चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंडिया-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ का जशन मनाते हुए नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए 'इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप' की लांच

Wed, 20 Aug 2025 10:36 AM (IST)
Wed, 20 Aug 2025 12:11 PM (IST)
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंडिया-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ का जशन मनाते हुए नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए 'इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप' की लांच
नेपाल के काठमांडू में इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप के शुभारंभ के अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के अधिकारी और नेपाल के सोशल डेवलपमेंट मंत्री घनश्याम भंडारी

पिछले दस वर्षों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले नेपाल के 745 स्टूडेंट्स को टॉप लीडिंग कंपनियों से मिले नौकरियों के ऑफर

काठमांडू, नेपाल:  नेपाल के प्रतिभाशाली और आर्थिक तौर पर कमजोर स्टूडेंट्स के गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से भारत की अग्रणी यूनिवसिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारत-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ का जशन मनाते हुए ’इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप-2025-26’ की शुरुआत की। इसका उद्घाटन समारोह के दौरान विशेष रुप से पहुंचे नेपाल के सोशल डेवल्पमेंट मंत्री धनश्याम भंडारी, नेपाल के शिक्षा, सेहत और आईटी कमेटी के चेयरपर्सन और प्रतिनिधि सभा के संसद सदस्य अम्मर बहादुर थापा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने सांझे तौर पर किया गया। इस मौके चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली के इंटरनेशनल अफेयर्स के एक्सीक्यूटिव डायरेक्टर राजन शर्मा भी मौजूद रहे। इस स्काॅलरशिप के माध्यम से, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली और लखनऊ कैंपस में दाखिला लेने वाले नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए 9.40 करोड़ रुपये सालाना की राशि का बजट भी आवंटित किया है। ताकि नेपाल के स्टूडेंट्स बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच 3,000 वर्षों से भी अधिक समय से गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जो पौराणिक-महाकाव्य युग (रामायण और महाभारत) से लेकर लिच्छवि राजवंश तक, उनके संबंधों का आधार रहे हैं। आधुनिक युग में, नेपाल और भारत के आधिकारिक संबंधों को 1950 की शांति और मैत्री संधि पर हस्ताक्षर के समय से माना जाता है, जिससे 2025 में ये लगभग 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। भारत-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ मनाते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप की शुरुआत की है।

उन्होंने कहा कि भारत ने साइंस, हैल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, शिक्षा, रक्षा, हवाई अड्डे और रेलवे, कृषि, आपदा राहत, साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेपाल की सहायता करने में हमेशा एक ’बड़े भाई’ की भूमिका निभाई है। भारत स्कॉलरशिप, एक्सचेंज प्रोग्राम और एकेडमिक कोलेबोरेशन प्रदान करके नेपाल के स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण वर्ल्ड क्लास एजुकेशन प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय यूनिवर्सिटीज, जो अपने विविध प्रोग्राम्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानकों के लिए जाने जाते हैं, नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए हमेशा पहली पसंद रहे हैं। इसलिए, नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के दृष्टिकोण के साथ, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ’इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप’ की घोषणा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।

प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि भारत की अग्रणी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली द्वारा पिछले 13 वर्षों से स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। वहीं, जहां सीयू में नेपाल के स्टूडेंट्स को शिक्षा हासिल करने के लिए यहां से लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। नेपाल के स्टूडेंट्स की सहुलियत और गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने के लिए लखनऊ, उत्तर प्रदेश में नजदीक ही शिक्षा भारत की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिस्पलिनरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, उन्नाव के नेक्सट जेनरेशन फ्यूचरिस्टिक कैंपस की शुरुआत की है। नेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, नेपाल से 12वीं के सभी स्ट्रीम्स में पास होने नेपाल के स्टूडेंट्स को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली और लखनऊ दोनों कैंपस में ’इंडो-नेपाल मैत्री स्काॅलरशिप-2025-26’ के माध्यम से 50 प्रतिशत तक की स्काॅलरशिप प्रदान की जा रही है।

प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली में 1265 स्टूडेंट्स दाखिला ले चुके हैं, जिनमें इंजीनियरिंग में 450, हाॅटल मैनेजमैंट में 240, एमबीए में 180 और अन्य स्ट्रीम्स में दाखिला लिया है। इस दौरान नेपाल के इन सभी स्टूडेंट्स को सीयू, मोहाली द्वारा स्काॅलरशिप भी प्रदान की गई है।

प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट रिकाॅर्ड भी शानदार रहा है। यहां पर पढ़ने वाले नेपाल 745 स्टूडेंट्स को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में करवाई प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान मल्टीनेशनल, भारतीय और नेपाल की कंपनियों से भी आॅफर मिले हैं। इनमें 521 स्टूडेंट्स को नेपाल में ही अच्छे सालाना पैकेज के साथ नौकरियों के आॅफर मिले हैं। जबकि 224 स्टूडेंट्स को भारतीय और मल्टीनेशनल कंपनियों से अच्छे सालाना पैकेज के साथ नौकरियों के आॅफर मिले हैं।

 प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले नेपाल के स्टूडेंट गोल्ड मेडलिस्ट धरुब कुमार, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली से 2021-22 से 2023-24 बैच में एमई-सिविल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन टेक्नाॅलोजी एंड मैनेजमेंट में की है। उसे जापान की सेनमी कंपनी लिमिटेड से नौकरी का आॅफर मिला है जोकि सीएडी डिजाइन इंजीनियर पर सेवाएं निभा रहे हैं, जिसका सालाना पैकेज 3.8 मिलियन येन (भारतीय 22.51 लाख रुपये) है।  इसी तरह नेपाल के अभिषेक आनंद, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली से बैच 2015-2025 में बेचलर ऑफ इंजीनियर कंप्यूटर साइंस एंड एमबीए मार्किटिंग एंड फाइनांस  की शिक्षा हासिल की है। जोकि काठमांडू, नेपाल के इस्लिंग्टन कॉलेज में लेक्चरार और रीसर्च एंड डेवलप्मेंट हेड के तौर पर सेवाएं निभा रहा है, जिनका सालाना पैकेज 12.06 लाख रुपये है। इसके अलावा नेपाल के रहने वाले सूमन पोडेल, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 2017 बैच में बैचलर आॅफ इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग आॅनर्स कलाउड कंप्यूटिंग की है। जिसे नेपाल में टाॅप की तीन कंपनियों में शुमार लीपफरोग टेक्नाॅलोजी से 25 लाख रुपये सालाना का नौकरी का आॅफर मिला है, जोकि वहां पर सीनियर एआई इंजीनियर के पद पर सेवाएं निभा रहें हैं।

प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा उच्च शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल की पांच यूनिवर्सिटीयों के साथ एमओयू किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा अहम नेपाल की त्रिभूवन यूनिवर्सिटी काठमांडू के साथ एमओयू किया गया है। यह नेपाल की एकमात्र सबसे बड़ी और पूरानी यूनिवर्सिटी है। त्रिभूवन यूनिवर्सिटी में कई शोध केंद्र हैं जो नेपाल और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर शोध, संगोष्ठी और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करते हैं। इन एमओयू के साथ नेपाल के स्टूडेंट्स को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मदद मिल रही है।

 प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की रैंकिंग का जिक्र करते हुएक कहा कि सीयू ने एक बार फिर प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में प्रभावशाली प्रगति की है। इसने 125 पायदान की छलांग लगाकर दुनिया में 575वां स्थान प्राप्त किया है और दुनिया भर की शीर्ष 2 प्रतिशन यूनिवर्सिटीयों की सूची में शामिल हो गई है।

प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में, यूनिवर्सिटी को भारत के सभी निजी यूनिवर्सिटियों में नंबर 1 यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2025 में, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन जैसे दुनिया भर के शीर्ष 1500 ग्लोबल संस्थानों में शामिल है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में दुनिया की शीर्ष 231 यूनिवर्सिटियों में 231वीं रैंक हासिल की है। सब्जेक्ट रैंकिंग में, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारत में निजी यूनिवर्सिटियों के बीच सोशल साइंसेज और मैनेजमेंट में पहला और इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में दूसरा रैंक हासिल करके उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

 

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.