स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग 2026 में पारुल विश्वविद्यालय के 8 शोधकर्ता शामिल

Mon, 26 Oct 2026 04:17 PM (IST)
Mon, 26 Oct 2026 06:03 PM (IST)
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स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग 2026 में पारुल विश्वविद्यालय के 8 शोधकर्ता शामिल

वडोदरा (गुजरात) [भारत], 26 अक्टूबर : वडोदरा स्थित पारूल विश्वविद्यालय के आठ शोधकर्ताओं को विश्व के सर्वश्रेष्ठ 2% वैज्ञानिकों की स्टॅनफोर्ड- एल्सेव्हिएर रँकिंग्ज 2026 में चुना गया है और यह विश्वविद्यालय का जागतिक स्तर पर बड़ा सम्मान है| फार्माकोलॉजी और फार्मसी, सूक्ष्म जीवशास्त्र, नेटवर्किंग और टेलिकम्युनिकेशन्स, जैव रसायनशास्त्र और मॉलेक्युलर जीवशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान और औषधि शास्त्र तथा बायोमॉलेक्युलर रसायनशास्त्र सहित कई तरह की विज्ञान शाखाओं में विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों के अनुसंधान योगदान का यह सम्मान बहुत बड़ा प्रमाण है|

इस बहुमान को प्राप्त करनेवाले शोधकर्ता ये हैं- डॉ. मांगी राम यादव, वरिष्ठ प्राध्यापक और अनुसंधान सलाहकार, फार्मसी फॅकल्टी, डॉ. मधुसुदन एच. फुलेकर, वरिष्ठ प्राध्यापक, पर्यावरण विज्ञान विभाग, अप्लाईड सायन्स फॅकल्टी, डॉ. प्रिंस जैन, सहायक प्राध्यापक, मॅकेट्रॉनिक्स इंजिनिअरिंग विभाग, इंजिनिअरिंग फॅकल्टी, डॉ. तरुण कुमार उपाध्याय, सहयोगी प्राध्यापक, जैव तकनिकी विभाग, अप्लाईड सायन्स फॅकल्टी, डॉ. दीप पूजा, सहयोगी प्राध्यापक, फार्मासुटीकल्स विभाग, फार्मसी फॅकल्टी, डॉ. भुपेन्द्र जी. प्रजापती, प्राध्यापक, फार्मासुटीकल्स विभाग, फार्मसी फॅकल्टी, डॉ. महेशकुमार प्रकाश पाटील, सहयोगी प्राध्यापक, जीवन विज्ञान विभाग, अप्लाईड सायन्स और टकनिकी फॅकल्टी और श्री. शुभ्रत माहेश्वरी, सहयोगी प्राध्यापक, फार्मसी फॅकल्टी|

उनके संशोधन का समावेश विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान कार्य का व्यापक दायरा दर्शाता है और यह फार्मासुटीकल विज्ञान से औषधि रसायन शास्त्र, सूक्ष्म जीवशास्त्र, जैव तकनिकी, पर्यावरण विज्ञान और इंजिनिअरिंग से कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज तक है| इन शोधकर्ताओं के कार्य से स्वास्थ्य देखभाल, जीवन विज्ञान, शाश्वत विकास और टेक्नोलॉजिकल नवाचार में ज्ञान की वृद्धि होती है| उनका वैश्विक और उनके विशिष्ट क्षेत्र का रँकिंग, एच- इंडेक्स और i10- इंडेक्स उनके इस अनुठे बौद्धिक योगदान की महत्ता बताता है और इन विविध शाखाओं में उनके अनुसंधान का परिणाम भी दर्शाता है|

इन उपलब्धियों पर बात करते हुए पारूल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्षा डॉ. गितीका मदन पटेल ने कहा, “अविरत खोज, सहयोग और ज्ञान के लिए परिश्रम के आधार पर ही अनुसंधान में प्रभूत्व हासील होता है और उससे लक्षणीय परिणाम मिलते है| विश्व के सर्वश्रेष्ठ 2% वैज्ञानिकों में हमारे आठ शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जाना विश्वविद्यालय के लिए गौरव का पल है और हर एक शाखा में अनुसंधान को हम कितना प्रोत्साहन देते है, इसका यह एक प्रमाण है| हम ऐसे वातावरण के प्रति प्रतिबद्ध है जिसमें हमारे संशोधक नई संकल्पनाओं का अन्वेषण कर जागतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होनेवाली वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देते रहेंगे|”

उनके अनुसंधान के योगदान के कारण और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में उनके कार्य के आधार पर स्टॅनफोर्ड- एल्सेव्हिएर के विश्व के सर्वश्रेष्ठ 2% वैज्ञानिकों में सम्मीलित किए जने पर इन आंठ शोधकर्ताओं के सम्मान के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया| इस समारोह में फार्मासुटीकल विज्ञान, स्वास्थ्य देखभाल, इंजिनिअरिंग, टेक्नोलॉजी और अन्य वैज्ञानिक शाखाओं में उनके योगदान की सराहन की गई| साथ ही इसके पीछे होनेवाले नई खोज और नए रास्तों को ढूँढनेवाले कुतूहल, ज्ञान और अविरत खोज के महत्त्व पर बल दिया गया| इस मान्यता पर विश्वविद्यालय ने शोधकर्ताओं का अभिनन्दन किया और विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र की प्रगति में उनके अविरत योगदान की प्रशंसा की|

फार्मासुटीकल विज्ञान, जीवन विज्ञान, इंजिनिअरिंग, जैव तकनिकी और पर्यावरण अध्ययन समेत बहुस्तरीय शाखा अनुसंधान को पारूल विश्वविद्यालय इसी तरह प्रोत्साहन देता रहेगा| इन आंठ वैज्ञानिकों को मिली हुई मान्यता विश्वविद्यालय के शैक्षिक और अनुसंधान से जुड़े योगदान को सबके सामने लाने में मदद करेगी और जागतिक परिप्रेक्ष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान को बल देने की उसकी प्रतिबद्धता को अधोरेखित करेगी|

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.