगा।दिनभर का विशेष आयोजन:• सुबह बच्चों के हेयरकट और ग्रूमिंग• इसके बाद बच्चों को लग्जरी कार में कपड़ों के शोरूम ले जाया जाएगा, जहां उन्हें उनकी पसंद के नए कपड़े दिए जाएंगे।• नए जूते और चप्पल दिए जाएंगे।• हीराबानो खम्मकार फाउंडेशन के कार्यालय में श्री गणपति जी की आरती।• पीयूषभाई देसाई के साथ बच्चों के लिए प्रेमपूर्वक भोजन।• मीडिया/न्यूज संस्थान की विशेष यात्रा।• बच्चों को थिएटर में फिल्म दिखाई जाएगी।• दिन के अंत में कैफे में विशेष पार्टी और आनंदोत्सव।लेकिन सेवा का यह प्रयास यहीं समाप्त नहीं होता…– 76 जरूरतमंद परिवारों को नई शुरुआतइस कार्यक्रम के तहत लगभग 76 जरूरतमंद परिवारों को प्रति परिवार 25,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय, रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।हमारा उद्देश्य केवल एक दिन की खुशी देना नहीं है, बल्कि परिवारों को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर, आय का नया साधन और जीवन में नई उम्मीद देना है।– हर बच्चे को सपना देखने का अधिकार है…और हर जरूरतमंद परिवार को फिर से खड़े होने का एक अवसर मिलना चाहिए।हीराबानो खम्मकार फाउंडेशनशिक्षा • सेवा • स्वाभिमान • स्वरोजगार“एक दिन बच्चों के सपनों के लिए…और एक प्रयास परिवारों के पूरे भविष्य के लिए।” ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 13:00:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>नमो संवेदना दिवस: SVNM ट्रस्ट का २०० निःशुल्क नेत्र सर्जरी का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ सुपा, नवसारी  [भारत] : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर स्वामी विवेकानंद नेत्र मंदिर ट्रस्ट (SVNM TRUST),सुपा, नवसारी द्वारा सेवा और संवेदना का अनूठा सेवायज्ञ प्रारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर SVNM ट्रस्ट ने 200 जरूरतमंद मरीजों की पूर्णतः निःशुल्क नेत्र सर्जरी करने का संकल्प लिया था।सेवा के इस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट द्वारा लक्ष्य से अधिक कुल 220 निःशुल्क नेत्र सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं।यह पहल 200 से अधिक लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने और उनके परिवारों में खुशी एवं नई आशा का संचार करने का एक पवित्र प्रयास है। दृष्टि की पुनर्स्थापना से मरीजों के जीवन में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की एक नई शुरुआत हुई है।सेवा की अविरत धारा: 49,500 से अधिक सफल सर्जरीरोकथाम योग्य अंधत्व (Preventable Blindness) के विरुद्ध निरंतर समर्पित SVNM ट्रस्ट द्वारा अब तक 49,500 से अधिक निःशुल्क नेत्र सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यह सेवायज्ञ अस्पताल परिसर से आगे बढ़कर समाज के अंतिम छोर तक पहुँचा है, जिसमें नियमित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, गुणवत्तापूर्ण उपचार, चश्मा वितरण और व्यापक जनजागरूकता अभियान शामिल हैं।‘घर–घर दृष्टि’ अभियान: प्रत्येक आँख को मिले रोशनी का अधिकारट्रस्ट का मुख्य अभियान ‘घर–घर दृष्टि’ इस उद्देश्य के साथ कार्यरत है कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक आधुनिक नेत्र उपचार और संवेदनशील सहायता सहज रूप से पहुँच सके, ताकि हर व्यक्ति अपने सपनों को खुली आँखों से साकार कर सके। 200 नेत्र सर्जरी के लक्ष्य को पार कर 220 तक पहुँचना ‘घर-घर दृष्टि’ अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक व मानवीय कदम है।200+ आँखें • 200+ जीवन • 200+ परिवारएक पिता अपने प्यारे बच्चे को फिर से देख सके,एक माँ अपने पूरे परिवार के स्नेहभरे चेहरों को निहार सके,और बुज़ुर्ग अपने पोते-पोतियों की मुस्कान का आनंद ले सकें—ऐसे अनगिनत भावुक पलों में ही इस सेवायज्ञ की वास्तविक सार्थकता निहित है।दृष्टि यानी जीवन को पुनः नए उत्साह और आत्मसम्मान के साथ जीने की एक नई दिशा।स्वामी विवेकानंद नेत्र मंदिर ट्रस्ट (SVNM TRUST)सुपा, नवसारी, गुजरातSave Vision. Save Life. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 13:21:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी</title>
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<description><![CDATA[ एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट, गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं और अत्यधिक आघात से उबरने के बाद, माधुरी कोल्हापुर लौट रही है, जहाँ वह तीन दशकों से अधिक समय से रह रही है

माधुरी, वह हाथिनी जिसे वंतारा द्वारा बचाए जाने के बाद विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए जामनगर स्थित वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र वंतारा लाया गया था, ने एक वर्ष से अधिक समय तक उपचार और पुनर्वास पूरा कर लिया है और अब वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित नंदानी मठ लौटने के लिए तैयार है। जब माधुरी वंतारा पहुंची थी, तब वह एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट और गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं से पीड़ित थी। ये समस्याएं वर्षों तक सीमित गतिविधियों और लंबे समय तक कठोर कंक्रीट सतहों पर रहने के कारण विकसित हुई थीं। लंबे समय तक जंजीरों से बंधे रहने के कारण उसकी प्राकृतिक गतिविधियां और भी सीमित हो गई थीं, जिससे उसके जोड़ों में जकड़न और गतिशीलता संबंधी चुनौतियां बढ़ गई थीं। अपनी स्थिति के बावजूद, उससे त्योहारों और सार्वजनिक जुलूसों में लगातार हिस्सा लिया जाता रहा, जिसमें रस्सियों से बंधी अवस्था में गर्म डामर की सड़कों पर लंबी दूरी तक चलाया जाना भी शामिल था।

अंत अंबानी के मार्गदर्शन में वंतारा में माधुरी को एक बहु-विषयक टीम द्वारा व्यापक और विशेष देखभाल प्रदान की गई, जिसमें उसके शारीरिक स्वास्थ्य, गतिशीलता और भावनात्मक कल्याण को बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पिछले एक वर्ष के दौरान वंतारा में माधुरी एक बहु-विषयक टीम के नेतृत्व में एक गहन पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरी, जिसमें पशु चिकित्सक, देखभालकर्ता, पोषण विशेषज्ञ और व्यवहार विशेषज्ञ शामिल थे। उसके उपचार में हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी, लक्षित पोषण, विशेष फुट केयर और निरंतर निगरानी शामिल थी। इसका मुख्य उद्देश्य उसकी गतिशीलता में सुधार करना, उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करना और उसके समग्र स्वास्थ्य को बहाल करना था।

उसके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के अलावा, माधुरी को भावनात्मक पुनर्वास की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा। वंतारा में उसे सुरक्षित और समृद्ध वातावरण में अन्य हाथियों के साथ बातचीत करने और उनके साथ संबंध बनाने का अवसर दिया गया। इस सामाजिक संगति ने वर्षों तक सीमित गतिविधियों और कैद में रहने के बाद उसकी भावनात्मक स्थिरता और सुरक्षा की भावना को फिर से हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उसकी वापसी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई पावर्ड कमेटी (HPC) के आकलन के बाद हो रही है, जिसने माधुरी के बेहतर स्वास्थ्य की समीक्षा की। इस आकलन के बाद, गुजरात से महाराष्ट्र तक उसके स्थानांतरण के लिए आवश्यक मंजूरियां और ट्रांजिट परमिट प्रदान किए गए।

माधुरी अपनी यात्रा वंतारा से एक विशेष रूप से सुसज्जित हाथी एंबुलेंस में शुरू करेगी। उसके साथ वंतारा की पशु चिकित्सा और देखभाल टीम के सदस्य भी होंगे, ताकि पूरी यात्रा के दौरान उसके आराम, सुरक्षा और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी को सुनिश्चित किया जा सके। माधुरी की वापसी केवल एक वर्ष से अधिक समय तक चले चिकित्सा उपचार और स्वास्थ्य लाभ की यात्रा के पूरा होने का प्रतीक नहीं है। कोल्हापुर में माधुरी की वापसी वंतारा की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। माधुरी के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, अंत अंबानी ने सुनिश्चित किया कि वंतारा में उसे व्यापक चिकित्सा उपचार और पुनर्वास मिले। उसके स्वास्थ्य और सुधार के गहन आकलन के बाद, माधुरी को अब यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया है और वह कोल्हापुर लौटने के लिए तैयार है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 17:52:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>माधुरी, हाथिनी, ने, वंतारा, में, उपचार, पूरा, किया, एक, वर्ष, से, अधिक, समय, तक, चले, विशेष, उपचार, और, स्वास्थ्य, लाभ, के, बाद, महाराष्ट्र, लौटी</media:keywords>
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<title>पारुल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान, युवाओं की ऊर्जा को स्वच्छ भारत के आह्वान में बदला</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/parul-university-students-launch-swachhta-abhiyan-on-independence-day-turn-youth-s-energy-into-swachh-bharat-s-call</link>
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<description><![CDATA[ वडोदरा (गुजरात) [भारत] : स्वतंत्रता केवल उस आजादी को याद करने के बारे में नहीं है, जिसके लिए हमने संघर्ष किया था। यह उस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पहचानने के बारे में भी है, जिसका हम हिस्सा हैं। हमारे 80वें स्वतंत्रता दिवस की सुबह-सुबह 200 से अधिक छात्रों और युवाओं ने विश्वविद्यालय परिसर से वाघोडिया चौराहे तक के रास्ते की सफाई के लिए छात्र-नेतृत्व वाली पहल को आगे बढ़ाते हुए सड़कों का रुख किया। अपनी सामूहिक आवाज को वास्तविक कार्रवाई में बदलते हुए इन छात्रों ने सड़क और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की तथा 8 ट्रैक्टर भरकर कचरा और गंदगी एकत्र की।अपने छात्रों के साथ खड़ी वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने इस पहल को अपना पूरा समर्थन दिया। इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरा उठाना या सड़क की सफाई करना नहीं था, बल्कि इस बात पर चर्चा शुरू करना भी था कि जिन स्थानों पर हम रहते हैं, पढ़ते हैं और आगे बढ़ते हैं, उनकी जिम्मेदारी लेना वास्तव में क्या मायने रखता है। यह अभियान एक बार होने वाले आयोजन के रूप में आयोजित नहीं किया गया था, बल्कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक क्षेत्रों को बनाए रखने में शैक्षणिक संस्थानों और युवा नागरिकों की भूमिका को सामने रखना था।शैक्षणिक संस्थानों को अक्सर ज्ञान के मंदिर कहा जाता है। यहीं दिमाग को आकार मिलता है और भविष्य का निर्माण होता है। इसलिए इन्हें भी पूजा स्थलों के समान सम्मान दिया जाना चाहिए। जिस तरह किसी मंदिर की पवित्रता उसके परिसर और जिस जमीन पर वह स्थित है, उसकी स्वच्छता में दिखाई देती है, उसी तरह विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र भी समान देखभाल और सम्मान के हकदार हैं।यही सोच इस अभियान का मूल आधार थी। जिस स्थान का विकास और ज्ञान के लिए इतना महत्वपूर्ण योगदान है, उसे वहां तक पहुंचने वाली सड़क से अलग नहीं किया जा सकता। 12 किलोमीटर लंबे मार्ग की सफाई का फैसला लेकर छात्रों ने पवित्र स्थान की इस अवधारणा को कक्षाओं से बाहर तक विस्तार दिया।स्वच्छ वातावरण का रोजमर्रा के स्वास्थ्य, खुशहाली और जीवन की गुणवत्ता से गहरा संबंध है। सार्वजनिक स्थानों पर फैला कचरा केवल किसी जगह की सुंदरता को प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह भी तय करता है कि लोग उस जगह को किस तरह अनुभव करते हैं।विश्वविद्यालय की ओर जाने वाली सड़क से कचरा उठाने की पहल करके छात्रों ने इस अभियान के माध्यम से लोगों से स्वच्छता को साझा नागरिक जिम्मेदारी के रूप में देखने का आग्रह करने की उम्मीद जताई। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहल उस शक्ति का वास्तविक प्रतिबिंब थी, जो युवाओं में तब पैदा होती है जब वे इस तरह के महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं।एक छात्र की चिंता एक विचार बन सकती है। छात्रों का एक समूह उस विचार को कार्य में बदल सकता है। और जब वह कार्य दूसरों को प्रेरित करता है, तो वह एक आंदोलन बन सकता है। क्योंकि कचरा और गंदगी उठाने के एक व्यक्ति के प्रयास से शुरू हुई बात उस समय युवाओं के नेतृत्व में बदलाव की एक स्पष्ट और सार्थक तस्वीर बन गई, जब सैकड़ों छात्र और युवा एक साथ आगे आए।स्वच्छता अभियान में शामिल छात्र पीयूष यादव ने कहा कि “इस स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनने से मुझे एहसास हुआ कि देशभक्ति रोजमर्रा के कामों के जरिए भी दिखाई जा सकती है। जैसे कचरा उठाना, अपने आसपास की सफाई करना और दूसरे छात्रों के साथ मिलकर काम करना। ये बातें छोटी लग सकती हैं, लेकिन जब पूरा समूह एक साथ आता है तो इसका प्रभाव बहुत बड़ा महसूस होता है। स्वतंत्रता दिवस बिताने का यह एक सार्थक तरीका था, क्योंकि हम केवल अपने देश का जश्न नहीं मना रहे थे, बल्कि उसके लिए कुछ कर भी रहे थे।”इसमें आगे जोड़ते हुए जिन्होंने अन्य लोगों से इस आंदोलन में एक साथ शामिल होने का आग्रह करते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था वह छात्र राहुल राज ने कि कहा, “मुझे लगा कि स्वतंत्रता दिवस केवल हमें मिली आजादी का जश्न मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जिस जगह हम रहते हैं, उसके प्रति जिम्मेदारी निभाने का दिन भी होना चाहिए। मैं इस विचार को वास्तविक कार्य में बदलना चाहता था। इसलिए मैंने अपने वीडियो के माध्यम से साथी छात्रों से संपर्क किया और उन्हें इस स्वच्छता अभियान के लिए एक साथ लाया। सच कहूं तो जब मैंने इतने सारे छात्रों को अपनी इच्छा से आगे आते और योगदान देते देखा, तो मुझे लगा कि एक छोटी-सी पहल भी सामूहिक प्रयास के लिए चिंगारी जला सकती है। हमारे लिए भारत के लिए अपना योगदान देने का मतलब यहीं से शुरुआत करना था, जहां हम मौजूद हैं।”स्वतंत्रता दिवस के दिन आयोजित होने से इस पहल को एक और आयाम मिला। स्वतंत्रता की भावना हमेशा सामूहिक कार्रवाई और इस विश्वास से जुड़ी रही है कि जब सामान्य लोग किसी साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं, तो वे असाधारण बदलाव ला सकते हैं। जागरूकता तक सीमित रहने के बजाय कार्य को चुनकर छात्रों ने स्वतंत्रता की भावना को वर्तमान समय में जीवंत किया।यह स्वच्छता अभियान केवल एक गतिविधि से कहीं अधिक है। यह आज के युवाओं में बढ़ती नागरिक चेतना का प्रतिबिंब है। इस स्वच्छता अभियान से यह संदेश मिलने की उम्मीद है कि बदलाव छोटी-छोटी सामूहिक जिम्मेदारियों से शुरू हो सकता है और देश के युवा उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।जब 80वें स्वतंत्रता दिवस की सुबह-सुबह छात्र अपने घरों से निकलकर सफाई अभियान में शामिल हुए, तो यह स्वच्छता यात्रा महज एक स्वच्छता अभियान से कहीं अधिक नजर आई। यह युवाओं की भागीदारी और सामूहिक कार्रवाई से प्रेरित नागरिक जिम्मेदारी का संदेश था। क्योंकि स्वच्छ भारत की शुरुआत कहीं दूर से नहीं होती। इसकी शुरुआत हममें से हर एक व्यक्ति से होती है, ठीक वहीं से जहां हम मौजूद हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 12:56:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>पारुल, यूनिवर्सिटी, के, छात्रों, ने, स्वतंत्रता, दिवस, पर, चलाया, स्वच्छता, अभियान, युवाओं, की, ऊर्जा, को, स्वच्छ, भारत, के, आह्वान, में, बदला</media:keywords>
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<title>गुजरात में Progress Alliance के VANDAN कार्यक्रम में 2,000+ लोगों ने किया माता&#45;पिता का सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भारतीय संस्कारों को मजबूत करने के उद्देश्य से Progress Alliance के नेतृत्व में आयोजित “VANDAN” कार्यक्रम ने गुजरात में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया। VANDAN कार्यक्रम में 2,000 से अधिक लोगों ने अपने माता-पिता का वंदन किया और उनका आशीर्वाद लिया।कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—“माता-पिता के चरणों में ही चारधाम है।”आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में जहां लोग अपने काम और व्यवसाय में व्यस्त रहते हैं, वहीं VANDAN ने लोगों को अपनी जड़ों और माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाई।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श किए, उनका सम्मान किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कई भावुक पलों में माता-पिता और बच्चों के बीच प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का सुंदर दृश्य देखने को मिला।Progress Alliance का मानना है कि वास्तविक विकास केवल व्यवसाय की सफलता तक सीमित नहीं है। व्यक्ति का विकास उसके व्यवसाय, परिवार, रिश्तों, संस्कार और समाज—हर क्षेत्र में होना चाहिए।इसी सोच के साथ VANDAN कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जिस व्यक्ति ने हमें जीवन दिया, हमारी पहली शिक्षा दी और हर मुश्किल समय में हमारा साथ दिया, उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।Progress Alliance के मेंबर के दवरा हजारों लोगों की भागीदारी ने इस पहल को एक बड़े सामाजिक संदेश में बदल दिया।VANDAN सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावना है।एक ऐसी भावना जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और आने वाली पीढ़ी को माता-पिता के सम्मान के संस्कार देती है।“माता-पिता का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद लें और उनके साथ जीवन की हर सफलता साझा करें।”Progress AllianceGrowing Together ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:08:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>गुजरात, में, Progress, Alliance, के, VANDAN, कार्यक्रम, में, 2, 000, लोगों, ने, किया, माता-पिता, का, सम्मान</media:keywords>
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<title>आगामी विधानसभा चुनावों से पहले किसान कांग्रेस का संगठनात्मक विस्तार, जीवनदत्त अरगड़े को पूर्वी यूपी की कमान</title>
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<description><![CDATA[ आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण नियुक्ति; किसानों और कृषि श्रमिकों के मुद्दों पर संगठन को मजबूत करने पर जोरबार्शी (महाराष्ट्र) [भारत] : अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार को और मजबूत करने के उद्देश्य से बार्शी के एडवोकेट जीवनदत्त अरगड़े को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी (In-charge – Uttar Pradesh East) नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इस नियुक्ति को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसान कांग्रेस के संगठन को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें किसानों और कृषि श्रमिकों के मुद्दों को संगठन की गतिविधियों के केंद्र में रखने पर विशेष जोर रहेगा।पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशीलकुमार शिंदे तथा सांसद प्रणिति शिंदे की अनुशंसा और अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा के निर्देश पर अखिलेश शुक्ला, संगठन प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ने एडवोकेट जीवनदत्त अरगड़े को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।6 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक नियुक्ति पत्र के अनुसार, एडवोकेट अरगड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगे। वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेंगे। नियुक्ति पत्र में उनसे किसान कांग्रेस को पुनः सक्रिय करने, संगठन को अधिक प्रभावी, गतिशील और सशक्त बनाने तथा कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने में योगदान देने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।सामाजिक, राजनीतिक और कृषि क्षेत्र की दृष्टि से पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। किसान कांग्रेस के माध्यम से कृषि उपज के लाभकारी मूल्य, बढ़ती कृषि लागत, सिंचाई सुविधाओं, कृषि ऋण, फसल बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान, कृषि श्रमिकों से जुड़े रोजगार संबंधी मुद्दों, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं तथा छोटे और सीमांत किसानों की विभिन्न समस्याओं को संगठनात्मक मंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए गांव, तहसील और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद, किसान एवं कृषि श्रमिक संगठनों के साथ समन्वय, स्थानीय मुद्दों का अध्ययन, जनसंपर्क अभियान, किसान बैठकें तथा विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना बनाई जाएगी। स्थानीय समस्याओं और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संगठन के कामकाज की प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।एडवोकेट जीवनदत्त अरगड़े वर्तमान में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं, और अब उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी के रूप में अतिरिक्त एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठनात्मक समन्वय, जनसंपर्क तथा विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ संवाद के उनके अनुभव का उपयोग पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसान कांग्रेस की संगठनात्मक पहुंच को व्यापक बनाने में किए जाने की अपेक्षा है।विशेष रूप से, किसान और कृषि श्रमिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनके मुद्दों को केवल चुनावी दृष्टिकोण से देखने के बजाय उनके दैनिक जीवन से जुड़े आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक कठिनाइयों को समझने तथा उन्हें प्रभावी ढंग से उठाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान पर जोर दिया जाएगा। इस नियुक्ति के साथ अरगड़े के समक्ष स्थानीय कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक प्रक्रिया में अधिक सक्रिय बनाने तथा गांव से लेकर राज्य स्तर तक समन्वय की व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती भी होगी।अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के आधिकारिक नियुक्ति पत्र में यह अपेक्षा व्यक्त की गई है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में अरगड़े कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के विस्तार तथा किसान कांग्रेस को अधिक मजबूत और गतिशील बनाने में योगदान देंगे।नियुक्ति पत्र की एक प्रति उत्तर प्रदेश के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी, पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी सचिव, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस (पूर्व) के अध्यक्ष राम आधार जोसेफ को भी आधिकारिक रूप से भेजी गई है।उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में किसान कांग्रेस द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अलग संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने के निर्णय ने इस नियुक्ति को विशेष महत्व दिया है। आने वाले समय में एडवोकेट जीवनदत्त अरगड़े की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, कृषि श्रमिकों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के मुद्दों को व्यवस्थित रूप से उठाने, स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने और ग्रामीण उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक आधार को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।एडवोकेट जीवनदत्त अरगड़े को पूर्वी उत्तर प्रदेश का किसान कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने की नियुक्ति की अखिल भारतीय किसान कांग्रेस द्वारा औपचारिक रूप से पुष्टि की गई है। यह जिम्मेदारी अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी अखिलेश शुक्ला द्वारा उन्हें सौंपी गई है। इस पुष्टि से पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन की उपस्थिति और गतिविधियों को मजबूत करने के लिए अरगड़े को सौंपे गए दायित्व की औपचारिकता भी स्पष्ट होती है, जिसमें किसानों और कृषि श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Aug 2026 11:01:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>आगामी, विधानसभा, चुनावों, से, पहले, किसान, कांग्रेस, का, संगठनात्मक, विस्तार, जीवनदत्त, अरगड़े, को, पूर्वी, यूपी, की, कमान</media:keywords>
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<title>गंगाधरा अलखधाम में &amp;apos;ग्रीनमैन&amp;apos; विरल देसाई ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश</title>
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<description><![CDATA[  सूरत (गुजरात) [भारत], 21 जुलाई: पलसाना के पास गंगाधरा गांव में स्थित श्री शिवशक्ति रामदेव अलखधाम में आषाढ़ी दूज के पावन त्योहार पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् &#039;ग्रीनमैन&#039; विरल देसाई द्वारा एक विशेष पौधारोपण और पौधा वितरण अभियान चलाया गया। दक्षिण गुजरात के &#039;मिनी रणूजा&#039; के रूप में प्रसिद्ध इस अलखधाम में आषाढ़ी दूज का महोत्सव पूरे क्षेत्र में अत्यधिक महत्व रखता है। इस अवसर पर सूरत, बारडोली, नवसारी, भरूच और वलसाड सहित विभिन्न जिलों से ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा रामदेव पीर के दर्शन के लिए उमड़े थे. इस पावन अवसर पर विरल देसाई द्वारा भक्तों को प्रसाद के रूप में हजारों पौधों का वितरण किया गया। साथ ही, मंदिर के गादीपति श्री योगेश्वर बापू की गरिमामयी उपस्थिति में मंदिर की गौशाला में बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया।इस आयोजन पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विरल देसाई ने कहा, &quot;आषाढ़ी दूज के इस पावन दिन पर अलखधाम में पौधारोपण करना और रामदेव पीर के दर्शन पाना किसी अलौकिक शक्ति के आदेश जैसा है। आध्यात्मिकता को पर्यावरण के अनुकूल कार्यों के साथ जोड़कर इस पहल ने &#039;सत्याग्रह अगेंस्ट पोल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज&#039; को और आगे बढ़ाया है, जिससे यह फिर से साबित होता है कि प्रकृति की सेवा करना भक्ति के सर्वोच्च रूपों में से एक है। साथ ही, यहाँ के गादीपति योगेश्वर बापू के साथ संवाद करने का जो अवसर मिला, वह मेरे लिए अत्यंत आनंदमयी रहा।&quot;उल्लेखनीय है कि &#039;ग्रीनमैन&#039; विरल देसाई ने सूरत शहर में पहले ही सात अर्बन फॉरेस्ट का निर्माण किया है, लेकिन वे अब सूरत के बाहरी क्षेत्रों में भी ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 20:52:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/today-25-people-in-anand-vardhan-ashram-village-vasna-district-chhota-udepur-gujarat-in-the-presence-of-pujya-shankaracharya-ji-again-converted-to-sanatan-hindu-dharma</link>
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<description><![CDATA[  

दिनाङ्क
- 13/07/2026   दिन :  शनिवार को आदिवासी– वनवासी
क्षेत्र ग्राम ,वासणा( कोषिन्द्रा ) जिला, छोटा उदेपुर गुजरात में शारदापीठ द्वारका
द्वारा संचालित श्री आनंद वर्धन आश्रम का शुभ उद्‌घाटन द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु
शङ्कराचार्य स्वामी श्री सदानन्द  सरस्वतीजी
के कर कमलो से संपन्न हुआ ।

 

उद्घाटन
महोत्सव के उपलक्ष में आज आनंद वर्धन आश्रम में पूज्य महाराज श्री के सान्निध्य में

आदिवासी
एवं वनवासी 25 भाई बहनों ने पुनः स्वेक्षा पूर्वक गंगा जल ग्रहण कर, श्री राम भगवान
का महाराज श्री से मंत्र ग्रहण कर सनातन हिन्दू धर्म अपनाया और उन्होंने संकल्प किया
कि वो हिंदू थे और हिन्दू रहेंगे एवं हमेशा हिन्दू धर्म का पालन करेंगे।।

 

आज
पूज्य शंकराचार्य महाराज श्री ने नव निर्मित आश्रम का अपने कर कमलों से शुभारंभ कर
अपने वक्तव्य में कहा कि वह निरंतर कई वर्षों से इस आदिवासी क्षेत्र में स्वधर्मानयन
यात्रा कर रहें हैं। और आज इस वासणा ग्राम में द्वारका शारदापीठ द्वारा संचालित इस
आश्रम की स्थापना होने से उनके इस (स्वधर्मानयन प्रकल्प) को अधिक मजबूती मिलेगी। महाराज
श्री ने कहा अब वह और अधिक गति से ग्राम–ग्राम भ्रमण कर हमें अपने धर्म का त्याग क्यों
नहीं करना चाहिए यह इन भोले–भले आदिवासी एवं वनवासी भाई बहनों को समझाएंगे। और हमें
अपने धर्म का पालन किस तरह करना चाहिए उनको यह आशीर्वचन प्रदान करेंगे।।

  ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:19:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>आज, पूज्य, शंकराचार्य, जी, के, सान्निध्य, में, आनंद, वर्धन, आश्रम, ग्राम, वासणा, जिला, छोटा, उदेपुर, गुजरात, में, लोगों, ने, पुनः, सनातन, हिन्दू, धर्म, अपनाया</media:keywords>
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<item>
<title>महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय को यूपी कैबिनेट की मंजूरी</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/up-cabinet-approves-maharishi-mahesh-yogi-international-agriculture-university</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय
की स्थापना को मंजूरी दिए जाने पर महर्षि संस्थान परिवार में हर्ष का माहौल है। संस्थान
के पदाधिकारियों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा मंत्रिपरिषद के सभी
सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

कैबिनेट
की स्वीकृति के बाद यह विश्वविद्यालय कानपुर जनपद के बिल्हौर में स्थापित किया जाएगा।
संस्थान के अध्यक्ष *अजय प्रकाश श्रीवास्तव* ने कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल उत्तर
प्रदेश बल्कि पूरे देश के कृषि एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का
पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बिल्हौर में विश्वविद्यालय की स्थापना से आसपास
के जनपदों के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए
अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के
विकास के लिए नए द्वार खुलेंगे।

 

उन्होंने
कहा कि यह विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी जी की उस दूरदर्शी सोच को साकार करेगा, जिसमें
वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैविक खेती के माध्यम से किसानों
एवं समाज के समग्र विकास की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह
संस्थान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार
करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

 

इस
अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष *राहुल भारद्वाज* ने योगी सरकार का धन्यवाद देते हुए
कहा कि महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ महर्षि
जी का वह सपना साकार होने जा रहा है, जिसमें भारत को जैविक खेती के क्षेत्र में वैश्विक
नेतृत्व प्रदान करने की परिकल्पना की गई थी। 

 

गवर्निंग
बॉडी के मेंबर पंकज शर्मा ने कहा कि इस कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक
उन्नत कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक एवं जैविक खेती की आधुनिक पद्धतियों
को पहुँचाया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा कृषि
क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

 

उन्होंने
कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक उत्कृष्ट केंद्र बनेगा,
जहाँ कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और किसानों के बीच ज्ञान एवं तकनीक
का प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के कृषि क्षेत्र
को नई दिशा और नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

  ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:24:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>महर्षि, महेश, योगी, अंतरराष्ट्रीय, कृषि, विश्वविद्यालय, को, यूपी, कैबिनेट, की, मंजूरी</media:keywords>
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<title>मिथिला की सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक मंच दिलाने में विक्रम आचार्य के अथक प्रयास</title>
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<description><![CDATA[ स्कॉटलैंड की वादियों में मिथिला की गूँजएडिनबर्ग, मई 21: स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग की पथरीली सड़कों पर जहाँ यूरोपीय इतिहास की सदियाँ साँस लेती हैं, वहीं हज़ारों मील दूर बसे भारत के मिथिला क्षेत्र की प्राचीन चेतना भी अब एक नए सांस्कृतिक नेतृत्व के तहत गूँजने लगी है। प्रवासी मैथिल समुदाय के चर्चित सांस्कृतिक दूत विक्रम आचार्य के अभूतपूर्व प्रयासों ने ‘मिथिला प्राइड’ को स्कॉटलैंड की धरती पर एक ऐतिहासिक पुनर्जागरण दे दिया है। उनके नेतृत्व में यह आंदोलन अब सिर्फ एडिनबर्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे यूके और वैश्विक भारतीय डायस्पोरा में फैल चुका है।विक्रम आचार्य, जो खुद को ‘कर्मभूमि एडिनबर्ग और मर्मभूमि मिथिला’ का सेतु कहते हैं, ने इस दिशा में अदम्य लगन, सांस्कृतिक समर्पण और अथक संघर्ष से एक मिसाल कायम की है। उनका कहना है:“जब मैं एडिनबर्ग की रॉयल माइल पर चलता हूँ तो मुझे अपनी मातृभूमि मिथिला के दार्शनिक आँगन दिखाई देते हैं। यह शहर ‘नॉर्थ का एथेंस’ है, और मिथिला ‘पूर्व का एथेंस’। दोनों ने दुनिया को तर्क, ज्ञान और कला दी है। मेरे प्रयासों का उद्देश्य इस विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है – और मैं इसमें पूरी तरह सफल होता दिख रहा हूँ।”आचार्य के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि आज एडिनबर्ग के अंतरराष्ट्रीय कला मंचों पर मधुबनी चित्रकला की प्रदर्शनियाँ हो रही हैं, मैथिली भाषा के डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित हो रहे हैं, और तिरहुता लिपि का पुनरुद्धार एक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने स्थानीय निकायों को मैथिली भाषा दिवस को मान्यता देने के लिए प्रेरित किया है – एक ऐसी उपलब्धि जो पिछले कभी किसी प्रवासी ने हासिल नहीं की थी।यूके में रह रहे मैथिल युवा आज विक्रम आचार्य के नेतृत्व में अपनी जड़ों को नई ऊर्जा दे रहे हैं। कोजागरा, मधुश्रावणी, और आम के बागों की यादें अब एडिनबर्ग के घरों में सिर्जनशीलता के साथ जीवंत हो रही हैं। विक्रम आचार्य कहते हैं:“हमने सात समंदर पार आकर अपनी अस्मिता नहीं बेची, बल्कि उसे और निखारा है। मेरा हर प्रयास, हर छोटी-बड़ी पहल इसी दिशा में रही है कि हमारी पाग (मिथिला का मुकुट) सिर्फ यादों तक सीमित न रहे, बल्कि वैश्विक गौरव बने।”उल्लेखनीय है कि एडिनबर्ग – जिसे ‘उत्तरी एथेंस’ कहा जाता है – ने डेविड ह्यूम और एडम स्मिथ दिए, वहीं मिथिला ने याज्ञवल्क्य, गार्गी और मंडन मिश्र। विक्रम आचार्य के प्रयासों ने इन दोनों बौद्धिक परंपराओं के बीच एक जीवंत संवाद स्थापित किया है।स्कॉटलैंड के सांस्कृतिक मंचों, प्रवासी भारतीय नेताओं और मैथिल समुदाय ने विक्रम आचार्य के महान प्रयासों की सराहना की है। उन्हें उम्मीद है कि उनके द्वारा बनाई गई यह मिसल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।आचार्य ने कहा:“मिथिला का पुनरुत्थान इस बात का प्रमाण है कि जो समाज अपनी जड़ें नहीं भूलता, और जिसे समर्पित लोग जैसे मैं, रात-दिन मेहनत करें, उसे आधुनिकता के पंख अपने आप मिल जाते हैं। मेरे प्रयास रंग लाए हैं – और यह अभी शुरुआत है। जय मिथिला, जय मैथिली, जय जानकी।”अस्वीकरण: इस लेख में व्यक्त विचार एवं विश्लेषण लेखक के व्यक्तिगत हैं। प्रकाशन संस्था उनकी पूर्ण सत्यता, सटीकता अथवा उनसे उत्पन्न किसी भी परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं होगी।  ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 11:52:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>मिथिला, की, सांस्कृतिक, चेतना, को, वैश्विक, मंच, दिलाने, में, विक्रम, आचार्य, के, अथक, प्रयास</media:keywords>
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<title>IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/ifs-ashutosh-kumar-says-civil-service-and-nation-service-success-mantra-for-children</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने के लिए SVPS स्कूल द्वारा आयोजित एक विशेष ऑनलाइन सत्र में 1991 बैच केIFS अधिकारी आशुतोष कुमार ने छात्रों को सफलता के गूढ़ मंत्र दिए। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतरता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण किसी भी छात्र को शिखर पर पहुंचा सकता है।लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजीसत्र को संबोधित करते हुए आशुतोष कुमार ने कहा कि सिविल सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को रटंत विद्या से दूर रहने और समाज की वास्तविक समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्होंने अपने स्वयं के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक एकेडमिक गोल्ड मेडलिस्ट होने के बाद भी उन्होंने 34 वर्षों तक प्रशासन के हर क्षेत्र में ईमानदारी और अखंडता को सर्वोपरि रखा।बैकग्राउंड: एक बेदाग करियर और शाही विरासत का संगमIFS आशुतोष कुमार का परिचय केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत के रूप में है जो आधुनिक प्रशासन और ऐतिहासिक गौरव का अनूठा मिश्रण हैं। 1991 बैच के अधिकारी आशुतोष कुमार वर्तमान में भारत सरकार में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय, संसदीय कार्य, उपभोक्ता मामले, और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। एक डिप्लोमैट के रूप में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN), यूके, फ्रांस और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें &#039;राष्ट्रपति पदक&#039; से सम्मानित किया गया है और उनके पूरे करियर में उन्हें &#039;आउटस्टैंडिंग&#039; (Outstanding) रेटिंग प्राप्त हुई है।प्रशासनिक विशेषज्ञता के साथ-साथ आशुतोष कुमार एक गौरवशाली शाही विरासत से भी जुड़े हैं। सरकारी दस्तावेजों, कोर्ट आदेशों के मुताबिक वह मेवाड़ के प्रसिद्ध सिसोदिया राजपूत राजवंश से ताल्लुक रखते हैं। इस शाही परिवार ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों की कुल नेटवर्थ ₹1000 करोड़ से अधिक है। यह सारी जानकारी भारत सरकार के संबंधित विभागों में दर्ज भी है।SVPS स्कूल के बच्चों के लिए यह सत्र असाधारण रहा, क्योंकि उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक से बात करने का मौका मिला, जो न केवल भारत के शीर्ष नौकरशाहों में से एक हैं, बल्कि एक ऐसी विरासत के वारिस भी हैं जिसने सदियों तक देश की सेवा की है। आशुतोष कुमार ने छात्रों को यह संदेश दिया कि आपकी पृष्ठभूमि चाहे कितनी भी महान क्यों न हो, आपकी असली पहचान आपके द्वारा की गई &#039;निस्वार्थ राष्ट्रसेवा&#039; से ही बनती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 18:57:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>IFS, आशुतोष, कुमार, ने, बताया, बच्चों, के, लिए, सिविल, सर्विस, और, राष्ट्रसेवा, का, सफलता, मंत्र</media:keywords>
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<title>“बचपना शुडन्ट रिटायर”: खुशी, सम्मान और बचाव की देखभाल के साथ बुढ़ापे को फिर से परिभाषित करने के लिए एक राष्ट्रीय आह्वान</title>
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<description><![CDATA[ MS धोनी का मेरिल के वापी कैंपस का पहला दौरा, सीनियर सिटिज़न हेल्थ के लिए एक खास पहल के साथRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>“बचपना, शुडन्ट, रिटायर”:, खुशी, सम्मान, और, बचाव, की, देखभाल, के, साथ, बुढ़ापे, को, फिर, से, परिभाषित, करने, के, लिए, एक, राष्ट्रीय, आह्वान</media:keywords>
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<title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से मिली पहचान</title>
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<description><![CDATA[ लुधियाना (पंजाब) : आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा चुकी है। आयुर्वेद और इसके निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लुधियाना के किंग्सविल रिज़ॉर्ट में डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा सबसे बड़ा आयुर्वेदिक लेसन आयोजित किया गया। इस सत्र में 1200 से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें मरीजों के साथ-साथ वे लोग भी शामिल थे जो आयुर्वेद की शक्ति में विश्वास रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक लाइव सत्र में भाग लिया, जिसमें बताया गया कि आयुर्वेद किस प्रकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है और कई दीर्घकालिक रोगों में दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है।इस विशाल आयुर्वेदिक सत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनके आयुर्वेदिक समाधान पर प्रकाश डालना था। मंच पर संस्थापक डॉ. मुकेश शारदा सहित 5 आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पैनल ने महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में महिला स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा की जाने वाली आम गलतियाँ, संतुलित आहार और व्यायाम का महत्व, महिला रोग, हार्मोनल संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में आयुर्वेद की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।इस अवसर पर कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। लुधियाना के मेयर, कई सर्जन, डॉक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। डॉ. मुकेश शारदा ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों ने उनके वर्षों के परिश्रम और आयुर्वेदिक विज्ञान के प्रति समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसने आयुर्वेद की प्रामाणिकता और समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया।डॉ. मुकेश शारदा – गठिया की विशेषज्ञडॉ. मुकेश शारदा आयुर्वेद के माध्यम से गठिया, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य कई पुरानी बीमारियों के उपचार के लिए जानी जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एक प्राकृतिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जो ऐसी दीर्घकालिक बीमारियों को जड़ से नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया और समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल को अत्यंत आवश्यक बताया।डॉ. शारदा आयुर्वेद को मिला यह Guinness World Record वर्षों की कड़ी मेहनत, प्रेरणा, विश्वास और विशेषज्ञों के उस संकल्प का परिणाम है, जिसका उद्देश्य लोगों का उपचार कर दुनिया को स्वस्थ बनाना है। इस उपलब्धि पर देश और विदेश में रहने वाले लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि एक आयुर्वेदिक चिकित्सक ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान दिलाई है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 15:53:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>अंतरराष्ट्रीय, महिला, दिवस, पर, डॉ., मुकेश, शारदा, को, Guinness, World, Records, से, मिली, पहचान</media:keywords>
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<title>मारवाड़ी यूनिवर्सिटी बना डेमोक्रेटिक डायलॉग का मंच, राजकोट में यूथ पार्टिसिपेशन पर नेशनल मंथन</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/rajkot-youth-democracy-conference-marwadi-university-2026</link>
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<description><![CDATA[ 27-28 फरवरी 2026 को मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित सम्मेलन में 500+ प्रतिभागियों ने युवा सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक सुधार पर विचार साझा किए। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 21:57:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>youth democracy, Marwadi University, Youth and Democracy Conference, democratic renewal, youth participation, global south, civic engagement, public policy, Rajkot conference, Konrad-Adenauer-Stiftung</media:keywords>
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<title>आईएचसी ने ‘भाषा’ का शुभारंभ किया – अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारत की भाषाई विविधता को समर्पित एक विशेष खंड</title>
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<description><![CDATA[ 
नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026 : भाषाई विरासत को मूर्तिरूप देते हुए, Indian
Habitat Centre (भारत पर्यावास केंद्र) ने 21 फरवरी को हेबिटेट लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में ‘भाषा’
नामक एक विशेष रूप से संकलित खंड का उद्घाटन किया।

यह पहल भारत की विविध भाषाओं में प्रकाशित सामग्री का एक समृद्ध संग्रह एक साथ लाती है, जिससे भारतीय भाषा साहित्य के प्रति जागरूकता, पहुंच और सराहना को बढ़ावा मिलता है।यह उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हुआ, जिसे विश्व स्तर पर भाषाई विविधता की सुरक्षा, संरक्षण और उत्सव के लिए मनाया जाता है।

इस खंड का उद्घाटन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राम माधव द्वारा किया गया, जिसमें हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इंडिया हेबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश ने इस पहल के पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा: “भारत बोध केंद्र की जबरदस्त सफलता पर आधारित, भाषा एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण अगला कदम है। यह केंद्र के पाठकों को भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट रचनाओं तक संकलित पहुंच प्रदान करता है, साथ ही साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत शीर्षकों के अनुवाद भी शामिल हैं। इससे गैर-मूल भाषी पाठक हमारी क्षेत्रीय साहित्य की गहन समृद्धि को खोज और सराह सकते हैं। हिंदी का एक समर्पित संग्रह भाषा का मूल स्तंभ है और यह निरंतर विस्तार के लिए तैयार है।”

अपने संबोधन में डॉ. राम माधव ने पुस्तकालय को “किसी भी संस्थान की आत्मा”
बताया और इस पहल की सराहना करते हुए इसके और विस्तार की अपील की।

उन्होंने कहा कि “भारत का इतिहास वास्तव में उसकी भाषाओं में निवास करता है, फिर भी उनकी अपार महत्ता अक्सर कम आंकी जाती रही है। इन भाषाई खजानों की व्याख्या और खोज आवश्यक है, और भाषा इंडिया हेबिटेट सेंटर द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण एवं समयोचित कदम है।”

श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने इस शुभारंभ को समयानुकूल एवं प्रासंगिक प्रयास बताते हुए भारत की बहुभाषी विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की आज के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

बौद्धिक एवं सांस्कृतिक संलग्नता का एक मूल्यवान संसाधन हेबिटेट लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर इंडिया हेबिटेट सेंटर के सदस्यों के लिए सुलभ बना हुआ है।

यह नया खंड आईएचसी की निरंतर प्रतिबद्धता के अनुरूप है—जैसा कि आईएचसी समन्वय जैसी पहलों में देखा जाता है—जो भारत की बहुलवादी सांस्कृतिक एवं भाषाई परंपराओं का उत्सव मनाने और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित है।अधिक जानकारी के लिए www.indiahabitat.org  पर जाएं या एचएलआरसी से संपर्क करें।

 

इंडिया हेबिटेट सेंटर के बारे में
-

इंडिया हेबिटेट सेंटर एक प्रमुख संस्थान है जो संवाद, संस्कृति, शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, एक गतिशील और समावेशी वातावरण में। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 14:28:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>आईएचसी, ने, ‘भाषा’, का, शुभारंभ, किया, –, अंतरराष्ट्रीय, मातृभाषा, दिवस, पर, भारत, की, भाषाई, विविधता, को, समर्पित, एक, विशेष, खंड</media:keywords>
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<title>डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/ias-hari-chandna-joins-democratic-union-s-change-makers-list-2025</link>
<guid>https://www.marudharbharti.com/ias-hari-chandna-joins-democratic-union-s-change-makers-list-2025</guid>
<description><![CDATA[ 
हैदराबाद
(तेलंगाना),
जनवरी
29 : लोकतांत्रिक
मूल्यों को मज़बूती देने
और नागरिकों की भागीदारी को
सशक्त बनाने के लिए कार्यरत
सामाजिक सुधार संगठन डेमोक्रेटिक संघ ने आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को अपनी प्रतिष्ठित चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल किया है। यह सम्मान उन्हें
नागरिक-केंद्रित प्रशासन, सार्वजनिक नवाचार और समावेशी शासन
व्यवस्था को ज़मीनी स्तर
पर प्रभावी ढंग से लागू करने
के लिए दिया गया है।

डेमोक्रेटिक संघ की स्थापना सामाजिक
कार्यकर्ता चैतन्य एमआरएसके और अभिनेत्री रेजिना कैसेंड्रा द्वारा की गई थी।
संगठन हर वर्ष चेंज
मेकर्स लिस्ट के माध्यम से
उन व्यक्तियों और संस्थानों को
पहचान देता है, जो शासन, सार्वजनिक
नीति, सतत विकास, व्यवसाय, प्रौद्योगिकी, कला, मीडिया और सामाजिक सेवा
के क्षेत्रों में सकारात्मक और स्थायी बदलाव
लाने का कार्य कर
रहे हैं। इस पहल का
उद्देश्य ऐसे नेतृत्व को सामने लाना
है, जो केवल विचारों
तक सीमित न होकर उन्हें
ठोस परिणामों में बदलने की क्षमता रखता
हो।

चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 की घोषणा करते
हुए डेमोक्रेटिक संघ के संस्थापक चैतन्य
एमआरएसके ने कहा कि
भारत इस समय एक
निर्णायक दौर से गुजर रहा
है, जहां उसका लोकतांत्रिक भविष्य उन व्यक्तियों के
हाथों में आकार ले रहा है, जो साहस, संवेदनशीलता
और रचनात्मक सोच के साथ सार्वजनिक
जीवन में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सूची
उन लोगों को सम्मानित करने
का प्रयास है, जिनका कार्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने
के साथ-साथ आम नागरिकों के
जीवन में वास्तविक बदलाव लाता है।

सह-संस्थापक रेजिना कैसेंड्रा ने कहा कि चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल सभी व्यक्तित्व एक ऐसे भारत
का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अधिक समावेशी, मानवीय और भविष्य की
ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों
की पहलें पारंपरिक प्रणालियों को नई दिशा
देती हैं और बड़े स्तर
पर सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करती हैं।

आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को प्रशासन में लोगों को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण के लिए व्यापक
रूप से जाना जाता
है। उन्होंने शासन को केवल नियमों
और प्रक्रियाओं तक सीमित न
रखते हुए उसे नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं
से जोड़ने का निरंतर प्रयास
किया है। तकनीक और नवाचार के
प्रभावी उपयोग के माध्यम से
उन्होंने सरकारी सेवाओं की अंतिम छोर
तक पहुंच सुनिश्चित करने और सेवा वितरण
को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने
की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।

अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान श्रीमती
हरि चंदना कई ऐसी पहलों
से जुड़ी रही हैं, जिनका उद्देश्य जनसहभागिता को सरल बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक उत्तरदायी
बनाना और यह सुनिश्चित
करना रहा है कि सरकारी
योजनाओं का लाभ सही
व्यक्ति तक सही समय
पर पहुंचे। उनकी कार्यशैली को सक्रिय, समाधान-केंद्रित और नवाचार-प्रधान
माना जाता है, जिसमें पारंपरिक शासन प्रणालियों को नागरिक-अनुकूल
स्वरूप देने पर विशेष बल
दिया गया है।

डेमोक्रेटिक संघ द्वारा दिया गया यह सम्मान इस
बात का संकेत है
कि देश में अब ऐसे प्रशासकों
को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जो परंपरागत ढांचे
से आगे बढ़कर दीर्घकालिक और संस्थागत सुधारों
की दिशा में कार्य कर रहे हैं। चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 भारत में उभर रहे नेतृत्व की विविधता और
गहराई को दर्शाती है
और उन प्रयासों को
मान्यता देती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों
को जमीनी स्तर पर साकार कर
रहे हैं।

डेमोक्रेटिक संघ ने यह भी
घोषणा की है कि चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल चयनित व्यक्तियों को संगठन के वार्षिक फोरम के दौरान सम्मानित
किया जाएगा। यह फोरम नीति-निर्माताओं, सामाजिक नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और जागरूक नागरिकों
को एक मंच पर
लाकर भारत में लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति
और भविष्य की दिशा पर
सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करता
है।

तेज़, पारदर्शी और मानवीय प्रशासन
की बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाओं के बीच, आईएएस
अधिकारी श्रीमती हरि चंदना जैसी अधिकारी एक नई पीढ़ी
के चेंज मेकर्स का प्रतिनिधित्व करती
हैं, जो दृष्टि, प्रतिबद्धता
और जवाबदेही के साथ शासन
व्यवस्था को अधिक प्रभावी
और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में
निरंतर कार्य कर रही हैं।

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<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 16:17:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डेमोक्रेटिक, संघ, की, चेंज, मेकर्स, लिस्ट, 2025, में, शामिल, हुईं, आईएएस, हरि, चंदना</media:keywords>
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<title>श्री बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर क्यों है पूरे विश्व में निराला?</title>
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<description><![CDATA[ नोएडा (उत्तर प्रदेश) [भारत], 23 जनवरी : श्री बरसाना धाम सचमुच दिल को सुकून देने वाली जगह है। यह वही पावन भूमि है जहाँ श्री राधा ने अवतरा लिया था। यहाँ पहुँचते ही ऐसा महसूस होता है मानो हवा में ही राधा नाम की मधुर गूँज घुली हुई हो। चारों ओर फैले हरे भरे खेत, शांत वातावरण, मिट्टी की हल्की सुगंध और ठंडी बहती हवा, सब मिलकर मन को गहरी शांति से भर देते हैं।बरसाना का प्राकृतिक सौंदर्य इतना प्यारा है कि यहाँ कदम रखते ही भीतर एक अनोखी दिव्य ऊर्जा का संचार होने लगता है। हर मोड़ पर श्री राधा रानी का नाम सुनाई देता है और हर बातचीत में लाड़ली जू का ज़िक्र आता है। यदि आप मन की शांति और राधा कृष्ण भक्ति का अनुभव चाहते हैं, तो बरसाना धाम अवश्य जाएँ।राधा रानी के दुर्लभ दर्शनबरसाना के इसी पावन क्षेत्र में स्थित है कीर्ति मंदिर, जो श्री राधा रानी की माता कीर्ति मैया के नाम पर इस युग के पंचम मूल जगद्गुरु, जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा स्थापित किया गया है। यह मंदिर अपने भाव और निर्माण दोनों में दुनिया भर में अनूठा है और हर यात्री के लिए अवश्य अनुभव करने योग्य स्थान है।कीर्ति मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहाँ श्री राधा रानी लगभग पाँच वर्ष के बाल स्वरूप में अपनी माता कीर्ति मैया की गोद में विराजमान हैं, जो पूरे विश्व में और कहीं देखने को नहीं मिलता। यह दर्शन इतना मनोहारी और वात्सल्य से भरा होता है कि लगता है जैसे भक्त स्वयं राधा रानी के बाल स्वरूप से साक्षात् मिल रहे हों।शिल्पकला और वास्तुकला की भव्यताकीर्ति मंदिर भारतीय शिल्पकला का अद्वितीय उदाहरण है। गुलाबी बलुआ पत्थर की महीन नक्काशी, सफेद मार्बल का चमकदार फर्श और दीवारों पर की गई रंग बिरंगी पच्चीकारी मिलकर मंदिर को भव्य एवं दिव्य रूप प्रदान करते हैं। आश्चर्य की बात है कि पूरा मंदिर बिना सीमेंट और लोहे के केवल पारंपरिक भारतीय तकनीकों से बनाया गया है।कीर्ति मंदिर के निर्माण में लगभग बारह वर्ष लगे और पाँच सौ से अधिक कारीगरों ने दिन रात इसके लिए मेहनत की। यहाँ का हर पत्थर एक कहानी कहता है और हर दीवार भक्ति के भाव से भरी प्रतीत होती है।मंदिर की बाहरी परिधि में बने छत्तीस आकर्षक स्तंभ वर्ष के बारह महीने और दिन के चौबीस घंटे का प्रतीक हैं। यह मानो संकेत देते हैं कि जीवन का हर क्षण राधा कृष्ण के स्मरण में बीतना चाहिए। स्तंभों पर उकेरी गई अष्टमहासखियों की मूर्तियाँ इतनी जीवंत हैं कि लगता है जैसे वे अभी मुस्कुरा देंगी।कीर्ति मंदिर भारत के महान संत जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा स्थापित किया गया है जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणाइस मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से हुआ। श्री कृपालु जी ने ही वृंदावन में विश्वप्रसिद्ध प्रेम मंदिर और प्रयागराज के निकट अपने जन्मस्थान, श्री कृपालु धाम - मनगढ़ में भक्ति मंदिर का निर्माण कराया। इन मंदिरों में प्रतिदिन भारी संख्या में भक्तजन दर्शन के लिए पहुँचते हैं।इसके अतिरिक्त, वृंदावन, बरसाना और श्री कृपालु धाम - मनगढ़ स्थित जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के आश्रमों में वर्ष में कई बार साधना शिविरों का आयोजन होता है, जहाँ साधकों को श्री राधा कृष्ण की प्राप्ति के लिए रूपध्यान संकीर्तन की साधना विधि सिखाई जाती है और उनका निरंतर अभ्यास कराया जाता है।रात्रि में कीर्ति मंदिर का सौंदर्य अपने चरम पर पहुँच जाता है। रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया यह मंदिर पहाड़ी पर खिले किसी दिव्य कमल जैसा प्रतीत होता है। शाम की ठंडी हवा, शांत वातावरण और मधुर प्रकाश, सब मिलकर मन को किसी पुराने प्रिय संगीत की तरह छू लेते हैं। कुछ देर यहाँ बैठ जाने पर लगता है जैसे ब्रजरस स्वयं हवा में घुलकर अंतःकरण को शुद्ध कर रहा हो।100% नि:शुल्क चिकित्सालयमंदिर परिसर में स्थित जगद्गुरु कृपालु चिकित्सालय अत्यंत प्रेरणादायक है। यहाँ गरीब गाँव-वासियों, निर्धन साधुओं और विधवा महिलाओं को सौ प्रतिशत नि:शुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है।होली, राधाष्टमी और बसंत पंचमी जैसे उत्सवों पर कीर्ति मंदिर का वातावरण दिव्यता से भर जाता है। रंग बिरंगी झाँकियाँ, संगीत, भजन, सजावट और भक्तिभाव सब मिलकर इन उत्सवों को अविस्मरणीय बना देते हैं।कैसे पहुँचें?बरसाना का कीर्ति मंदिर, मथुरा से लगभग चालीस किलोमीटर दूर स्थित है। बस, टैक्सी, निजी वाहन और ट्रेन के माध्यम से यहाँ पहुँचा जा सकता है। यह मंदिर सड़क मार्ग से दिल्ली से तीन घंटे की दूरी पर है। कीर्ति मंदिर सुबह 8:30 से 12:00 और शाम 4:30 से 8:00 बजे तक खुला रहता है।तो अगली बार आप जब भी छुट्टियों में किसी विशेष स्थान पर जाने का मन बनाएँ, तो बरसाना के कीर्ति मंदिर को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ का अनुभव मन में जीवनभर के लिए मीठी छाप छोड़ जाता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 23:02:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>श्री, बरसाना, धाम, का, कीर्ति, मंदिर, क्यों, है, पूरे, विश्व, में, निराला</media:keywords>
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<title>डॉ. अभिषेक वर्मा ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी के 13वें संकल्प दिवस सम्मेलन में भाग लिया</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/dr-abhishek-verma-attends-13th-sankalp-diwas-conference-of-nishad-party-in-lucknow-uttar-pradesh</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ (उत्तर प्रदेश), जनवरी 15 : डॉ. अभिषेक वर्मा, मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना (एनडीए) गठबंधन एवं चुनाव, ने 13 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित निषाद पार्टी के 13वें संकल्प दिवस सम्मेलन में भाग लिया एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। सम्मेलन में 6,000 से अधिक अनुशासित कार्यकर्ताओं और समर्थकों की प्रभावशाली उपस्थिति रही, जो निषाद समाज की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और एनडीए के भीतर उसकी सशक्त भूमिका को दर्शाती है।यह कार्यक्रम सामाजिक सम्मान, संवैधानिक अधिकारों और समावेशी विकास के प्रति निषाद पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराने के साथ-साथ एनडीए सहयोगी दलों के बीच समन्वय को और मजबूत करने का माध्यम बना।मंच पर उपस्थित प्रमुख अतिथि• श्री संजय कुमार निषाद, मत्स्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, निषाद पार्टी• श्री प्रवीण निषाद, सांसद, निषाद पार्टी• श्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री• श्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश• श्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश• श्री ओम प्रकाश राजभर, अध्यक्ष, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी• डॉ. अभिषेक वर्मा, मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना (एनडीए) गठबंधन एवं चुनाव• अपना दल सहित अन्य एनडीए घटक दलों के वरिष्ठ नेताडॉ. अभिषेक वर्मा के संबोधन के प्रमुख अंशडॉ. वर्मा ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रहित पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संकल्प दिवस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक स्वाभिमान और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है।उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए में शिवसेना की विचारधारा हिंदू सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक न्याय और राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांतों पर आधारित है तथा पारंपरिक समाजों का सशक्तिकरण राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य शर्त है।डॉ. वर्मा ने यह भी कहा कि एनडीए केवल एक राजनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें निषाद समाज की भूमिका निर्णायक और दूरगामी है।कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण13वां संकल्प दिवस सम्मेलन एनडीए नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ, जहां सामाजिक सशक्तिकरण, सांस्कृतिक पहचान और उत्तर प्रदेश में समन्वित राजनीतिक रणनीति को लेकर साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 19:45:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., अभिषेक, वर्मा, ने, लखनऊ, उत्तर, प्रदेश, में, निषाद, पार्टी, के, 13वें, संकल्प, दिवस, सम्मेलन, में, भाग, लिया</media:keywords>
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<title>लोक जनशक्ति पार्टी–रामविलास (कि. प्रकोष्ठ) गुजरात प्रदेश कार्यकारिणी में अहम नियुक्तियाँ</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/lok-janshakti-party-ljp-ram-vilas-paswan-cell-key-appointments-in-gujarat-pradesh-executive</link>
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<description><![CDATA[ सूरत (गुजरात) [भारत], जनवरी 9 : लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (कि. प्रकोष्ठ) की प्रदेशिक कार्यकारिणी में आज महत्त्वपूर्ण नियुक्तियों का समावेश हुआ। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्षा के पद पर राजकोट जिले की पूर्व कांग्रेस प्रमुख श्रीमती चांदनी पटेल जी को नियुक्त किया गया। वही गुजरात प्रदेश के सचिव पद पर श्री शैलेशकुमार जैन जी की नियुक्ति हुई। लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (कि. प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय महासचिव श्री नवीन कुमठ जी ने नियुक्ति पत्र और शॉल से स्वागत करके, दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दी है, तथा अपने पद की गरिमा को बनाये रखते हुए, एकजुट होकर विकासकार्य करने की मंशा व्यक्त की है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 16:42:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Important appointments, the Lok Janshakti Party-Ram Vilas, (Youth Wing), Gujarat State, Executive Committee</media:keywords>
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<title>नवाचार की मिसाल: ‘चेंज मेकर’IAS हरि चंदना को भारत की पहली व्हाट्सऐप शिकायत व्यवस्था के लिए सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 27 दिसंबर : डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया। यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणीअब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर तक आना या तकनीकी प्रक्रिया समझना आसान नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप प्रजावाणी (74166 87878) की शुरुआत की।इसके जरिए हैदराबाद देश का पहला जिला बना, जहां सरकारी शिकायतें सीधे व्हाट्सऐप पर ली जाने लगीं। अब लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।आसान पहुंच से बढ़ी लोगों की भागीदारीइस पहल का असर तुरंत दिखा। सरकार अब सच में “एक मैसेज की दूरी” पर आ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का इस्तेमाल करना शुरू किया, खासकर वे लोग जो पहले प्रक्रिया को मुश्किल मानते थे।इतनी ज्यादा शिकायतें आने के बावजूद सिस्टम बहुत प्रभावी रहा। हर शिकायत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है, उसे एक यूनिक ट्रैकिंग नंबर मिलता है और कार्रवाई की जानकारी (ATR) सीधे नागरिक के फोन पर भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।‘चेंज मेकर’ की पहचानयह सम्मान हरि चंदना के लिए पहला नहीं है। उनके करियर में कई ऐसी पहलें हैं जो देश में पहली बार शुरू हुईं। उन्होंने कलेक्टरेट में भारत का पहला QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया, जिससे कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ी।उन्होंने सीनियर साथी कार्यक्रम की भी शुरुआत की, जो अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सहारा और साथ देता है। इसके अलावा गाचीबोवली में भारत का पहला पेट पार्क और ग्रामीण कारीगरों के लिए आरुण्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी उनकी ही देन है।लगातार नई सोच और आसान समाधान लाने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई है। इसी वजह से लोग उन्हें प्यार से “द चेंज मेकर IAS ऑफिसर” कहते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 27 Dec 2025 16:51:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>नवाचार, की, मिसाल:, ‘चेंज, मेकर’IAS, हरि, चंदना, को, भारत, की, पहली, व्हाट्सऐप, शिकायत, व्यवस्था, के, लिए, सम्मान</media:keywords>
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<title>हैदराबाद में सार्वजनिक सेवा दक्षता के लिए देश की पहली क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/country-s-first-qr-code-based-feedback-system-for-public-service-efficiency-launched-in-hyderabad</link>
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<description><![CDATA[  हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत] : सेवा वितरण और त्वरित प्रतिक्रिया में सुधार की दिशा में एक अग्रणी कदम उठाते हुए, हैदराबाद जिला कलेक्टर हरि चंदना आईएएस ने हैदराबाद कलेक्टरेट में क्यूआर कोड आधारित जन फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की है। यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है, जो नागरिकों को प्राप्त सेवाओं के बारे में अपने अनुभव साझा करने और प्रतिक्रिया देने का एक सीधा और सुलभ माध्यम प्रदान करती है।नव-प्रारंभ की गई यह प्रणाली नागरिकों और सेवा प्रदाताओं के बीच संचार को सरल और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई है। क्यूआर कोड स्कैन करके आगंतुक तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं, जिससे अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता और अपने प्रदर्शन पर रीयल-टाइम जानकारी प्राप्त होती है। यह व्यवस्था फीडबैक संग्रह से जुड़ी पुरानी समस्याओं—जैसे देरी, अक्षमता और पारदर्शिता की कमी—को दूर करने में सहायक होगी।इस प्रणाली का एक प्रमुख लाभ यह है कि यह फीडबैक देने की प्रक्रिया को आसान और सभी के लिए सुलभ बनाती है। अब आगंतुकों को औपचारिक प्रक्रियाओं का इंतज़ार करने या जटिल फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। क्यूआर कोड के माध्यम से वे अपनी शिकायत, सुझाव या सराहना तुरंत व्यक्त कर सकते हैं। यह प्रणाली स्मार्टफोन के साथ संगत है और इसके लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है, जिससे सभी आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।इस पहल का प्रभाव व्यापक होने की उम्मीद है। नागरिकों से सीधे फीडबैक मिलने से कर्मचारी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर सकेंगे, देरी कम होगी और सेवा की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा। फीडबैक प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर यह प्रणाली प्रशासनिक कार्यालय के सभी सदस्यों में अधिक जवाबदेही, दक्षता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देती है।दक्षता के साथ-साथ, क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी के उपयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। डिजिटल समाधान अपनाकर यह पहल दर्शाती है कि सरल तकनीकी उपकरण भी संचार की खाइयों को पाट सकते हैं, कार्यप्रवाह में सुधार कर सकते हैं और उत्तरदायित्व की संस्कृति विकसित कर सकते हैं। रीयल-टाइम फीडबैक से बार-बार आने वाली समस्याओं की पहचान, सेवा गुणवत्ता की निगरानी और लक्षित सुधार संभव हो पाते हैं, जिससे सीधे तौर पर नागरिकों को लाभ मिलता है।यह पहल अन्य कार्यालयों और संस्थानों के लिए भी एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है जो जवाबदेही और जन सहभागिता बढ़ाना चाहते हैं। सरल, पारदर्शी और प्रभावी फीडबैक तंत्र के माध्यम से हैदराबाद जिला यह दर्शाता है कि नवाचार किस प्रकार प्रशासन और जनता के बीच रोज़मर्रा के संवाद को बेहतर बना सकता है। नागरिकों को अपने अनुभव साझा करने और सुधारों को प्रभावित करने का अवसर मिलता है, जिससे एक अधिक संवादात्मक और उत्तरदायी वातावरण बनता है।क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली सामान्य टिप्पणियों और सुझावों से लेकर सेवा गुणवत्ता से संबंधित विशिष्ट शिकायतों तक, विभिन्न प्रकार के इनपुट को संभालने में सक्षम है। प्रत्येक प्रतिक्रिया को ट्रैक किया जाता है, जिससे कार्रवाई की निगरानी और परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके। समय के साथ यह प्रणाली रुझानों, पैटर्न और सुधार योग्य क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करेगी, जिससे सेवा सुधार के लिए डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा सकेगा।जनता के लिए यह पहल कार्यालय की संवेदनशीलता और प्रभावशीलता पर भरोसा बढ़ाती है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी शिकायत अनदेखी या विलंबित न हो और प्रत्येक फीडबैक को स्वीकार कर उस पर कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों के लिए यह सहभागिता और जवाबदेही का नया स्तर स्थापित करती है, जो सक्रिय समस्या समाधान और निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करती है।इस फीडबैक प्रणाली की शुरुआत उपयोगकर्ता-केंद्रित सेवा मॉडल पर बढ़ते ज़ोर को दर्शाती है और यह दिखाती है कि सार्वजनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में तकनीक का व्यावहारिक उपयोग कैसे किया जा सकता है। उपयोगकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित कर यह पहल पारदर्शिता, त्वरित प्रतिक्रिया और दक्षता को बढ़ावा देती है, जिससे सभी को लाभ होता है।हैदराबाद कलेक्टरेट आने वाले आगंतुक कार्यालय परिसर में प्रमुख स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर इस पहल में भाग ले सकते हैं। यह प्रणाली उपयोग में आसान और सभी के लिए सुलभ है, जिसके लिए केवल एक स्मार्टफोन की आवश्यकता होती है। प्रक्रिया सुरक्षित है, चाहें तो गुमनाम रूप से भी फीडबैक दिया जा सकता है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी सुझावों और प्रतिक्रियाओं को सेवा गुणवत्ता सुधार के लिए गंभीरता से लिया जाए।संक्षेप में, क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली की शुरुआत सार्वजनिक सेवा की दक्षता और संवेदनशीलता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह तकनीक का उपयोग करके संचार को अधिक सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाती है, जिससे फीडबैक को सक्रिय रूप से एकत्रित, निगरानी और उस पर कार्रवाई की जा सके। नागरिकों को अपने अनुभव और विचार साझा करने का अधिकार देकर यह पहल निरंतर सुधार और जवाबदेही की संस्कृति को प्रोत्साहित करती है और सेवा संचालन के लिए एक नया मानक स्थापित करती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 21:26:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>हैदराबाद, में, सार्वजनिक, सेवा, दक्षता, के, लिए, देश, की, पहली, क्यूआर, कोड, आधारित, फीडबैक, प्रणाली, शुरू</media:keywords>
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<title>13–15 दिसंबर को दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव &#45; छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों की प्रदर्शनी</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/shankhnad-mahotsav-to-be-held-in-delhi-on-13-15-december-exhibition-of-arms-of-chhatrapati-shivaji</link>
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<description><![CDATA[ 
नई
दिल्ली : सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन और सनातन संस्था ने घोषणा की है कि शंखनाद महोत्सव
का आयोजन 13 और 14 दिसंबर 2025 को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा। यह
कार्यक्रम सनातन संस्था के सिल्वर जुबिली समारोह का हिस्सा है और भारतीय संस्कृति तथा
आध्यात्मिक मूल्यों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों
की प्रदर्शनी भी इस आयोजन का हिस्सा होगी। 

 

आयोजकों
के अनुसार, दिल्ली को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों
का केंद्र है और पूरे देश से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। दो
दिवसीय महोत्सव में संवाद, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखला शामिल होगी,
जिनका उद्देश्य भारत की सभ्यतागत विरासत को नए सिरे से सामने लाना है।

 

कार्यक्रम
का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘सनातन संस्कृति संवाद’ होगा, जो 13 और 14 दिसंबर को कन्वेंशन
हॉल में आयोजित किया जाएगा। इनमें विद्वान, विशेषज्ञ और विचारक भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक
और सभ्यतागत दृष्टि पर चर्चा करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इन सत्रों में युवाओं और
सांस्कृतिक अभिरुचि रखने वाले लोगों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।



इसके
साथ ही, 13 से 15 दिसंबर तक ऐतिहासिक शस्त्र एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का आयोजन एग्ज़िबिशन
हॉल 12 में होगा। प्रदर्शनी में दुर्लभ कलाकृतियाँ और ऐतिहासिक धरोहरें प्रदर्शित की
जाएंगी। मुख्य आकर्षण छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रसिद्ध ‘भावानी तलवार’ का प्रदर्शन
होगा। पारंपरिक मार्शल आर्ट्स के लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किए जाएंगे।

 

14
दिसंबर को ‘वैश्विक कल्याण हेतु सनातन राष्ट्र’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा,
जिसमें भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण, राष्ट्रीय विकास और वैश्विक योगदान पर चर्चा
होगी। विभिन्न क्षेत्रों के वक्ता इस सत्र में अपने विचार रखेंगे।

 

आयोजकों
का कहना है कि शंखनाद महोत्सव का उद्देश्य नागरिकों, युवाओं, विचारकों और सांस्कृतिक
समुदायों को एक मंच पर लाना है, ताकि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत के संरक्षण
के प्रति सामूहिक जागरूकता बढ़ सके।

 

फाउंडेशन
ने सभी इच्छुक लोगों को इस दो दिवसीय महोत्सव में शामिल होने और भारतीय संस्कृति के
इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।

 

  ]]></description>
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<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 13:44:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>13–15, दिसंबर, को, दिल्ली, में, होगा, शंखनाद, महोत्सव, छत्रपति, शिवाजी, के, शस्त्रों, की, प्रदर्शनी</media:keywords>
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<title>हैदराबाद ने शुरू किया &amp;apos;सीनियर साथी&amp;apos;, अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों के लिए सामुदायिक सहयोग का नया मॉडल</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/hyderabad-launches-senior-partner-a-new-model-of-community-support-for-the-elderly-living-alone</link>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद (तेलंगाना), दिसंबर 5 : Hyderabad जिला प्रशासन ने सीनियर साथी नामक एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य ऐसे बुज़ुर्ग नागरिकों को भावनात्मक और सामाजिक सहारा देना है जो अकेले रहते हैं। इस कार्यक्रम का शुभारंभ Hyderabad कलेक्टरेट में जिला प्रभारी मंत्री पोनम प्रभाकर और जिला कलेक्टर हरि चंदना द्वारा किया गया। यह पहल यंगिस्तान फाउंडेशन और विकलांग तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण विभाग के सहयोग से तैयार की गई है।तेज़ी से बदलते पारिवारिक ढांचे, बच्चों का दूसरे शहरों या देशों में बस जाना और शहरी जीवनशैली के चलते आज कई बुज़ुर्ग लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहते हुए भी अकेलापन महसूस करते हैं। सीनियर साथी इस दूरी को कम करने के लिए एक सुव्यवस्थित सामाजिक व भावनात्मक सहयोग मॉडल पेश करता है।सामुदायिक आधारित साथ-सहयोग मॉडलइस पहल के तहत प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक—जिनका मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, पृष्ठभूमि सत्यापन और संवेदनशीलता प्रशिक्षण किया गया है—हर सप्ताह बुज़ुर्ग नागरिकों के साथ समय बिताएंगे। इन गतिविधियों में बातचीत, टहलना, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पढ़ने में सहायता, मोबाइल व डिजिटल सीख, और छोटे-मोटे कामों में मदद शामिल होगी।अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुज़ुर्गों में अपनापन, भावनात्मक सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना है।पीढ़ियों को जोड़ने की जरूरत: मंत्री का संदेशशुभारंभ के दौरान मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा कि पहले संयुक्त परिवारों में बुज़ुर्गों से नियमित बातचीत होती थी, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में यह संपर्क कम हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुज़ुर्गों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों से अपील की कि वे अपने माता-पिता से दूर रहने पर भी फोन या डिजिटल माध्यम से जुड़े रहें।उन्होंने साइबर सुरक्षा और संपत्ति से जुड़े जोखिमों पर भी चिंता जताई, जिनका सामना अक्सर बुज़ुर्गों को करना पड़ता है, और परिवारों तथा समुदायों से ज़्यादा जिम्मेदारी और देखभाल दिखाने की अपील की।कलेक्टर का दृष्टिकोण: सहायक शहरी संस्कृति का निर्माणकलेक्टर हरि चंदना ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण संवेदना और मजबूत संस्थागत समर्थन पर आधारित है। उन्होंने बताया कि प्रशासन बुज़ुर्गों से जुड़ी समस्याओं का नियमित रूप से समाधान करता है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।उन्होंने समुदायिक मूल्यों और साझा स्थानों में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की और कहा कि नई पीढ़ी को बुज़ुर्गों के जीवन अनुभवों से सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही Hyderabad जिले में एक सीनियर डे-केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि बुज़ुर्गों को और भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।सीनियर साथी क्यों महत्वपूर्ण हैअध्ययनों के अनुसार, भारत में 13% से अधिक बुज़ुर्ग अवसाद के लक्षणों का अनुभव करते हैं, जिसमें अकेलापन एक बड़ा कारण है। दुनिया के कई देशों में हुए शोध बताते हैं कि नियमित सामाजिक संपर्क चिंता कम करता है, दिमागी क्षमता बढ़ाता है, और समय से पहले होने वाली मृत्यु के जोखिम को लगभग 30% तक कम करता है।अधिकारियों का मानना है कि सीनियर साथी वैश्विक अनुभवों को स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार जोड़ता है और अन्य जिलों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है। मंत्री प्रभाकर ने आशा व्यक्त की कि Hyderabad की यह पहल राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरक मॉडल बनेगी।कार्यान्वयन और जिम्मेदारीयंगिस्तान फाउंडेशन के संस्थापक अरुण, जिन्होंने इस कार्यक्रम की कल्पना की, को मंत्री ने विशेष प्रशंसा दी। कल्याण विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक संघों के सदस्य और विभिन्न साझेदार संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए।अब यह पहल ज़मीनी स्तर पर लागू की जाएगी और जिला प्रशासन स्वयंसेवकों की निरंतर भागीदारी तथा बुज़ुर्गों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए इसकी निगरानी करेगा।बुज़ुर्ग होती जनसंख्या के लिए एक आदर्श मॉडलतेज़ी से विकसित हो रहे Hyderabad जो तकनीक और वैश्विक केंद्रों का एक बड़ा हब बन चुका है के प्रशासन का कहना है कि शहर का विकास केवल ढांचागत प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक समावेशन और भावनात्मक देखभाल को भी दर्शाना चाहिए। सीनियर साथी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बुज़ुर्ग नागरिकों को सक्रिय, सम्मानित और समाज से जुड़े रहने में मदद करेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 18:38:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>हैदराबाद, ने, शुरू, किया, सीनियर, साथी, अकेले, रहने, वाले, बुज़ुर्गों, के, लिए, सामुदायिक, सहयोग, का, नया, मॉडल</media:keywords>
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<title>दो हफ़्तों में 42,500 लोगों तक पहुँची गुरु&#45;कृपा: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की दान&#45;सेवा</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/guru-kripa-reaches-42-500-people-in-two-weeks-jagadguru-shri-kripalu-ji-maharaj-s-charitable-service</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली, नवंबर 28 : जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) द्वारा आयोजित विशाल वितरण कार्यक्रम।42,500 ब्रज के महात्माओं, निराश्रित माताओं एवं स्कूली बच्चों को 8 नवम्बर से 24 नवम्बर, 2025 के बीच जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से सहायता सामग्री का वितरण किया गया।इस युग के पंचम मूल जगद्गुरु, श्री कृपालु जी महाराज की कृपा से उनकी परमार्थ संस्था जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) द्वारा निरंतर समाज के वंचित वर्ग की भारी मात्रा में दान-सेवा की जा रही है। ऐसा ही एक प्रकल्प हाल में ब्रज धाम में संपन्न हुआ।JKP की अध्यक्षाओं सुश्री डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी एवं सुश्री डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी ने अपने गुरु एवं पिता जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज और बड़ी बहन सुश्री डॉ. विशाखा त्रिपाठी जी के पदचिह्नों पर चलते हुए प्रेम मंदिर श्री वृन्दावन धाम, रँगीली महल बरसाना एवं श्री कृपालु धाम मनगढ़ में मुक्तहस्त से दान किया।जगद्गुरु कृपालु जी की प्रेरणाजगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के उपकारों का स्मरण कराते हुए डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी ने कहा, “जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने अपने सिद्धांत में बताया कि हम दो हैं - एक दिव्य आत्मा और एक भौतिक शरीर। उन्होनें अध्यात्मिक उत्थान हेतु अनेक ग्रंथ लिखे और प्रवचन दिए तथा मन्दिरों का निर्माण कराया ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी लाभान्वित हों। गरीबों के प्रति उनका हृदय अत्यंत द्रवित रहता, इसलिए उन्होंने जनकल्याण की अनेक योजनाएँ प्रारम्भ कीं जिनके द्वारा वर्षभर सहायता कार्य करवाए जाते हैं।”डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी ने कहा, “हम तो केवल निमित्त-मात्र हैं। गुरुवर की कृपा से ही सब सम्भव हो रहा है। उनके पदचिह्नों पर चलकर हम ब्रज में विविध कार्यक्रम सम्पन्न कर पा रहे हैं। यह सब उनकी ही कृपा का परिणाम है।”9,000 छात्र — 8 एवं 9 नवम्बर, 2025, श्री कृपालु धाम8 नवम्बर को जगद्गुरु कृपालु परिषत् के निःशुल्क स्कूलों के 2,000 विद्यार्थियों को गरम जैकेट, कंबल, साइकिलें एवं पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे शिक्षा-पथ पर उनके आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि हो सके।9 नवम्बर को श्री कृपालु धाम में 7,000 बच्चों को जैकेट, कंबल, मोज़े, टोपी आदि दिये गये। ये सामग्री पाकर बच्चों के मुख पर मुस्कान खिल गयी।8,500 ग्रामीण — 13 नवम्बर, 2025, श्री कृपालु धामसुश्री डॉ. विशाखा त्रिपाठी जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर श्री कृपालु धाम में एक विशाल वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। साधकों की आँखों में प्रेम और बड़ी दीदी की स्मृतियों की नमी थी। गर्म कंबल, शॉल आदि पाकर 8,500 ग्रामीणों के चेहरे पर दिखती राहत, नई आशा और कृतज्ञता ने इस दिन को अविस्मरणीय बना दिया।5,000 साधु एवं ब्रजवासी — 17 नवम्बर, 2025, वृन्दावनप्रेम मंदिर, वृंदावन में साधुओं के चरणों में सेवा अर्पित करते हुए JKP ने साधुओं और ब्रजवासियों को आवश्यक वस्तुओं से भरे 5,000 बैग प्रदान किए। हर बैग में पिट्ठू बैग, स्लिंग बैग, धोती-कुर्ता, बेडशीट, तौलिया, जैकेट, कंबल, डोलू, कटोरा, मच्छरदानी आदि आवश्यक सामग्री थी।ब्रज के एक साधु राधेश्याम दास जी ने कहा, “हम 14 वर्षों से प्रतिवर्ष इस दिव्य वितरण कार्यक्रम का लाभ ले रहे हैं। हमने स्वयं अपने नेत्रों से जगद्गुरु कृपालु जी के दर्शन किये हैं। ऐसा तेज और ऐसी दयालुता केवल दिव्य विभूतियों में ही संभव है। हम जगद्गुरु जी के चरणों में प्रणाम करते हैं।”जब प्रेम मंदिर में अनेक साधु “राधे राधे!” और “जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की जय!” कहते हुए नाचने लगे, तो सब साधक उन्हें देखकर हर्षित हो गये।प्रेम मंदिर, वृन्दावन में वितरण कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) की अध्यक्षायें सुश्री डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी एवं सुश्री डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी।4,000 निराश्रित मातायें — 18 नवम्बर, 2025, वृन्दावनप्रेम मंदिर में मातृत्व, संवेदना और करुणा का संगम उतर आया जब 4,000 विधवा मातायें पंक्तिबद्ध होकर भगवान् को प्रणाम करती हुईं, वितरण सामग्री लेने के लिए पहुँचीं।सबको स्वेटर, टोपी, स्टोल, कंबल, मच्छरदानी, छाता, रसोई के बर्तन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएँ दी गयीं। उनकी आँखों में चमकता विश्वास यह कह रहा था कोई है जो हमें हमारी विवशता में भी सम्मान देता है।3,000 साधु एवं ब्रजवासी — 20 नवम्बर, 2025, बरसानाराधारानी की जन्मभूमि श्री बरसाना धाम में जब JKP द्वारा 3,000 साधुओं को सर्दी की अनिवार्य वस्तुएँ दी गईं, तो हर ओर कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।2,000 निराश्रित मातायें — 21 नवम्बर, 2025, बरसाना2,000 विधवा माताओं के चेहरों पर बरसाना में जो संतोष दिखा, वह अमूल्य था।बरसाना की एक लाभार्थी, कमला जी ने बताया - “जिनका कोई नहीं होता, उनका भगवान् होता है। कृपालु बाबा हमारे भगवान् हैं। हम साल में कई बार ये सौदा पाती हैं। बाबा न होते तो पता नहीं हम इस ठण्ड में कैसे गुज़र-बसर कर पातीं। कृपालु बाबा और उनकी तीनों बेटियाँ बहुत अच्छी हैं।”6,000 छात्र — 22 नवम्बर, 2025, बरसानाकीर्ति मंदिर परिसर में 6,000 बच्चों को गरम जैकेट, कंबल, मोज़े, टोपी आदि प्रदान किये गए।5,000 छात्र — 24 नवम्बर, 2025, वृन्दावनवृंदावन में 5,000 बच्चों को सर्दी से राहत प्रदान करने के लिए जैकेट, कंबल, टोपी, मोज़े दिए गए। बच्चे जैकेट पहनकर एक दूसरे को दिखाते नज़र आये जिसे देखकर सब बहुत खुश हुए। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Nov 2025 17:43:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>दो, हफ़्तों, में, 42, 500, लोगों, तक, पहुँची, गुरु-कृपा:, जगद्गुरु, श्री, कृपालु, जी, महाराज, की, दान-सेवा</media:keywords>
</item>

<item>
<title>राम मंदिर में ध्वजारोहण और भारत उत्कर्ष महायज्ञ की पूर्णाहुति, नोएडा में 11 लाख श्रद्धालुओं ने रचा नया इतिहास</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/flag-hoisting-at-ram-mandir-and-bharat-utkarsh-mahayagya-complete-11-lakh-devotees-in-noida-create-new-history</link>
<guid>https://www.marudharbharti.com/flag-hoisting-at-ram-mandir-and-bharat-utkarsh-mahayagya-complete-11-lakh-devotees-in-noida-create-new-history</guid>
<description><![CDATA[ 
नोएडा, सेक्टर-110, रामलीला मैदान |

आज अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण की ऐतिहासिक और भावनाओं से भरी घड़ी के साथ ही नोएडा में आयोजित 108-कुण्डीय “भारत उत्कर्ष महायज्ञ”
के अंतिम दिन रामभक्ति अपनी चरम पर दिखाई दी। जैसे ही अयोध्या से ध्वजारोहण का शुभ संदेश आया, उसी क्षण महायज्ञ स्थल पर राम तारक यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित की गई और पूरा परिसर “जय श्री राम”
के जयघोष से गूंज उठा।

दस दिनों तक चले इस विराट आयोजन में कुल 11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता हुई—यह संख्या सिद्ध करती है कि भारत उत्कर्ष महायज्ञ नोएडा की धरती पर अब तक का सबसे विशाल, सर्वाधिक पवित्र तथा सबसे भव्य धार्मिक आयोजन बन चुका है।

देश के हर राज्य और विदेशों—अमेरिका, कनाडा, मॉरीशस, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, फिजी और यूरोपीय देशों—से आए भक्त इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। सभी श्रद्धालुओं ने एक सुर में कहा कि आज का दिन सिर्फ अध्यात्म का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है—जहाँ अयोध्या और नोएडा दोनों ने मिलकर भक्ति, ऊर्जा और राष्ट्रगौरव की एक नई धारा प्रवाहित की। सिर्फ इतना ही नहीं The
Maharishi University of Information Technology (MUIT) के छात्रों ने विभिन्न प्रदेशों के लोक नृत्य को प्रस्तुत कर भारतीय विविधता का प्रदर्शन भी किया ।

रामकथा और वैदिक अनुष्ठानों की निरंतर ध्वनि के बीच अंतिम दिन का यज्ञ राम मंदिर ध्वजारोहण के शुभ संकेत के साथ ही समर्पित किया गया।

राघवाचार्य जी द्वारा सुनाई जा रही रामकथा के दौरान हजारों लोग भाव-विभोर होकर रामभक्ति में डूबे रहे।

आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि दस दिनों तक हर आगंतुक के लिए भंडारे में निःशुल्क और सतत प्रसाद की व्यवस्था की गई, जहाँ रोज़ लाखों की संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण करते रहे। 

हजारों दीपों से प्रकाशित परिसर, जयघोष, वैदिक मंत्रों की शक्ति और राम मंदिर ध्वजारोहण के पावन अवसर का संगम—इन सबने मिलकर आज के दिन को एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अध्याय बना दिया।

महर्षि संस्थान के अध्यक्ष श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा:

“जैसे अयोध्या में ध्वजा फहराई गई, वैसे ही नोएडा में राम तारक यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ भक्ति और विश्वशांति का संदेश फहरा। यह दिन नोएडा ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।”


 


 

वहीं संस्थान के उपाध्यक्ष श्री राहुल भारद्वाज ने राममंदिर ध्वजारोहण के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिनके अथक प्रयासों से पूरा भारत इस पल का साक्षी बना। साथ ही भारत उत्कर्ष महायज्ञ को सफल बनाने के लिये जिन लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही उनको भी धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी वजह से यह आयोजन महासफल हो सका ।

 

भारत उत्कर्ष महायज्ञ ने सिद्ध कर दिया कि जब संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय चेतना एक धारा में प्रवाहित होती हैं, तब इतिहास बनता है—और आज वही इतिहास नोएडा की इस पवित्र भूमि पर लिखा गया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Nov 2025 17:51:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>राम, मंदिर, में, ध्वजारोहण, और, भारत, उत्कर्ष, महायज्ञ, की, पूर्णाहुति, नोएडा, में, लाख, श्रद्धालुओं, ने, रचा, नया, इतिहास</media:keywords>
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<title>कृष्णा भूमि आर्केड ने श्री बिहार पंचमी पंचवटी महोत्सव द्वारा महा प्लांटेशन ड्राइव 2025’ की घोषणा की</title>
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<description><![CDATA[  श्री रवी शंकर, मुख्य विपणन अधिकारी, कृष्णा भूमि आर्केड; श्री वेंकट श्रीकर पटेल, प्रभागीय वन अधिकारी, मथुरा; श्री मदन दुबे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषदवृन्दावन (उत्तर प्रदेश) [भारत] : इन्फिनिटी ग्रुप की पहल कृष्णा भूमि आर्केड ने उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा ब्रज तीर्थ विकास परिषद (BTVP) के साथ मिलकर आगामी श्री बिहार पंचमी पंचवटी महोत्सव (25 नवंबर 2025) की घोषणा हेतु आज वृंदावन स्थित ऐतिहासिक वैष्णव बैठक स्थल पर कार्यक्रम पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।ब्रिफिंग को श्री मदन दुबे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद; श्री वेंकट श्रीकर पटेल, प्रभागीय वन अधिकारी, मथुरा तथा श्री रवी शंकर, मुख्य विपणन अधिकारी, कृष्णा भूमि आर्केड ने संबोधित किया।परिक्रमा मार्ग और यमुना तट के बीच कुंभ-पूर्व वैष्णव बैठक स्थल पर 140 एकड़ में पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पहलब्रज के 108 श्री महंत, महंत एवं संत मिलकर 108 पवित्र पंचवटी वृक्ष लगाएंगे, जिससे प्राचीन वृंदावन की पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने का संकल्प साकार होगा।सेवा-आधारित विकास मॉडल के माध्यम से वृंदावन की आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण₹30,000 करोड़ के एकीकृत सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिक मास्टर प्लान के अनुरूप पहलअगले 5 वर्षों में 2.45 करोड़ से बढ़कर 6 करोड़ तक पहुंचने वाले श्रद्धालु आगमन को ध्यान में रखते हुए तीर्थ अनुभव को सुदृढ़ बनाएगीप्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए श्री रवी शंकर ने कहा कि कुंभ-पूर्व वैष्णव बैठक स्थल में हरितिमा संवर्धन एवं विकास के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं नगर निगम के साथ त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से लगभग पिछले दो वर्षों से कार्य किया जा रहा है। पिछले वर्षा ऋतु में बाढ़ एवं जलभराव के कारण वृक्षों तथा लताओं को विशेष क्षति पहुँची थी। हरितिमा संवर्धन के संकल्प को गति देने के उद्देश्य से श्री बिहारी पंचमी पंचवटी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि छटीकरा  रोड के मुख्य मार्ग की हरित पट्टी के संवर्धन एवं रख-रखाव का कार्य भी कृष्णभूमि द्वारा किया जा रहा है।श्री रवी शंकर ने स्पष्ट कहा कि इन्फिनिटी ग्रुप अपने मूल संकल्प में सतत् (सस्टेनेबल) विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले तीन दशकों से इस दिशा में निरंतर कार्यरत है। अमेरिका के बाहर दूसरी प्लैटिनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग तथा विश्व की सातवीं ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण समूह ने ढाई दशक पहले कोलकाता में किया था। इसके बाद समूह द्वारा विकसित सभी परियोजनाएँ ग्रीन सर्टिफाइड हैं।इसी क्रम में, श्री वृंदावन धाम में देश का पहला धार्मिक एवं सांस्कृतिक समागम मॉल—“कृष्णा भूमि आर्केड”, समूह द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो कि प्री-सर्टिफाइड गोल्ड रेटेड ग्रीन बिल्डिंग है। “श्री बिहारी पंचमी पंचवटी महोत्सव” के केंद्र में वृंदावन धाम की पवित्र भूमि का विकास और संरक्षण सेवा के माध्यम से है। पंचवटी वृक्षारोपण के जरिए हमारा उद्देश्य वृंदावन की पवित्र पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करना, यमुना तट को सुदृढ़ करना और उस सांस्कृतिक परिदृश्य को सुरक्षित रखना है जिसने सदियों से भक्ति को आकार दिया है।हमारा सिद्धांत स्पष्ट है, ‘धाम में जो भी बने, वह धाम की सेवा करे।’ आने वाले वर्षों में तीर्थ और पर्यटन में तीव्र वृद्धि को देखते हुए यह हरित पहल पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय कारीगरों का सशक्तिकरण, तीर्थ अनुभव में समृद्धि और धाम से जुड़े पारंपरिक आजीविकाओं के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी।”140 एकड़ का यह वृक्षारोपण क्षेत्र परिक्रमा मार्ग और यमुना के बीच स्थित है, वृंदावन की प्राचीन भौगोलिक पहचान का मूल आधार। परिक्रमा मार्ग से बिहारी जी मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को यह पुनर्स्थापित हरित क्षेत्र प्राकृतिक, आध्यात्मिक और पारिस्थितिक अनुभव प्रदान करेगा। बिहारी पंचमी के शुभ अवसर पर ब्रज के संतों की पावन उपस्थिति और आशीर्वाद से, वृंदावन बिहारी लाल के श्रीचरणों में कूँज सेवा, प्रकृति संरक्षण, संवर्धन तथा मानव जीवन के बीच तालमेल का एक अद्वितीय मॉडल प्रस्तुत करता है।जानकारी के अनुसार, महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन करेंगे: ब्रज के 108 प्रमुख श्रीमहंत, महंत एवं संतों की पावन उपस्थिति में डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वन, पर्यावरण, वन संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश सरकार; ग्रैमी पुरस्कार विजेता एवं पद्म भूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट (मोहन वीणा के जनक); तंत्री सम्राट पंडित सलील भट्ट (सतविक वीणा के जनक); तथा प्रसिद्ध वादक पंडित अजय प्रसन्ना, तीन बार ग्रैमी पुरस्कार नामांकित। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और भक्तों को तुलसी रोपण के माध्यम से वृंदावन की पारिस्थितिक पुनर्बहाली में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।वक्ताओं ने बताया कि यमुना तट पर पंचवटी पेड़ों का रोपण एक आध्यात्मिक कार्य होने के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे बिहारी जी कॉरिडोर में एक आवश्यक पर्यावरणीय हस्तक्षेप भी है। ‘भारत की आध्यात्मिक राजधानी’ माने जाने वाले वृंदावन में बढ़ते श्रद्धालु आगमन को देखते हुए यह हरित क्षेत्र एक शांत ट्रांज़िशन स्पेस, प्राकृतिक विश्राम क्षेत्र और जीवंत पारिस्थितिक उद्यान के रूप में कार्य करेगा। इससे कारीगर आजीविका सशक्त होगी, सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और वृंदावन के प्राचीन, प्राकृतिक सौंदर्य की झलक पुनर्जीवित होगी।यह पहल बिहारी जी द्वारा पावन की गई इस भूमि के संरक्षण का संकल्प है, जो भक्तों को वह दिव्य वृंदावन दर्शाती है जहाँ प्रकृति, भक्ति और संस्कृति एकाकार थे।अंत में वक्ताओं ने कहा कि बिहार पंचमी पंचवटी महोत्सव 2025 सेवा-आधारित सतत आध्यात्मिक विकास का नया मॉडल प्रस्तुत करता है, जो बिहारी जी के आशीर्वाद से प्राचीन वृंदावन की आत्मा को संजोते हुए तीर्थ अनुभव को और ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 13:10:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>स्वामी कैलाशानंद गिरि जी का संदेश: सनातन धर्म प्रसार, डॉ अभिषेक वर्मा को सम्मान&#45;आशीर्वाद</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Nov 2025 21:58:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>&amp;apos;ईमानदारी विकल्प नहीं, बुनियाद है&amp;apos;: IFS आशुतोष कुमार के मंत्र से बढ़ रही साइलेंट स्ट्रेंथ संस्कृति</title>
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<description><![CDATA[ इस दिशा में विशेष सचिव (विजिलेंस) के रूप में कार्यरत अशुतोष कुमार द्वारा संचालित प्रयासों ने ईमानदारी, दक्षता और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को नई गति प्रदान की है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Nov 2025 18:44:40 +0530</pubDate>
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<title>हरिद्वार में बन रहा है विश्व का सबसे विशाल विश्व सनातन महापीठ: एक मेगा प्रोजेक्ट जो आध्यात्मिक भारत की नई पहचान बनेगा</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 15:28:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>सूरत से ‘इको क्रांति’ का आरंभ, श्री श्री रविशंकर संग आर्ट ऑफ लिविंग का प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान</title>
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<description><![CDATA[ सूरत (गुजरात) [भारत] : सूरत, जो पहले से ही भारत का सबसे स्वच्छ नगर कहलाता है, अब बनने जा रहा है — “भारत का सर्वाधिक हरित … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 07 Nov 2025 14:39:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>एडवोकेट मलिका शिरज़ादे ने ए.आर. रहमान के ‘सीक्रेट माउंटेन’ के लिए बनाया नवाचारी कानूनी मॉडल</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई (महाराष्ट्र), नवंबर 5 : एडवोकेट मलिका शिरज़ादे, जो एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट और बौद्धिक संपदा वकील हैं, ने ए.आर. रहमान के “सीक्रेट माउंटेन” प्रोजेक्ट के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 18:48:35 +0530</pubDate>
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<title>गिरनार यात्रा &#45;ध्यान साधना विज्ञान और सेवा का संगम – ध्यानगुरु रघुनाथ येमुल गुरुजी</title>
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<description><![CDATA[   जूनागढ़ : आध्यात्मिक ध्यान साधना, भक्ति और आत्मानुभूति का केंद्र माने जाने वाले गिरनार पर्वत ने इस वर्ष एक ऐतिहासिक क्षण देखा। पुणे के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 18:46:20 +0530</pubDate>
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<title>भारत पर्यावास केंद्र में ‘हिंदी पक्षोत्सव’ समारोह का आयोजन</title>
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<description><![CDATA[   नई दिल्ली : भारत पर्यावास केंद्र (इंडिया हैबिटैट सेंटर) के भारत बोध केंद्र के अंतर्गत नवगठित राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा हिंदी पक्षोत्सव समापन एवं … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Oct 2025 15:39:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>वैश्विक अध्यात्म और नेतृत्व का संगम — दिल्ली में आयोजित होगा इंडो&#45;ब्रिटिश मैत्री समारोह</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : भारत की राजधानी नई दिल्ली एक ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजन की साक्षी बनेगी — इंडो–ब्रिटिश फ्रेंडशिप सेलिब्रेशन, जिसमें एंटरप्रे–शक्ति पुरस्कार … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Oct 2025 13:52:54 +0530</pubDate>
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<title>फर्जी मिनरल वाटर फैक्ट्री पर छापा: उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश</title>
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<description><![CDATA[   दिल्ली कोर्ट के आदेश पर बाराबंकी में करोड़ों रुपये के नकली मिनरल वाटर का भंडाफोड़ बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) : दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट के सीधे आदेश पर आज बाराबंकी प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। यूपीएसआइडीसी (UPSIDC) के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Oct 2025 15:58:53 +0530</pubDate>
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<title>श्रीकांत वर्मा जयंती पर साहित्य, पत्रकारिता और कला के क्षेत्र में देश के सबसे बड़े सम्मान की घोषणा जिसकी राशि २१ लाख होगी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, सितंबर 20 : प्रसिद्ध कवि, पत्रकार और राजनेता श्रीकांत वर्मा की जयंती के अवसर पर आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री संग्रहालय तीन मूर्ति में … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 13:10:14 +0530</pubDate>
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<title>नीलम कृष्ण पहलवान ने किया नाले के टूटे हिस्से का निरीक्षण, दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, सितंबर 16 : बरसात की स्थिति में स्वयं नीलम जी ने जाकर निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया। झड़ौदा रोड स्थित … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 17:33:20 +0530</pubDate>
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<title>गुरु रंधावा का बड़ा ऐलान – बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाटेंगे गेहूं के बीज, ताकि फिर से हो सके नई शुरुआत</title>
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<description><![CDATA[ पंजाबी गायक गुरु रंधावा हमेशा संकट की घड़ी में अपने लोगों के साथ खड़े रहे हैं। हाल ही में पंजाब में आई भीषण बाढ़ के दौरान, वह सबसे पहले प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आए। इससे पहले उन्होंने एक माँ का टूटा हुआ घर दोबारा बनाने का वादा किया था, जिसका आशियाना बाढ़ में तबाह हो गया था।अब गुरु रंधावा ने किसानों के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि जैसे ही बाढ़ का पानी उतर जाएगा और हालात सामान्य होने लगेंगे, वह बाढ़ प्रभावित किसानों को गेहूं के बीज मुफ्त में बांटेंगे, ताकि वह फिर से खेती शुरू कर सकें और अपनी जिंदगी को सम्मान के साथ दोबारा संवार सकें।यह पहल उनके अपनी जड़ों से गहरे जुड़ाव और पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।गुरु रंधावा का बयान:&quot;जब पानी का स्तर नीचे जाएगा, तब मैं बाढ़ प्रभावित गांवों में गेहूं के बीज बांटूंगा, ताकि अगली फसल बोई जा सके और लोग नई शुरुआत कर सकें।&quot; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 15:43:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>गुरु, रंधावा, का, बड़ा, ऐलान, –, बाढ़, प्रभावित, इलाकों, में, बाटेंगे, गेहूं, के, बीज, ताकि, फिर, से, हो, सके, नई, शुरुआत</media:keywords>
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<title>नई दिल्ली में संपन्न हुआ ऑल इंडिया सीजीएचएस कर्मचारी संगठन का 23वां द्विवार्षिक सम्मेलन</title>
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<description><![CDATA[   नई दिल्ली : ऑल इंडिया सीजीएचएस कर्मचारी संगठन का 23वां द्विवार्षिक सम्मेलन राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वप्निल … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 05 Sep 2025 15:30:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>नई, दिल्ली, में, संपन्न, हुआ, ऑल, इंडिया, सीजीएचएस, कर्मचारी, संगठन, का, 23वां, द्विवार्षिक, सम्मेलन</media:keywords>
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<title>विनर्स इंस्टीट्यूट ने शहीद परिवारों के लिए 12.44 लाख रुपये का योगदान दिया</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 18 अगस्त :  स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, विनर्स इंस्टीट्यूट इंदौर, जो मध्यप्रदेश का अग्रणी प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण संस्थान है, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 18 Aug 2025 17:45:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>विनर्स, इंस्टीट्यूट, ने, शहीद, परिवारों, के, लिए, 12.44, लाख, रुपये, का, योगदान, दिया</media:keywords>
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<title>प्रेम मंदिर जन्माष्टमी की 10 बातें जो आपको अवश्य जाननी चाहिए</title>
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<description><![CDATA[   श्री वृंदावन धाम की जन्माष्टमी केवल भारत ही नहीं, पूरे विश्व में अपनी भव्यता और भक्ति-भाव के लिए प्रसिद्ध है। इस पावन उत्सव में, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 14:58:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>प्रेम, मंदिर, जन्माष्टमी, की, बातें, जो, आपको, अवश्य, जाननी, चाहिए</media:keywords>
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<title>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अभय भुटाडा को पुणे पुलिस को उन्नत उपकरण प्रदान करने के लिए सम्मानित किया</title>
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<description><![CDATA[   पुणे, 11 अगस्त 2025 :  कानून-व्यवस्था के ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अभय भुटाडा फाउंडेशन ने पुणे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 17:05:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र, के, मुख्यमंत्री, ने, अभय, भुटाडा, को, पुणे, पुलिस, को, उन्नत, उपकरण, प्रदान, करने, के, लिए, सम्मानित, किया</media:keywords>
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<title>यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग – 4) – ठाकुर दलीप सिंघ जी</title>
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<description><![CDATA[   यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता; तो विज्ञान के जो विशेष आविष्कार किसी भी देश में हुए हैं, … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Jul 2025 18:16:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>यदि, भारत, ने, विश्व, पर, इंग्लैंड, की, तरह, साम्राज्य, स्थापित, किया, होता, भाग, –, –, ठाकुर, दलीप, सिंघ, जी</media:keywords>
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<title>यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग–3) – ठाकुर दलीप सिंघ जी</title>
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<description><![CDATA[ भारत ने किसी भी देश को गुलाम बना कर, इंग्लैंड की तरह अपना साम्राज्य स्थापित नहीं किया। भारत की धर्मपरायणता, नैतिकता, सहिष्णुता, दयालुता, संयम आदि के विपरीत; जिन अंग्रेज़ों ने हर प्रकार की अनैतिकता, कपट, क्रूरता आदि का उपयोग कर के विश्व पर साम्राज्य स्थापित किया: उन की भाषा ‘अंग्रेज़ी’ आज विश्व में तो फैल […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Jun 2025 16:42:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>यदि, भारत, ने, विश्व, पर, इंग्लैंड, की, तरह, साम्राज्य, स्थापित, किया, होता, भाग–3, –, ठाकुर, दलीप, सिंघ, जी</media:keywords>
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<title>आत्मनिर्भर रक्षा का नवयुग: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों की गौरवशाली यात्रा – राधा मोहन सिंह</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली :  सांसद, रक्षा मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत की रक्षा नीति में जो क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की देन है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि आत्मनिर्भर भारत का […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Jun 2025 12:25:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>आत्मनिर्भर, रक्षा, का, नवयुग:, प्रधानमंत्री, मोदी, के, नेतृत्व, में, वर्षों, की, गौरवशाली, यात्रा, –, राधा, मोहन, सिंह</media:keywords>
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<title>यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, मई 23 : आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि यदि भारत ने इंग्लैंड की तरह विश्व पर साम्राज्य स्थापित किया होता; तो भारतीय भाषाएं कितनी समृद्ध होती! जिस तरह आज ‘इंग्लिश’ विश्व पर शासन कर रही है, उसी तरह ही भारतीय भाषाएं भी विश्व पर शासन करती। आज विश्व में अंग्रेज़ी की बजाय […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 May 2025 20:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>यदि, भारत, ने, विश्व, पर, इंग्लैंड, की, तरह, साम्राज्य, स्थापित, किया, होता</media:keywords>
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<title>स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन ने गुरुग्राम में वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क विद्यालय की शुरुआत की</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत [21-05-2025]: स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन, एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था, ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अपने पहले फ्री स्कूल की शुरुआत गुरुग्राम के नाथूपुर गांव में की है। यह पहल उन बच्चों के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है जो संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस विद्यालय का उद्देश्य न […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 18:15:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>स्किनरेंज, विज़न, फाउंडेशन, ने, गुरुग्राम, में, वंचित, बच्चों, के, लिए, निःशुल्क, विद्यालय, की, शुरुआत, की</media:keywords>
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<title>100 से अधिक बच्चों की मां और 73 घंटे पेंटिंग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली मनन चतुर्वेदी का मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत</title>
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<description><![CDATA[ सुरमन संस्था में 104 बच्चे मनन दीदी को माँ कहकर बुलाते हैं। मनन चतुर्वेदी एक बहुत अच्छी आर्टिस्ट भी हैं उनके द्वारा बनाई गयी पेंटिंग की बिक्री से वह अपने बच्चो का पालन पोषण करती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Apr 2025 22:54:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Manan Chaturvedi, mother of more than 100 children, world record holder, 73 hours of paintings, Mumbai Airport</media:keywords>
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<title>बर्नेट होम्योपैथी द्वारा विश्व होम्योपैथी शिखर सम्मेलन ३ जर्मनी में  हुआ संपन्न</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली, अप्रैल
18: विश्व होम्योपैथी सप्ताह के अवसर पर जर्मनी के ऐतिहासिक शहर
कोथेन में &quot;विश्व होम्योपैथी शिखर सम्मेलन 3&quot; का आयोजन किया गया। यह आयोजन होम्योपैथी
के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के उपलक्ष्य में संपन्न हुआ, जिसमें दुनिया भर से 200 से
अधिक होम्योपैथी विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

कोथेन को पारंपरिक और वैज्ञानिक
होम्योपैथी का वैश्विक केंद्र माना जाता है। इस आयोजन में अमेरिका, यूके, ब्राजील, सर्बिया, नीदरलैंड और भारत
समेत कई देशों के प्रतिष्ठित चिकित्सक शामिल हुए। प्रतिनिधियों में प्रमुख नामों
में डॉ. लोरी ग्रॉसमैन (अध्यक्ष, नेशनल सेंटर फॉर होम्योपैथी, यूएसए), प्रो. रोनाल्ड मोरी
(यूके), डॉ.
नितीश दुबे (सीएमडी, हरिओम होमियो, भारत) और प्रो. डॉ. डोर्ली (ब्राजील)
शामिल रहे।

आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को डॉ.
हैनिमैन के ऐतिहासिक घर और उनके क्लिनिक का दौरा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त यूरोपियन लाइब्रेरी ऑफ होम्योपैथी में आयोजित हुए संवाद सत्रों में
विभिन्न देशों के चिकित्सकों ने शैक्षणिक और अनुसंधान-आधारित विचारों का
आदान-प्रदान किया।

सम्मेलन की एक विशेष झलक पुरस्कार
समारोह रही, जिसमें 60 से अधिक चिकित्सकों को उनके योगदान के
लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व विश्व कप
विजेता कप्तान इयोन मॉर्गन और कोथेन के संसद सदस्य बास्टियन बर्नहैगन भी उपस्थित
रहे।

इस कार्यक्रम का आयोजन बर्नेट
होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया गया, जो शिक्षा, अनुसंधान और वैश्विक भागीदारी के माध्यम
से होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। कंपनी के सीएमडी डॉ. नितीश दुबे
ने यूरोपियन होम्योपैथिक संस्थानों और कोथेन की वैज्ञानिक होम्योपैथी सोसाइटी को
इस आयोजन में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया।

कोथेन में हुआ यह सम्मेलन न केवल
होम्योपैथी के विकास के लिए एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय
समुदाय के बीच सहयोग और समन्वय का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 19:07:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>World Homoeopathy Summit, held in Germany, Burnett Homoeopathy</media:keywords>
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<title>जब सेवा बन जाए उद्देश्य तब बनता है ओज़ोन फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट जैसा बदलाव</title>
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<description><![CDATA[ ओज़ोन फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट, ओज़ोन ग्रुप की परोपकारी शाखा, सामुदायिक सेवा, सामाजिक विकास और सतत पहल में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।  ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:23:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Ozone Foundation Charitable Trust, ओज़ोन फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट</media:keywords>
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<title>IFFCO ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय बिल 2025 का स्वागत किया</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/iffco-welcomes-tribhuvan-cooperative-university-bill-2025</link>
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<description><![CDATA[  श्री दिलीप संघानी,अध्यक्ष, IFFCOनई दिल्ली,
3 अप्रैल: भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने लोकसभा में पेश और पारित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय बिल
2025 का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा बल्कि रोजगार के नए अवसरों को जन्म देगा और सहकारी क्षेत्र को आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत को मिला पहला सहकारी विश्वविद्यालय

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि 75 वर्षों में पहली बार भारत को एक समर्पित सहकारी विश्वविद्यालय प्राप्त हुआ है। यह संस्थान नवाचार और शोध के माध्यम से सहकारी आंदोलन को मजबूत करेगा तथा नए नेतृत्व को प्रशिक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

IFFCO के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया

IFFCO के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने इसे भारतीय कृषि, किसानों और ग्रामीण विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम सहकारी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

IFFCO के अध्यक्ष श्री दिलीप संघानी ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, &quot;यह विश्वविद्यालय सहकारी नेतृत्व को नई दिशा देगा। इससे सहकारी संगठनों से जुड़े लोग आधुनिक प्रबंधन और विपणन में दक्ष बनेंगे।&quot;

त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की प्रमुख विशेषताएँ

- हर साल 8 लाख छात्रों को प्रशिक्षण

- सहकारी संगठनों के कर्मचारियों के लिए विशेष कोर्स

- स्थानीय से वैश्विक स्तर तक सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा

- नवाचार और अनुसंधान को प्राथमिकता

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना

अंतरराष्ट्रीय सहकारी संघ
(ICA) के महानिदेशक श्री जेरोन डगलस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय वैश्विक सहकारी आंदोलन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

IFFCO का समर्थन और भविष्य की उम्मीदें

IFFCO, जो दुनिया की अग्रणी सहकारी संस्था है, इस कदम का पूर्ण समर्थन करता है और आशा करता है कि यह विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:23:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>IFFCO, Tribhuvan Cooperative University Bill 2025, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय बिल 2025</media:keywords>
</item>

<item>
<title>महाकुम्भ में उत्कृष्ट कार्य के लिए यूपी अग्निशमन विभाग को गोवा में मिला सम्मान</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/up-fire-department-honoured-in-goa-for-outstanding-work-in-maha-kumbh</link>
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<description><![CDATA[ गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने अपने आवास पर उत्तर प्रदेश के अग्निशमन अधिकारियों को किया सम्मानित

प्रयागराज,अप्रैल 3: गोवा के सीएम ने महाकुम्भ में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए की योगी सरकार और विभागीय अधिकारियों की सराहना,अग्निशमन विभाग की एडीजी, डिप्टी डायरेक्टर, नोडल सीएफओ महा कुम्भ-2025 व कमिश्नरेट मुख्य अधिकारी डॉ राजीव कुमार पांडेय को मिला सम्मान,महाकुम्भ अधिकारियों ने अपनी मेहनत के बल पर गंभीर से गंभीर अग्नि दुर्घटनाओं पर तत्काल काबू पाया,सीएम योगी के सुरक्षित महाकुम्भ के संकल्प को साकार करने में यूपी फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, कुंभ मेला के 45 दिनों में कुल 185 अग्निकांड हुआ जिसमें सबसे बड़ा अग्निकांड 19.01.2025 को गीता प्रेस परिसर सेक्टर 19 महाकुंभ मेला के टेंटो में भयंकर अग्निकांड हुआ जिसमें अमन शर्मा उपनिदेशक महाकुंभ मेला और प्रमोद शर्मा सीएफओ महाकुंभ राजीव कुमार पाण्डेय सीएफओ कमिश्नरेट प्रयागराज, रमेश कुमार तिवारी सीएफओ महाकुंभ मेला अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के अथक प्रयास से 30 मिनट में 45 फायर टेंडर की मदद से अथक परिश्रम, हिम्मत, और साहस से अग्निशमन कार्य करते हुए 200 श्रद्धालुओं को सकुशल बचाया गया|  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 04 Apr 2025 17:44:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>UP Fire Department, honoured in Goa, outstanding work in Maha Kumbh</media:keywords>
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<title>हेलो किड्स प्रीस्कूल चेन ने 1000वां सेंटर खोलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाई</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, 11 मार्च :  भारत की पहली नो-रॉयल्टी मॉडल और सबसे बड़ी प्रीस्कूल चेन में से एक, हेलो किड्स ने भारत और बांग्लादेश में 1,000 सेंटर खोलकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की आक्रामक विस्तार योजना के तहत, अगले तीन वर्षों में 2,000 सेंटर खोलने और 2028 तक 100,000 से अधिक बच्चों […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 17:01:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>हेलो, किड्स, प्रीस्कूल, चेन, ने, 1000वां, सेंटर, खोलकर, राष्ट्रीय, स्तर, पर, अपनी, उपस्थिति, बढ़ाई</media:keywords>
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<title>मंगोलपुरी में BS4 पार्टी की विशाल रैली, खिलखिलाकर ने बहुजन समाज की आवाज़ उठाई</title>
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<description><![CDATA[ खास बात यह है कि खिलखिलाकर दिल्ली के एकमात्र ऐसे उम्मीदवार हैं जो अपनी पार्टी, BS4 पार्टी को लेकर चुनाव मैदान में हैं, और वे बहुजन समाज की वास्तविक आवाज़ बनकर सामने आए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 31 Jan 2025 21:13:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Huge rally, BS4 party, Mangolpuri, Khilkhilkar, voice of Bahujan Samaj</media:keywords>
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<title>नई ‘भारतीय&#45;भाषा’ बनाइए। भाषा का झगड़ा मिटाईए।</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली [भारत], 29 जनवरी : भारत की राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने हेतु संदेश देते हुए, वर्तमान नामधारी मुखी ठाकुर दलीप सिंघ जी ने कहा कि भारत को “विश्व गुरु” बनाने के लिए तथा राष्ट्र की तरक्की करने के लिए; हिन्दी तथा दक्षिणी भाषाओं का झगड़ा मिटाने की आवश्यकता है; तभी भारतवासी एक हो […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 14:07:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>नई, ‘भारतीय-भाषा’, बनाइए।, भाषा, का, झगड़ा, मिटाईए।</media:keywords>
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<title>विश्व का सबसे बड़ा महामृत्युंजय यंत्र: प्रयागराज में भूमि पूजन संपन्न</title>
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<description><![CDATA[ प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) [भारत], 31 दिसंबर: आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व अध्याय जुड़ गया जब संगम विहार, सेक्टर 22, झूंसी, प्रयागराज में विश्व के सबसे बड़े महामृत्युंजय यंत्र की स्थापना के लिए भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह यंत्र पूर्ण महाकुंभ 2025 में देश–विदेश से आने वाले 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 15:05:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>भूमिपूजन में स्वामी सहजानंद (Swami Sehajanand) के सानिध्य में महामृत्युंजय यंत्र स्थापना</title>
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<description><![CDATA[ हिसार (हरियाणा), 11 दिसंबर: शनिवार को हिसार के मैय्यड़ में भूमि पूजन समारोह के दौरान स्वामी सहजानंद के सानिध्य में दिव्य महामृत्युंजय यंत्र की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस समारोह में सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर प्रद्युम्न और हिसार की विधायक श्रीमती सावित्री जिंदल ने भूमि पूजन किया। इस अवसर पर कई प्रमुख व्यक्तित्वों […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Dec 2024 12:08:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>भूमिपूजन, में, स्वामी, सहजानंद, Swami, Sehajanand, के, सानिध्य, में, महामृत्युंजय, यंत्र, स्थापना</media:keywords>
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<title>स्वामी Sehjananda Saraswati: पर्यावरण को बचाने की जिद पर अड़ा एक साधु; बड़े नेताओं ने किया समर्थन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत :  स्वामी Sehjananda Saraswati जी, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जीवनभर के समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं, ने पर्यावरण को बचाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। यह पहल न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पुर्तगाल के […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Dec 2024 19:21:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>स्वामी, Sehjananda, Saraswati:, पर्यावरण, को, बचाने, की, जिद, पर, अड़ा, एक, साधु, बड़े, नेताओं, ने, किया, समर्थन</media:keywords>
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<title>इंटरनेशनल साईं सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय साईं महोत्सव की शुरुआत आज से</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली, 06 दिसंबर : कौशांबी- इंटरनेशनल साईं सेवा ट्रस्ट द्वारा अयोजित दो दिवसीय महिला एवं बाल सशक्तिकरण कार्यक्रम की शुरुआत आज से होगी, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक बृजेश श्रीवास्तव, एवं मुख्य विकास अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव उपस्थित होंगे। श्री साईं मंदिर, को भव्य तरह से गेंदे के पुष्पों से सजाया […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Dec 2024 15:51:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>इंटरनेशनल, साईं, सेवा, ट्रस्ट, द्वारा, आयोजित, दो, दिवसीय, साईं, महोत्सव, की, शुरुआत, आज, से</media:keywords>
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<title>बुर्ज खलीफ़ा के अग्रभाग की चमचमाती रौशनी द्वारा कायापलट</title>
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<description><![CDATA[ दुबई, संयुक्त अरब अमीरात Emaar प्रॉपर्टीज़ ने संयुक्त अरब अमीरात के ईद अल एतिहाद समारोह के दौरान दुनिया की सबसे ऊंचीRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Thu, 05 Dec 2024 12:43:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>बुर्ज, खलीफ़ा, के, अग्रभाग, की, चमचमाती, रौशनी, द्वारा, कायापलट</media:keywords>
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<title>सनातन सांस्कृतिक संघ द्वारा आयोजित ‘सनातन एकता यात्रा’ – लाखो लोग होंगे शामिल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश  : सनातन संस्कृति को सर्वोच्च स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से सनातन सांस्कृतिक संघ (एसएसएस) द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘सनातन एकता यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया है। सनातन सांस्कृतिक संघ का एक मात्र उद्देश्य :- मोक्षलक्षी, धर्म परंपराओं वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख एकत्रित करना और जात-पात से ऊपर उठकर एकता […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 27 Nov 2024 12:04:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>सनातन, सांस्कृतिक, संघ, द्वारा, आयोजित, ‘सनातन, एकता, यात्रा’, –, लाखो, लोग, होंगे, शामिल</media:keywords>
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<title>मोरारी बापू की रामकथा की तैयारी में राजकोट आध्यात्म के रंगो में रंगा</title>
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<description><![CDATA[ राजकोट, 22 नवंबर : राजकोट में आध्यात्म की लहर शुरू हो गई है क्योंकि शहर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और रामचरितमानस के व्याख्याता मोरारी बापू की बहुप्रतीक्षित रामकथा की मेजबानी कर रहा है। यह रामकथा 23 नवंबर, शनिवार को शाम 4 बजे से शुरु होगी। रेसकोर्स ग्राउंड में शनिवार को शुरू होने वाले इस पवित्र महा […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 22 Nov 2024 20:51:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>मोरारी, बापू, की, रामकथा, की, तैयारी, में, राजकोट, आध्यात्म, के, रंगो, में, रंगा</media:keywords>
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<title>तुमसर&#45;मोहाड़ी में इतिहास की पुनरावृत्ति! विश्वास पुराना, नई घड़ी&#45;नया समय</title>
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<description><![CDATA[ नागपुर, 14 नवंबर : भंडारा जिला अपनी झीलों के लिए समृद्ध माना जाता है और यहां की धान की खेती राज्य में अग्रणी है। इस जिले का तुमसर क्षेत्र देश के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसे ‘धान का भंडार’ भी कहा जाता है। व्यावसायिक दृष्टि से इसे भरपूर अवसर प्राप्त हुए हैं, लेकिन एक […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 14 Nov 2024 18:04:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>सीमा सिंह के नेतृत्व में मेघाश्रे एनजीओ का समाज सुधार के लिए अथक प्रयास</title>
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<description><![CDATA[ सीमा सिंह अपने मेघाश्रेय एनजीओ के द्वरा समाज सुधार के लिए अथक प्रयास कर रही है जो समाज की सेवा में अपने कार्यों के माध्यम से बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। मानवता के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता के साथ, सीमा सिंह रोज़ाना अनगिनत ज़िंदगियों को छूते हुए अनदेखे समुदायों तक पहुंच कर जागरूकता […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 14 Nov 2024 11:59:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Meghasre NGO, Seema Singh, social reform</media:keywords>
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<title>मॉस्को में बड़े पैमाने पर BRICS+ फ़ैशन शिखर सम्मेलन में भारत भी शामिल होने जा रहा है</title>
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<description><![CDATA[ रूस, मॉस्को आगामी पतझड़ ऋतु में, मॉस्को वैश्विक फ़ैशन उद्योग का केंद्र बन जाएगा, क्योंकि यह प्रतिष्ठित BRICS+ फ़ैशन शिखर सम्मेलनRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Thu, 03 Oct 2024 13:16:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>मॉस्को, में, बड़े, पैमाने, पर, BRICS, फ़ैशन, शिखर, सम्मेलन, में, भारत, भी, शामिल, होने, जा, रहा, है</media:keywords>
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<title>नरेला विधानसभा में दीपावली से पहले लगेंगी 5000 लाइटें&#45; धीरेन मान</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली : रविवार को नरेला के कम्फर्ट ज़ोन में शहीद भगत सिंह जी के जन्मदिवस के उपलक्ष में भव्य समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के आयोजक धीरेन मान जी ने बताया कि गाँव नया बॉस से सैकडों की संख्या में ट्रैक्टर और गाड़ियों के साथ हम रैली द्वारा हॉलम्बी कलां, हॉलम्बी खुर्द, मेट्रो विहार, बांकनेर, नरेला […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 14:32:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>Ravindra Fauzdar: Aam Aadmi Party का नया चेहरा बल्लभगढ़ में</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली : बल्लभगढ़-88 विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) ने रविन्द्र फौजदार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। रविन्द्र फौजदार एक प्रतिष्ठित नेता हैं, जो अपनी निष्ठा और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में, पार्टी ने विधानसभा चुनावों में जीत की उम्मीदें […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 13:44:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Ravindra, Fauzdar:, Aam, Aadmi, Party, का, नया, चेहरा, बल्लभगढ़, में</media:keywords>
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<title>बेल्लारी खनन घोटाले के हीरो दीपक शर्मा को मिला ईको वॉरियर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड</title>
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<description><![CDATA[   दिल्ली , सितम्बर 13: 1 लाख करोड रुपए से अधिक के बेल्लारी खनन घोटाले का पर्दाफाश करने वाले भारतीय वन सेवा के अधिकारी दीपक शर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए बुधवार को ईको वॉरियर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। कर्नाटक कैडर के आईएफएससी अधिकारी दीपक शर्मा को  इंटरनेशनल बिग कैट एलियांज के महानिदेशक […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Sep 2024 20:18:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>बेल्लारी, खनन, घोटाले, के, हीरो, दीपक, शर्मा, को, मिला, ईको, वॉरियर, लाइफटाइम, अचीवमेंट, अवार्ड</media:keywords>
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<title>नये पर्यटन क्षेत्र बनाने की दिशा में होटल व्यवसायी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है&#45; गजेंद्र सिंह शेखावत, पर्यटन और संस्कृति मंत्री, भारत सरकार</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/hoteliers-can-play-an-important-role-in-creating-new-tourism-areas-gajendra-singh-shekhawat-minister-of-tourism-and-culture-government-of-india</link>
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<description><![CDATA[   “उदयन् भारतम् राइजिंग इंडिया – शेपिंग ए न्यू एरा इन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म”  विषय के साथ तीसरे सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन माननीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। इस अवसर पर आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्रों से 500 से अधिक प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण भागीदारी देखी गई।   5 […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 08 Aug 2024 13:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>नये, पर्यटन, क्षेत्र, बनाने, की, दिशा, में, होटल, व्यवसायी, महत्वपूर्ण, भूमिका, निभा, सकते, है-, गजेंद्र, सिंह, शेखावत, पर्यटन, और, संस्कृति, मंत्री, भारत, सरकार</media:keywords>
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<title>जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी फिल्म का जेएनयू में छात्र संगठनों ने किया विरोध</title>
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<description><![CDATA[ अभी हाल ही में आई जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी का फिल्म का जेएनयू में सि छात्र संगठन ने किया विरोध ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Jun 2024 23:55:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Student organizations, JNU, protested against, Jahangir National University film</media:keywords>
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<title>पिडिलाईट ने फेविक्रिएट आइडिया लैब्स 2024 फिनाले के विजेताओं की घोषणा की  </title>
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<description><![CDATA[ मुंबई : पिडिलाईट ने फेविक्रिएट पहल के माध्यम से सालाना फेविक्रिएट आइडिया लैब्स आर्ट एण्ड क्राफ्ट प्रतियोगिता 2024 के विजेताओं की घोषणा की है। विज्ञान के साथ आर्ट एण्ड क्राफ्ट के संयोजन, इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश भर में 500 से अधिक स्कूलों से 1.3 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया तथा अंतरिक्ष अन्वेषण, […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Jun 2024 14:11:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>पिडिलाईट, ने, फेविक्रिएट, आइडिया, लैब्स, 2024, फिनाले, के, विजेताओं, की, घोषणा, की</media:keywords>
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<title>रुद्रपुर की डॉ. पूजा सिंह का कमाल! फैक्ट्रियों के कचरे से बनाएंगी सस्ती और मजबूत टाइलें</title>
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<description><![CDATA[ पंतनगर विश्वविद्यालय की शोधकर्ता, डॉ. पूजा सिंह को फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख से टाइल बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए ग्लोबल यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Jun 2024 22:14:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Rudrapur&#039;s daughter, Dr. Pooja Singh, tiles from factory ashes, global platform, Farmer&#039;s daughter, Global Young Scientist Award, eco-friendly tiles</media:keywords>
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<title>केप्टन ट्रेक्टर्स द्वारा नडियाद में 175 से अधिक ट्रेक्टर डिलीवरी के साथ मिनी ट्रैक्टर दिवस का उत्सव</title>
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<description><![CDATA[ मिनी ट्रेक्टर संशोधन के 30 वर्ष पूरे होने पर, केप्टन ट्रेक्टर्स ने उनके नए मॉडल 250 LS के भव्य लोंचिंग के साथ नडियाद में एक भव्य खेडूत समारोह का आयोजन किया और 175 से ज्यादा ट्रेक्टर डिलीवरी के साथ “मिनी ट्रैक्टर दिवस’ का उत्सव मनाया गया. 30 साल पहले 27 में 1998 को कैप्टन ट्रैक्टर्स […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 29 May 2024 18:00:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>केप्टन, ट्रेक्टर्स, द्वारा, नडियाद, में, 175, से, अधिक, ट्रेक्टर, डिलीवरी, के, साथ, मिनी, ट्रैक्टर, दिवस, का, उत्सव</media:keywords>
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<title>खजूरी कूड़ा (खजूर गुड़) को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया</title>
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<description><![CDATA[ &quot;खजुरी कूड़ा (खजूरी गुड़)&quot; के लिए भौगोलिक संकेत प्रदान किया गया, गजपति जिला राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। खजूर के पेड़ गजपति जिले की पहाड़ियों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 May 2024 12:49:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Khajuri Kuda, Date Jaggery, Geographical Indication, GI tag, Dr. P. Karthigeyan</media:keywords>
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<title>डॉ. डीआर उपाध्याय 153वे विश्व रिकार्ड तक पहुंचे</title>
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<description><![CDATA[ डॉ. डीआर उपाध्याय एसे शख्स है जिन्होंने पहले गीत संगीत और विभिन्न शैलियों में 133 विश्व रिकॉर्ड बनाए है। गुरुवार को काठमांडू में एक विशेष समारोह के दौरान 20 और विश्व रिकॉर्ड जनता को सौंपे जाने के साथ, उनके रिकॉर्ड की संख्या 153 तक पहुंच गई है। काठमांडू में आयोजित एक विशेष समारोह में, विश्व […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 22 Apr 2024 15:46:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., डीआर, उपाध्याय, 153वे, विश्व, रिकार्ड, तक, पहुंचे</media:keywords>
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<title>उत्तराखंड में आदि कैलाश के लिए पहली हेलीकॉप्टर यात्रा का शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ पिथौरागढ़, उत्तराखंड, भारत हिंदू तीर्थ पर्यटन के विकास में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) औरRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Apr 2024 18:10:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>उत्तराखंड, में, आदि, कैलाश, के, लिए, पहली, हेलीकॉप्टर, यात्रा, का, शुभारंभ</media:keywords>
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<title>गौरैया संरक्षण के लिए रजत सिनर्जी फाउंडेशन और जोसेफ बर्नहार्ट ने बनाए प्राकृतिक स्वरूप में घोंसले</title>
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<description><![CDATA[ वाराणसी : गौरैया विश्व के लगभग सभी देशों में पाई जाने वाली पक्षियों की सबसे पुरानी प्रजाति है। जो आज विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है, जैसे कि हम अपने कला, संस्कृति, संस्कार व परम्परा को संजोने के लिए प्रयत्नशील है। ये गौरैयां भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है, जिसके संरक्षण की जरूरत […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 01 Apr 2024 15:45:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>गौरैया, संरक्षण, के, लिए, रजत, सिनर्जी, फाउंडेशन, और, जोसेफ, बर्नहार्ट, ने, बनाए, प्राकृतिक, स्वरूप, में, घोंसले</media:keywords>
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<title>महाशिवरात्रि पर 140 तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर दर्शन करवा कर ट्रिप टू टेंपल्स ने रचा इतिहास</title>
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<description><![CDATA[ काठमांडू, नेपाल | लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत कैलाश मानसरोवर दर्शन हेतु पर्वतीय उड़ानों की शुरुआत करने वाले संस्थान ट्रिप टू टेम्पल्स ने महाशिवरात्रि (8 मार्च, 2024) के पवित्रRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Sat, 09 Mar 2024 14:41:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
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<title>सुरक्षित सफर, सुरक्षित समर्थन: टीसीआई का सेफ सफर रोड सुरक्षा माह में</title>
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<description><![CDATA[ गुरूग्राम, हरियाणा, भारतभारत के केंद्रीय भागों में, जहां सड़कें साहस और सावधानी की कहानियाँ सुनाती हैं, टीसीआई ग्रुप, भारत कीRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Feb 2024 18:06:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
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<title>विश्व की सबसे बड़ी होम्योपैथी पुस्तक का हुआ विमोचन</title>
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<description><![CDATA[ 2466पेज की पुस्तक का हुआ विमोचन -होम्योपैथी के इतिहास में पहली बार होम्योपैथी पुस्तक का हुआ विमोचन -लेखक के नाम दर्ज हैं गिनीजवर्ल्ड रिकार्ड सहित सैकड़ो विश्व रिकॉर्ड 25 फरवरी को होम्यो फ्रेंड्स 19 में होम्योपैथिक साइंटिफिक सेमिनार और अवार्ड सेरेमनी का आयोजन उत्तराखंड के हरिद्वार के वानप्रस्थ आश्रम में किया गयाl साइंटिफिक सेमिनार में […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Feb 2024 13:06:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>विश्व, की, सबसे, बड़ी, होम्योपैथी, पुस्तक, का, हुआ, विमोचन</media:keywords>
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<title>अमलनेर के श्री मंगल ग्रह मंदिर की ख्याति सात समुंदर के पार</title>
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<description><![CDATA[ अमलनेर ( प्रतिनिधि ) – शहर के मंगल ग्रह सेवा संस्था द्वारा संचालित किया जा रहे हैं श्री मंगल ग्रह मंदिर की ख्याति अब सात समुद्र पार पहुंच रही है जिसके कारण खानदेश सहित महाराष्ट्र व अन्य राज्य ही नहीं बल्कि देश-विदेश से श्री मंगल ग्रह देवता के दर्शन के लिए मंगल शांति पूजा व अभिषेक […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Feb 2024 12:42:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>‘दुनिया के सबसे बड़े अनाज संग्रह योजना’ का NCCF ने PACS के लिए किया मेगा ड्राइव का आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ NCCF और Agribid ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में प्राथमिक कृषि ऋण समिति के प्रशिक्षण और पंजीकरण के लिए एक कैम्प आयोजित किया  , इस कैम्प ने राजस्थान के सभी क्षेत्रों से 500 + PACS पंजीकरण प्राप्त किया। आशुतोष मिश्रा (Agribid के सह-संस्थापक और CEO) ने कैम्प में उपस्थित रहकर PACS के  लाभों की व्याख्या […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 08 Feb 2024 21:20:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>‘दुनिया, के, सबसे, बड़े, अनाज, संग्रह, योजना’, का, NCCF, ने, PACS, के, लिए, किया, मेगा, ड्राइव, का, आयोजन</media:keywords>
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<title>NCCF ने ‘दुनिया के सबसे बड़े अनाज संग्रह योजना’ के लिए PACS के प्रशिक्षण और पंजीकरण के लिए किया मेगा ड्राइव का आयोजन</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/nccf-organizes-mega-drive-for-training-and-registration-of-pacs-for-worlds-largest-grain-storage-scheme</link>
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<description><![CDATA[ NCCF और Agribid ने दिल्ली रोड पर PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) के प्रशिक्षण और पंजीकरण के लिए एक कैम्प आयोजित किया। इस कैम्प ने राजस्थान के सभी क्षेत्रों से 100+ PACS पंजीकरण प्राप्त किए और यह 2 और दिनों के लिए खुला रहेगा। आशुतोष मिश्रा (Agribid के सह-संस्थापक और CEO) ने कैम्प में उपस्थित […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 25 Jan 2024 02:50:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>Who is Advocate Partap Singh: हरियाणा के कुरुक्षेत्र से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के बारे में जानिए</title>
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<description><![CDATA[ कुरुक्षेत्र : हरियाणा के महत्वपूर्ण कुरुक्षेत्र निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के लिए एडवोकेट प्रताप सिंह का नाम काफी चर्चा में है। अपनी कानूनी समझ और क्षेत्र से गहरे जुड़ाव के कारण, सिंह को इस ऐतिहासिक सीट पर पार्टी की जीत की दिशा में महत्वपूर्ण शख्सियत माना जा रहा है। हरियाणा के दिल गांव दुबल कलायत, […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 18 Jan 2024 13:14:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Who, Advocate, Partap, Singh:, हरियाणा, के, कुरुक्षेत्र, से, कांग्रेस, के, संभावित, उम्मीदवार, के, बारे, में, जानिए</media:keywords>
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<item>
<title>एडवोकेट परताप सिंह: हरियाणा के कुरुक्षेत्र से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के बारे में जानिए</title>
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<description><![CDATA[ हरियाणा के महत्वपूर्ण कुरुक्षेत्र निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के लिए एडवोकेट परताप सिंह का नाम काफी चर्चा में है। अपनी कानूनी समझ और क्षेत्र से गहरे जुड़ाव के कारण, सिंह को इस ऐतिहासिक सीट पर पार्टी की जीत की दिशा में महत्वपूर्ण शख्सियत माना जा रहा है। हरियाणा के दिल में जन्मे और पले-बढ़े […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 09 Jan 2024 16:27:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<title>अन्तराष्ट्रीय ऊँट उत्सव 12 से 14 जनवरी को पहली बार होगी पगड़ी (साफा) बांधने की प्रतियोगिता &#45;पवन व्यास</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/international-camel-festival-turban-tying-competition-will-be-held-for-the-first-time-on-12th-to-14th-january-pawan-vyas</link>
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<description><![CDATA[ उपनिदेशक पर्यटन अनिल राठौड़ ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दौरान रायसर में सेलिब्रिटी नाइट आयोजित की जाएगी। जिसमें अग्नि नृत्य के साथ-साथ एक विशेष सेलिब्रिटी को प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया जाएगा।
  ]]></description>
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<pubDate>Sat, 06 Jan 2024 12:52:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>International Camel Festival, Turban tying competition, Pawan Vyas, the first time, Bikaner Carnival</media:keywords>
</item>

<item>
<title>चार दिवसीय आपदा प्रबंधन विश्व सम्मेलन  के दूसरे दिन वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने डिजास्टर मैनेजमेंट के विभिन्न पहलू पर मंथन किया</title>
<link>https://www.marudharbharti.com/on-the-second-day-of-the-four-day-disaster-management-world-conference-scientists-and-experts-brainstormed-on-various-aspects-of-disaster-management</link>
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<description><![CDATA[ देहरादून  – आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तर  के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक ६वाँ विश्व आपदा प्रबंधन  सम्मेलन के दूसरे दिन के पहले सत्र में  इको- डिजास्टर एवं रिस्क रिडक्शन के ऊपर बात की गई, वही दूसरे सेशन में। ” राष्ट्रीय एवं वैश्विक जन स्वास्थ्य एमरजैंसी एंड डिजास्टर रिस्पांस  के ऊपर रखा गया था, […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 30 Nov 2023 14:14:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>चार, दिवसीय, आपदा, प्रबंधन, विश्व, सम्मेलन, के, दूसरे, दिन, वैज्ञानिकों, और, विशेषज्ञों, ने, डिजास्टर, मैनेजमेंट, के, विभिन्न, पहलू, पर, मंथन, किया</media:keywords>
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<title>मिस ग्लोब इंडिया का खिताब जीतीं डॉ. ऐश्वर्या पातापति, अल्बानिया में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी</title>
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<description><![CDATA[ 25 वर्षीय ऐश्वर्या एक मेडिकल छात्रा हैं और साथ ही एक प्रतिभाशाली कलाकार और मॉडल भी हैं। उन्होंने कोरिया और लंदन फैशन वीक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और बुसान वर्ल्ड एक्सपो 2030 की राजदूत भी हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Oct 2023 21:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Dr. Aishwarya Patapati, The Miss Globe India 2023, will represent India, Albania</media:keywords>
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