MICA ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 का किया भव्य शुभारंभ, बी. वी. राव ने दी परिवर्तन और कड़े परिश्रम की सीख

Mon, 29 Jun 2026 07:57 PM (IST)
Mon, 29 Jun 2026 08:13 PM (IST)
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MICA ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 का किया भव्य शुभारंभ, बी. वी. राव ने दी परिवर्तन और कड़े परिश्रम की सीख
MICA ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 का किया भव्य शुभारंभ, बी. वी. राव ने दी परिवर्तन और कड़े परिश्रम की सीख

 माइका (MICA) ने आधिकारिक तौर पर शैक्षणिक सत्र 2026-2028 के लिए अपने नए बैच की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत PGP, CCC और CCE कार्यक्रमों में दो सप्ताह के गहन ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आगाज़ किया गया है। यह नया बैच एक अनूठी छात्र रूपरेखा (स्टुडेंट प्रोफाइल) को दर्शाता है, जिसमें महिलाओं का भारी बहुमत (औसत 60% से अधिक) है और उनके पास कॉर्पोरेट, मीडिया और रचनात्मक उद्योगों का गहरा अनुभव है।

 

ओरिएंटेशन को एक कड़े, बहु-विषयक प्रगति के रूप में तैयार किया गया है ताकि नवागंतुक प्रतिभाओं को पाठ्यक्रम के साथ पूरी तरह से संरेखित किया जा सके।

 

इस बैच की शुरुआत इंडिया टुडे डिजिटल के ग्रुप एडिटर बी. वी. राव के संबोधन के साथ हुई। परिवर्तन और उसके प्रभाव पर बोलते हुए राव ने कहा, परिवर्तन का चक्र सदियों से घटकर अब महज़ कुछ सेकंडों का रह गया है, और यह कभी भी सुस्त रहने वालों को पुरस्कृत नहीं करता। डिजिटल व्यूज़ (eyeballs) के पीछे भागती इस दुनिया में, बदलाव की अनदेखी करना आत्मघाती है, लेकिन अपने मूल मूल्यों को छोड़ देना भी उतना ही घातक है। प्लेटफॉर्म हमेशा बदलते रहेंगे, लेकिन आपके मूल सिद्धांत और कड़ी मेहनत कभी नहीं बदलनी चाहिए।

 

कड़ी मेहनत की आवश्यकता पर और अधिक जोर देते हुए राव ने आगे कहा,कोई भी व्यक्ति हर समय उत्कृष्ट या प्रतिभाशाली नहीं हो सकता, लेकिन जो व्यक्ति कड़ी मेहनत करता है वह हर दिन खुद में सुधार करता रहता है, जिससे विश्वसनीयता बढ़ती है और विश्वास हासिल होता है। अपना ध्यान काम पर केंद्रित रखें, जो जरूरी है उसे पूरा करें और हमेशा एक कदम आगे रहें। यदि आप कर सकते हैं तो दुनिया को बदलिए, या यदि आवश्यक हो तो दुनिया के साथ खुद को बदलिए, लेकिन यह निश्चित रूप से सुनिश्चित करें कि दिन के अंत में आपके पास इस्तीफे के पत्र की तुलना में एक नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) अधिक हो।

 

विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए छात्र एक्सेल (Excel), मात्रात्मक विश्लेषण (quantitative analysis), केस स्टडी पद्धतियों और उद्यमशीलता की मानसिकता (entrepreneurial mindset) जैसे बुनियादी फाउंडेशन ब्लॉक्स के रोटेशन को पूरा करते हैं। छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए दैनिक आधार पर सुबह के योग और माइंडफुलनेस सत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है।

 

 

दूसरा चरण मुख्य पाठ्यक्रम स्तंभों में परिवर्तित होता है जो 5Cs ढांचे के इर्द-गिर्द संरचित हैं: कॉमर्स (Commerce), कम्युनिकेशन (Communication), क्रिएटिविटी (Creativity), कल्चर (Culture) और कम्युनिटी (Community)

 

छात्रों का स्वागत करते हुए, निदेशक और सीईओ जया देवरास देशमुख ने कहा,आज हमारे कैंपस में चारों तरफ देखिए, आपको ऐसे लोग नहीं मिलेंगे जो सिर्फ तयशुदा कॉर्पोरेट सांचों में फिट होना चाहते हैं। इसके बजाय, आपको ऐसे छात्र मिलेंगे जो पूरी कहानी को ही बदलना चाहते हैं।

 

हम ठीक 'इमेजिनेशन के दौर' (कल्पना के युग) की दहलीज पर खड़े हैं। यह एक ऐसा समय है जहां ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजी भले ही रोजमर्रा के रूटीन काम संभाल ले, लेकिन एक बेहतरीन कहानी सुनाने की हमारी इंसानी काबिलियत ही सबसे ज्यादा मायने रखेगी।

 

अपने छात्रों को कॉमर्स, कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी, कल्चर और कम्युनिटी (वाणिज्य, संचार, रचनात्मकता, संस्कृति और समुदाय) की मजबूत बुनियाद देकर, हम सिर्फ मैनेजमेंट नहीं सिखा रहे हैं, बल्कि हम अपने छात्रों को पूरी तरह से निडर बना रहे हैं।

 

इन मॉड्यूल्स को महत्वपूर्ण संस्थागत नियमों के पालन के सत्रों के साथ जोड़ा गया है, जिसमें अनिवार्य प्रोटोकॉल, पॉश (POSH) नियम और मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता ब्रीफिंग शामिल हैं। ओरिएंटेशन का समापन कॉर्पोरेट जगत के कार्यकारी नेताओं के नेतृत्व में उद्योग तत्परता (industry readiness) कार्यशालाओं, पांच भागों की एआई तत्परता श्रृंखला और एक अंतिम 5C जूरी मूल्यांकन प्रस्तुति के साथ होता है।

 

इस पूरी कवायद का सार प्रस्तुत करते हुए, MICA की डीन डॉ. गीता हेगड़े कहती हैं, “MICA में शिक्षण पद्धति को इस कल्पना के युग (Age of Imagination) में अंतर को पाटने के लिए जानबूझकर तैयार किया गया है। हमारा इरादा छात्रों को पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़ाकर गहन, व्यावहारिक रचनात्मक सोच की ओर ले जाना है।

हम छात्रों के एक बेहद प्रतिभाशाली और गतिशील समूह का स्वागत कर रहे हैं जो पहले से ही दृश्य रूप से स्पष्ट (visually articulate) और डिजिटल रूप से कुशल हैं। उन्हें हमारे बहु-विषयक पारिस्थितिकी तंत्र में डुबो कर, हम उन्हें सवाल करने, प्रयोग करने और डेटा को मानवीय दृष्टिकोण से देखने की चुनौती देते हैं। यही अनूठा शैक्षिक आधार कच्ची प्रतिभा को उन चुस्त, कल्पनाशील नेताओं में बदल देता है जो संभावनाओं में सोचते हैं।

 

MICA के पांच कार्यक्रमों में कुल 328 छात्रों का प्रवेश एक आधुनिक, महिला-नेतृत्व वाले बैच को रेखांकित करता है जो पेशेवर अनुभव और रचनात्मक विविधता से समृद्ध है। छात्र औसतन 22.7 वर्ष की आयु वाले करियर के लिए तैयार युवा वर्ग हैं, जो मुख्य रूप से 21-24 वर्ष के आयु वर्ग में केंद्रित हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यधिक बहु-विषयक है।

 

महत्वपूर्ण रूप से, इस शैक्षणिक विविधता को सक्रिय कॉर्पोरेट एक्सपोज़र का भी समर्थन प्राप्त है, जिसमें लगभग दो-तिहाई छात्र कॉर्पोरेट अनुभव के साथ आए हैं। भौगोलिक रूप से, यह बैच 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आकर पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करता है।

 

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.