स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन ने गुरुग्राम में वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क विद्यालय की शुरुआत की

Wed, 21 May 2025 06:15 PM (IST)
Wed, 21 May 2025 06:16 PM (IST)
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स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन ने गुरुग्राम में वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क विद्यालय की शुरुआत की
स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन ने गुरुग्राम में वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क विद्यालय की शुरुआत की

नई दिल्ली, भारत [21-05-2025]: स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन, एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था, ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अपने पहले फ्री स्कूल की शुरुआत गुरुग्राम के नाथूपुर गांव में की है। यह पहल उन बच्चों के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है जो संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

इस विद्यालय का उद्देश्य न केवल अकादमिक शिक्षा देना है, बल्कि बच्चों के भावनात्मक, मानसिक और नैतिक विकास को भी बढ़ावा देना है—वो भी पूर्णतः निःशुल्क। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना चड्ढा के नेतृत्व में यह स्कूल एक ऐसा मॉडल पेश करता है जो शिक्षा को एक अधिकार नहीं बल्कि अवसर में बदलता है।

स्कूल नहीं, एक संकल्प है

“यह सिर्फ एक स्कूल नहीं है, यह उन मासूम सपनों के लिए एक आश्रय है जो साधनों की कमी में दब जाते हैं,” कहती हैं श्रीमती अर्चना चड्ढा, स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष। “हम केवल किताबें नहीं पढ़ा रहे, हम आत्म-विश्वास, नैतिकता और जीवन के मूल्यों की शिक्षा दे रहे हैं।”

इस समय विद्यालय में 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनकी आयु 5 से 13 वर्ष के बीच है। इनमें से अधिकतर बच्चे पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रख रहे हैं। बच्चों को यहाँ निम्न सुविधाएं दी जा रही हैं:

  • स्कूल यूनिफॉर्म और जूते
  • पोषक आहार
  • पाठ्यपुस्तकें और स्टेशनरी
  • स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सहयोग
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए सलाह एवं नैतिक शिक्षा

संस्था का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक 200 से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाना है, और इस मॉडल को देशभर के अन्य हिस्सों में दोहराना है।

क्यों है यह पहल विशेष?

भारत की असली तरक्की तब तक अधूरी है जब तक हर बच्चा, चाहे वो किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग से हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित है। ASER रिपोर्ट के अनुसार, आज भी लाखों बच्चे या तो स्कूल से बाहर हैं या बेहद कमजोर शिक्षा व्यवस्था में हैं। यह स्कूल उन्हीं चुनौतियों का सीधा समाधान है।

इस पहल के मुख्य स्तंभ हैं:

पीढ़ियों से चली रही गरीबी का समाधान:
निरंतर शिक्षा और सहायक वातावरण से बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम।

  • लैंगिक समानता पर जोर:
    लड़कियों और लड़कों को समान संख्या में दाखिला, साथ ही आत्म-विश्वास, स्वच्छता और जीवन कौशल पर विशेष ध्यान।
  • संयुक्त राष्ट्र के SDGs से मेल:
    यह पहल SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), SDG 5 (लैंगिक समानता), और SDG 3 (स्वास्थ्य एवं कल्याण) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है।
  • पारदर्शिता और उत्तरदायित्व:
    नियमित प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय ऑडिट और स्वतंत्र प्रभाव आकलन के माध्यम से भरोसेमंद संचालन।

एक उम्मीद, एक आंदोलन

स्कूल के पीछे केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि 250 से अधिक स्वयंसेवकों का समर्पण है—जिनमें शिक्षक, डॉक्टर, कलाकार और सेवानिवृत्त पेशेवर शामिल हैं। यह स्थान शिक्षा से कहीं अधिक है—यह एक आंदोलन है, जो प्यार, सेवा और परिवर्तन की भावना से प्रेरित है।

अब तक संस्था भारत भर में 5,500 से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुकी है—चाहे वह स्वास्थ्य शिविर हों, बालिका शिक्षा अभियान, या कोविड के दौरान राहत वितरण। मासिक धर्म जागरूकता से लेकर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तक, संस्था की हर पहल करुणा और निरंतरता से जुड़ी है।

CSR और समाजसेवियों से साझेदारी का आमंत्रण

जैसे-जैसे यह स्कूल आगे बढ़ रहा है, स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन सभी CSR कंपनियों, दाताओं और समाजसेवियों से जुड़ने का आह्वान करता है। अगर आप किसी कॉरपोरेट, एनजीओ, या व्यक्तिगत रूप से योगदान देना चाहते हैं—तो यह अवसर है कुछ ऐसा करने का जो पीढ़ियों तक असर डाले।

आपका योगदान चाहे वित्तीय, अवसंरचनात्मक, डिजिटल या समय आधारित हो—हर सहयोग किसी बच्चे का जीवन बदल सकता है।

संस्था के बारे में

स्किनरेंज विज़न फाउंडेशन एक स्वतंत्र, पंजीकृत गैर-सरकारी संगठन है, जो भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य और नैतिक विकास के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। इसकी प्रेरणा है—दया और कर्म का संयोग ही बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति है।”

दूरदृष्टि से प्रेरित नेतृत्व और नैतिक संचालन के साथ, यह संस्था आज समाज सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही है।

सहयोग या जानकारी के लिए संपर्क करें:

वेबसाइट: www.skvision.org
ईमेल: info@skvision.org

आइए मिलकर एक ऐसे भारत की नींव रखें, जहाँ हर बच्चा सपने देख सके, सीख सके और जीवन में आगे बढ़ सके।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.