MICA और IGNCA ने सांस्कृतिक विरासत एवं रणनीतिक संचार के सेतु निर्माण के लिए मिलाया हाथ

Thu, 03 Sep 2026 02:40 PM (IST)
Thu, 03 Sep 2026 04:32 PM (IST)
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MICA और IGNCA ने सांस्कृतिक विरासत एवं रणनीतिक संचार के सेतु निर्माण के लिए मिलाया हाथ
MICA और IGNCA ने सांस्कृतिक विरासत एवं रणनीतिक संचार के सेतु निर्माण के लिए मिलाया हाथ

साझेदारी के तहत दो संयुक्त प्रमाणपत्र कार्यक्रम, हस्तशिल्प पर सहयोगात्मक शोध, विद्यार्थियों के फील्ड इमर्शन तथा कारीगरों के क्षमता-विकास की पहल

अहमदाबाद: भारत के रणनीतिक विपणन एवं संचार के क्षेत्र में अग्रणी प्रबंधन संस्थान MICA और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्त न्यास के रूप में कार्यरत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) ने तीन वर्षों की अवधि के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच एक बहुविषयक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग स्थापित करना है।

यह साझेदारी IGNCA की भारतीय कला, हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक दस्तावेजीकरण के क्षेत्र में विशेषज्ञता को MICA की ब्रांड रणनीति, डिजिटल मीडिया और सांस्कृतिक कथ्य-वाचन (Cultural Storytelling) की विशेषज्ञता के साथ जोड़ती है।

इस सहयोग की एक प्रमुख पहल के रूप में MICA और IGNCA संयुक्त रूप से दो व्यापक प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू करेंगे। इनमें से पहला कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे देश और दुनिया के व्यापक वर्ग तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। दूसरा कार्यक्रम MICA परिसर में एक इमर्सिव, अनुभवात्मक एवं ऑन-कैंपस कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाएगा।

इन कार्यक्रमों को नीति-निर्माताओं, कलाकारों, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों एवं विशेषज्ञों सहित विभिन्न हितधारकों को सांस्कृतिक संचार, विपणन तथा वैश्विक ब्रांडिंग के क्षेत्र में व्यावहारिक क्षमताओं से प्रशिक्षित एवं सुसज्जित करने के उद्देश्य से विशेष रूप से तैयार किया गया है।

शैक्षणिक प्रमाणपत्र कार्यक्रमों से आगे बढ़ते हुए, यह MoU विरासत संचार और पारंपरिक कला के विपणन से संबंधित संयुक्त शोध परियोजनाओं एवं केस स्टडीज के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत MICA के विद्यार्थियों को IGNCA के विभिन्न केंद्रों, जिसमें वडोदरा स्थित क्षेत्रीय केंद्र भी शामिल है, में फील्ड इमर्शन, शोध-प्रबंध (Dissertations) और इंटर्नशिप करने के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं, IGNCA को सांस्कृतिक अभियानों के लिए MICA के संकाय एवं विद्यार्थियों से संरचित रणनीतिक इनपुट प्राप्त होंगे।

इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू क्षमता-विकास कार्यशालाएं भी हैं, जिनके माध्यम से हस्तशिल्प समुदायों एवं कारीगरों को आधुनिक ब्रांडिंग तथा डिजिटल बाजारों से जुड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान किए जाएंगे।

इस साझेदारी की परिकल्पना साझा करते हुए MICA की निदेशक एवं CEO, जया देशमुख ने कहा:

भारत बनने के लिए उसे भारत (Bharat) को समझना होगा। मुझे वास्तव में लगता है कि यह सहयोग दोनों के बीच एकीकरण की दिशा में हमारा पहला कदम है और इसके माध्यम से हम अपने MICA दृष्टिकोण के आधार पर अपनी स्वयं की परिभाषा विकसित कर सकेंगे।

इस साझेदारी को विस्तार से समझाते हुए MICA के The School of Applied Creativity की Academic Head, प्रो. फाल्गुनी वासवाड़ा ने कहा, “मैं MICA और IGNCA के बीच इस साझेदारी को अत्यंत रणनीतिक और भविष्यदर्शी मानती हूं। दोनों संस्थानों के बीच मौजूद सामंजस्य कला और कहानी कहने के इर्द-गिर्द रोचक पाठ्यक्रमों और संवादों को जन्म देगा। भारतीय संस्कृति के प्रति IGNCA की बहुविषयक विशेषज्ञता और संस्कृति, उपभोक्ता तथा कहानी कहने के क्षेत्र में MICA की अग्रणी भूमिका इस साझेदारी के माध्यम से महत्वपूर्ण तालमेल स्थापित करेगी।

अपने मुख्य वक्तव्य में IGNCA के Member Secretary डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने विद्यार्थी और लेखक के रूप में अपने दिनों को स्मरण करते हुए कहा, “एक रचनात्मक व्यक्ति का वास्तविक कार्य भावनाओं और संवेदनशीलता के माध्यम से मानवता को वास्तविक जीवन में वापस लाना है। रचनात्मकता के लिए प्रतिदिन रियाज़ आवश्यक है और इसके साथ दो मूलभूत स्तंभ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं — भौतिक सफलता से परे किसी बड़े उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता और समाज की सेवा के लिए मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में करुणा। इनके बिना कोई भी रचनात्मक प्रयास वास्तव में पूर्ण नहीं हो सकता।

MICA के बारे में

1991 में स्थापित MICA एक स्वायत्त, गैर-लाभकारी स्नातकोत्तर प्रबंधन संस्थान है, जो रणनीतिक विपणन एवं संचार के क्षेत्र में नेतृत्व विकसित करने के लिए समर्पित है। MICA में Post Graduate Diploma in Management – Communications (PGDM-C), Post Graduate Diploma in Management (PGDM), Fellow Programme in Management (FPM) सहित विभिन्न कार्यकारी एवं प्रमाणपत्र कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। The School of Ideas के रूप में प्रसिद्ध MICA व्यवसाय, डिजाइन, डिजिटल मीडिया और कहानी कहने के संगम पर रचनात्मक नेतृत्व को बढ़ावा देता है।

IGNCA के बारे में

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) की स्थापना 19 मार्च 1987 को नई दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त न्यास के रूप में की गई थी। यह एक अकादमिक शोध संस्थान है और कला के क्षेत्र में एक प्रमुख संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करता है। इसकी संकल्पना तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी द्वारा 19 नवंबर 1985 को की गई थी। IGNCA की वैचारिक आधारभूमि पांच पवित्र वृक्षों तथा आदिम तत्वों के संगम द्वारा प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त की गई है, जो आत्मचिंतन, बहुविषयक अनुसंधान, बौद्धिक कठोरता और रचनात्मकता के आनंद का प्रतिनिधित्व करते हैं।

IGNCA भारत की जनजातीय, लोक एवं शास्त्रीय कलाओं, मानविकी तथा स्वदेशी ज्ञान परंपराओं से जुड़े शोध, दस्तावेजीकरण, प्रकाशन और आलोचनात्मक संवाद के क्षेत्र में कार्य करता है।

नोट: MICA – The School of Ideas, अहमदाबाद स्थित भारत का रणनीतिक विपणन एवं संचार के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है। MICA अब किसी संक्षिप्त नाम (Acronym) का विस्तार नहीं है।

मीडिया संपर्क: Jignesh Vasavada मोबाइल: +91-9825047007 ईमेल: jignesh.vasavada@micamail.in

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.