आईएचसी ने ‘भाषा’ का शुभारंभ किया – अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारत की भाषाई विविधता को समर्पित एक विशेष खंड

Mon, 23 Feb 2026 02:28 PM (IST)
Mon, 23 Feb 2026 02:30 PM (IST)
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आईएचसी ने ‘भाषा’ का शुभारंभ किया – अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारत की भाषाई विविधता को समर्पित एक विशेष खंड
आईएचसी ने ‘भाषा’ का शुभारंभ किया – अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारत की भाषाई विविधता को समर्पित एक विशेष खंड

नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026 : भाषाई विरासत को मूर्तिरूप देते हुए, Indian Habitat Centre (भारत पर्यावास केंद्र) ने 21 फरवरी को हेबिटेट लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर मेंभाषानामक एक विशेष रूप से संकलित खंड का उद्घाटन किया।

यह पहल भारत की विविध भाषाओं में प्रकाशित सामग्री का एक समृद्ध संग्रह एक साथ लाती है, जिससे भारतीय भाषा साहित्य के प्रति जागरूकता, पहुंच और सराहना को बढ़ावा मिलता है।यह उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हुआ, जिसे विश्व स्तर पर भाषाई विविधता की सुरक्षा, संरक्षण और उत्सव के लिए मनाया जाता है।

इस खंड का उद्घाटन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राम माधव द्वारा किया गया, जिसमें हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इंडिया हेबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश ने इस पहल के पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा: “भारत बोध केंद्र की जबरदस्त सफलता पर आधारित, भाषा एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण अगला कदम है। यह केंद्र के पाठकों को भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट रचनाओं तक संकलित पहुंच प्रदान करता है, साथ ही साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत शीर्षकों के अनुवाद भी शामिल हैं। इससे गैर-मूल भाषी पाठक हमारी क्षेत्रीय साहित्य की गहन समृद्धि को खोज और सराह सकते हैं। हिंदी का एक समर्पित संग्रह भाषा का मूल स्तंभ है और यह निरंतर विस्तार के लिए तैयार है।

अपने संबोधन में डॉ. राम माधव ने पुस्तकालय कोकिसी भी संस्थान की आत्माबताया और इस पहल की सराहना करते हुए इसके और विस्तार की अपील की।

उन्होंने कहा किभारत का इतिहास वास्तव में उसकी भाषाओं में निवास करता है, फिर भी उनकी अपार महत्ता अक्सर कम आंकी जाती रही है। इन भाषाई खजानों की व्याख्या और खोज आवश्यक है, और भाषा इंडिया हेबिटेट सेंटर द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण एवं समयोचित कदम है।

श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने इस शुभारंभ को समयानुकूल एवं प्रासंगिक प्रयास बताते हुए भारत की बहुभाषी विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की आज के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

बौद्धिक एवं सांस्कृतिक संलग्नता का एक मूल्यवान संसाधन हेबिटेट लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर इंडिया हेबिटेट सेंटर के सदस्यों के लिए सुलभ बना हुआ है।

यह नया खंड आईएचसी की निरंतर प्रतिबद्धता के अनुरूप हैजैसा कि आईएचसी समन्वय जैसी पहलों में देखा जाता हैजो भारत की बहुलवादी सांस्कृतिक एवं भाषाई परंपराओं का उत्सव मनाने और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित है।अधिक जानकारी के लिए www.indiahabitat.org  पर जाएं या एचएलआरसी से संपर्क करें।

 

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इंडिया हेबिटेट सेंटर एक प्रमुख संस्थान है जो संवाद, संस्कृति, शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, एक गतिशील और समावेशी वातावरण में।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.