'युग बदलना है तो पहले स्वयं को बदलें' — गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में जे.पी. नड्डा

Tue, 03 Nov 2026 02:27 PM (IST)
Tue, 03 Nov 2026 02:59 PM (IST)
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'युग बदलना है तो पहले स्वयं को बदलें' — गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में जे.पी. नड्डा
'युग बदलना है तो पहले स्वयं को बदलें' — गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में जे.पी. नड्डा

माताजी के सेवा, संवेदना, धैर्य और समर्पण को जीवन में उतारने का आह्वान; नशा मुक्ति, पर्यावरण और नारी शक्ति के कार्यों के लिए गायत्री परिवार को दिया साधुवाद

नई दिल्ली, 2 नवंबर : भाजपा के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि युग निर्माण की शुरुआत स्वयं को बदलने से होती है, और इसके लिए अपने भीतर झाँकने की प्रक्रिया लगातार चलनी चाहिए। वे अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह, वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा जन्मशताब्दी महोत्सव, को संबोधित कर रहे थे।

नड्डा ने कहा कि यह अवसर तीन बातों का संगम है — वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी, परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष, और गायत्री परिवार की सौ वर्ष की यात्रा। उन्होंने देश के कोने-कोने से आए साधकों और मातृशक्ति को शुभकामनाएँ दीं।

मंच पर समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या, हिमाचल प्रदेश से सांसद अनुराग ठाकुर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

माताजी और गुरुदेव का जीवन समाज को समर्पित

नड्डा ने कहा कि माताजी के आदर्श और मूल्य समाज को सही दिशा में ले जाने वाले थे और परिवारों को श्रेष्ठ बनाते थे। उन्होंने कहा, “सेवा, संवेदना, धैर्य और समर्पण, जो माताजी के जीवन में था, उसे हमें आगे लेकर चलना है, उससे हमें प्रेरणा लेनी है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, सृजन, करुणा और संस्कार का आधार माना गया है, और इन मूल्यों को दैनिक जीवन में उतारना होगा।

गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य को याद करते हुए नड्डा ने कहा कि उनकी साधना, प्यार और सेवा मानवता के कल्याण के लिए समर्पित थी। “जो उत्कर्ष उन्होंने जीवन में पाया, वह अपने लिए नहीं रखा, बल्कि समाज को समर्पित किया। यही सबसे बड़ी बात थी,” उन्होंने कहा। उन्होंने आयोजकों को सांस्कृतिक चेतना जगाने और समाज को उसकी ज़िम्मेदारी के प्रति सजग करने के लिए बधाई दी।

सौ साल में परिस्थितियाँ बदलीं, मूल्य नहीं

नड्डा ने कहा कि सौ वर्ष की यात्रा में कई चुनौतियाँ आईं, लेकिन सत्य, सदाचार, सेवा, करुणा और मानव कल्याण की प्रासंगिकता कभी समाप्त नहीं हुई। “परिस्थितियाँ बदलीं, चुनौतियाँ बदलीं, लेकिन सत्य हमेशा अटल रहा,” उन्होंने कहा।

गायत्री परिवार की दृष्टि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युग बदलने का मार्ग स्वयं को बदलने से होकर जाता है। “समय, परिस्थिति और हमारे दैनिक जीवन के कारण हमें बाहर देखने की बहुत आदत होती है। अपने अंदर झाँकना सबसे पहला काम होना चाहिए,” उन्होंने कहा। उन्होंने नारी शक्ति, युवा शक्ति और समाज से राष्ट्र के कल्याण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

नशा मुक्ति, पर्यावरण और मातृशक्ति के कार्यों की सराहना

नड्डा ने कहा कि गायत्री परिवार ने केवल पूजा-पद्धति पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि समाज में अच्छे संस्कार लाने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़ी युवा शक्ति नशा निवारण और नशा मुक्ति में लगी है, और लोगों को व्यसन से दूर करने का यह प्रयास “बहुत ही सराहनीय” है।

उन्होंने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत युवा आयोजनों, पर्यावरण संरक्षण के उपक्रमों और समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयासों के लिए भी गायत्री परिवार को साधुवाद दिया। मातृशक्ति के माध्यम से चल रहे कार्यों पर उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि माता के माध्यम से ही परिवार को संस्कार मिलते हैं।” सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के काम को उन्होंने विशेष रूप से सराहनीय बताया और कहा कि इसी माध्यम से समाज और युग बदलेगा।

“लाखों साथी इस काम में लगे हैं”

नड्डा ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने विकसित भारत पर विस्तार से बात की है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत की ओर अग्रसर है। डॉ. चिन्मय पंड्या के संस्कार के माध्यम से देश और समाज को बदलने के विचारों को उन्होंने प्रेरणादायी बताया।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “यदि हमें माताजी को याद करना है, गुरुदेव को याद करना है, और अखंड ज्योति की तरह अखंड रहते हुए समाज का काम करना है, तो सबसे पहले अपनी स्व-चेतना जगी रहे, इसकी चिंता करनी पड़ेगी।”

उन्होंने कहा कि इस काम में वे अकेले नहीं हैं, लाखों साथी इसमें लगे हैं, इसलिए युग निर्माण में कोई रुकावट नहीं आएगी। “अच्छे संस्कारों के साथ हम देशसेवा में लगेंगे, समाज को आगे बढ़ाएँगे,” उन्होंने कहा। कार्यक्रम के अंत में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से नड्डा का आभार व्यक्त किया गया और अतिथियों का सम्मान किया गया।

 
JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.