कांडला फोरम 2026 में वैश्विक हाइड्रोजन व समुद्री नेता, हरित परियोजनाओं पर जोर

Sat, 10 Oct 2026 01:03 PM (IST)
Sat, 10 Oct 2026 01:04 PM (IST)
 0
कांडला फोरम 2026 में वैश्विक हाइड्रोजन व समुद्री नेता, हरित परियोजनाओं पर जोर

वैश्विक हाइड्रोजन और समुद्री क्षेत्र के नेताओं ने DPA कांडला में हरित परियोजनाओं पर किया मंथन

दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला ने कांडला फोरम 2026 – “Anchoring Maritime Decarbonisation” की मेजबानी की, जिसमें ज्ञान साझा करने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, शिपिंग, जहाज निर्माण, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और वित्तीय क्षेत्रों के प्रमुख वैश्विक और भारतीय हितधारकों को एक साथ लाया गया।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला भारत की 2070 तक नेट ज़ीरो प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। अपने बढ़ते ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन-फ्यूल इकोसिस्टम के माध्यम से, DPA कांडला को हरित ऊर्जा, टिकाऊ शिपिंग और समुद्री डीकार्बोनाइजेशन के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

फोरम वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के बीच प्रत्यक्ष जुड़ाव के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जिसमें कांडला में निवेश में तेजी लाने, प्रौद्योगिकी साझेदारी और एक मजबूत हरित ईंधन एवं समुद्री डीकार्बोनाइजेशन इकोसिस्टम के विकास पर चर्चा हुई। फोरम की विशेष रूप से ऐसी कंपनियों को जोड़ने के लिए परिकल्पना की गई थी, जो ग्रीन-एनर्जी वैल्यू चेन विकसित करने में सक्षम हैं, ताकि उन्हें पोर्ट नेतृत्व से जोड़ा जा सके और केंद्रित, जमीनी स्तर पर जुड़ाव को सक्षम बनाया जा सके।

फोरम में 62 Hydrogen Council सदस्य कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों से युक्त एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। इसमें इलेक्ट्रोलाइजर और उपकरण निर्माता, ऊर्जा और औद्योगिक गैस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां, इंजीनियरिंग और EPC कंपनियां, मोबिलिटी निर्माता, शिपिंग और समुद्री संगठन, वर्गीकरण संस्थाएं और परियोजना वित्त संस्थान शामिल थे। इनके साथ भारतीय निर्माता, डेवलपर्स और ऑफटेकर्स, शिपिंग और जहाज निर्माण कंपनियां, वित्तीय संस्थान तथा अन्य हितधारक भी शामिल हुए, जिससे लगभग 200 वरिष्ठ नेताओं का समागम हुआ।

श्री सुशील कुमार सिंह, IRSME, चेयरमैन, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला ने वैश्विक उद्योग प्रतिनिधिमंडल के साथ कांडला के ग्रीन हाइड्रोजन और डेरिवेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर तथा समुद्री ऊर्जा संक्रमण में इसकी उभरती भूमिका पर व्यापक संवाद का नेतृत्व किया।

अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान, DPA के चेयरमैन ने DPA के मौजूदा और नियोजित ग्रीन-एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी, जिसमें पोर्ट पर बिजली, पानी और भूमि की उपलब्धता, ग्रीन हाइड्रोजन और डेरिवेटिव सुविधाएं, मेथनॉल बंकरिंग तथा निवेश, संयुक्त उपक्रम और नई प्रौद्योगिकियों की तैनाती के अवसर शामिल हैं।

उन्होंने वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं को कांडला के साथ निकटता से जुड़ने और इसके हरित परिवर्तन में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया, तथा उद्योग–पोर्ट संवाद को केवल चर्चा तक सीमित न रखकर ठोस सहयोग और परियोजनाओं की दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

चर्चाओं में हरित-ऊर्जा क्षेत्र में कांडला की बढ़ती क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया। DPA के पास 1 MW का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट संचालन में है, जबकि आगे की ग्रीन हाइड्रोजन सुविधाएं विकास के चरण में हैं। पोर्ट ने भारत का पहला मेथनॉल बंकरिंग ट्रायल भी पूरा कर लिया है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन और डेरिवेटिव उत्पादन को समर्थन देने के लिए भूमि, बिजली और पानी की व्यवस्था की जा रही है। कांडला भारत–यूरोप ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर के अध्ययन में एक एंकर पोर्ट भी है।

कांडला फोरम की एक प्रमुख विशेषता इसका इंटरैक्शन-आधारित प्रारूप था। पारंपरिक सम्मेलन चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय, कार्यक्रम में DPA नेतृत्व के साथ सीधे क्षेत्रवार चर्चाओं की सुविधा प्रदान की गई।

प्रमुख क्षेत्रों में इलेक्ट्रोलाइजर, गैसीफायर और उपकरण; ग्रीन अमोनिया, मेथनॉल और ई-फ्यूल्स; बिजली, पानी और भूमि; इंजीनियरिंग और EPC; समुद्री बंकरिंग, जहाज निर्माण, ग्रीन-फ्यूल-आधारित इंजन और जहाज मरम्मत; तथा वित्तपोषण और जोखिम शामिल थे।

इन संवादों ने भाग लेने वाली कंपनियों को अपनी प्रौद्योगिकियों और व्यावसायिक प्रस्तावों पर चर्चा करने के साथ-साथ निवेश, संयुक्त उपक्रम, प्रौद्योगिकी तैनाती और औद्योगिक विकास के लिए कांडला में उपलब्ध अवसरों की स्पष्ट समझ हासिल करने में सक्षम बनाया।

फोरम के हिस्से के रूप में, प्रतिनिधियों ने दीनदयाल पोर्ट, कांडला का भी दौरा किया, जिससे उन्हें कांडला के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास क्षमता को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला।

इस दौरे में कांडला में आगामी e-Methanol सुविधा, ऑयल जेट्टी, कांडला में भारत का पहला मेगा वाट स्केल स्वदेशी ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट और कार्गो जेट्टी क्षेत्र शामिल थे। DPA नेतृत्व के साथ ग्रीन शिपबिल्डिंग और जहाज मरम्मत तथा मेथनॉल बंकरिंग पर केंद्रित सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे उद्योग प्रतिनिधिमंडल को पोर्ट की योजनाओं और अवसरों का जमीनी स्तर का दृष्टिकोण मिला।

फोरम के साथ गांधीनगर स्थित Administrative Office Building, Gandhidham में एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी भी आयोजित की गई; इसमें भाग लेने वाली कंपनियों के समाधान और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया गया, जिससे प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, उद्योग जगत के नेताओं और पोर्ट इकोसिस्टम के बीच निकट संवाद संभव हुआ।

फोरम का समापन रुचि की अभिव्यक्तियों (Expressions of Interest) को आगे बढ़ाने और संवाद को ठोस साझेदारियों में बदलने पर मजबूत जोर के साथ हुआ। फोरम के माध्यम से परिकल्पित प्रमुख परिणामों में उन क्षेत्रों में DPA और भाग लेने वाली कंपनियों के बीच निरंतर जुड़ाव शामिल है, जहां पोर्ट निवेश, संयुक्त उपक्रम और नई प्रौद्योगिकियों के लिए खुला है।

कांडला फोरम 2026 की सफल मेजबानी दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी की कांडला को ग्रीन फ्यूल्स, ग्रीन शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री डीकार्बोनाइजेशन के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही यह ऐसा मंच तैयार करता है जहां वैश्विक विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी और निवेश भारत की बढ़ती हरित समुद्री महत्वाकांक्षाओं के साथ एकजुट हो सकते हैं।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.