मेवाड़ की परंपरा का सम्मान: 42वें समारोह में विभूतियों और विद्यार्थियों को मिला अलंकरण

Tue, 17 Mar 2026 01:22 PM (IST)
Tue, 17 Mar 2026 01:33 PM (IST)
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मेवाड़ की परंपरा का सम्मान: 42वें समारोह में विभूतियों और विद्यार्थियों को मिला अलंकरण

उदयपुर  : मेवाड़ की गौरवपूर्ण और प्राचीन परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित 42वें सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों तथा देश के उज्ज्वल भविष्य माने जाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने समारोह में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों और विद्यार्थियों को अलंकरण प्रदान किया।

समारोह का शुभारंभ मंच पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर परमेश्वरजी महाराज श्री एकलिंगनाथजी को नमन करते हुए फाउंडेशन के संस्थापक महाराणा भगवत सिंह जी मेवाड़ को श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित की गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और पूरा वातावरण संस्कृति, परंपरा और सम्मान की भावना से ओतप्रोत हो उठा।

अपने संबोधन में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए विशेष रूप से अपने पिता महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ को याद किया। उन्होंने कहा कि 77वें श्री एकलिंग दीवान के रूप में वे अपने पिता से प्राप्त संस्कारों और मूल्यों के आलोक में मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने सदैव मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का कार्य किया, जो उनके लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है।

इसी क्रम में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने पिता की स्मृतियों और आदर्शों को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से ‘महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ अलंकरण’ नामक एक नए राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा की। यह अलंकरण उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को समर्पित होगा जिन्होंने अपने कार्यों और उपलब्धियों के माध्यम से समाज, संस्कृति और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

समारोह में देश-विदेश से आए सम्मानित अतिथियों का डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के सम्मान से हुई, जिसमें कुल 81 विद्यार्थियों को अलंकृत किया गया। इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उपलब्धियों से प्रभावित होकर उपस्थित सभी अतिथियों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर्नल जेम्स टॉड सम्मान अमेरिका की डॉ. मॉली एम्मा एटकिन को प्रदान किया गया। वे भारतीय लघुचित्र परंपरा, विशेष रूप से मेवाड़ एवं राजपूत दरबारी चित्रकला के अध्ययन की अग्रणी विदुषी हैं। उनके शोध कार्यों ने मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय स्तर का हल्दीघाटी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार कमलेश किशोर सिंह को प्रदान किया गया। वे पिछले तीन दशकों से भारतीय मीडिया जगत में सक्रिय हैं और डिजिटल पत्रकारिता में नवाचार, हिंदी पत्रकारिता को सशक्त दिशा देने तथा नई पीढ़ी के पत्रकारों को मार्गदर्शन देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘तीन ताल’ में ‘ताऊ’ के रूप में उनकी उपस्थिति व्यापक जनसमूह को समसामयिक विषयों पर गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित करती है।

हकीम खां सूर सम्मान इस वर्ष भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर रिज़वान मलिक, वीआरसी को प्रदान किया गया। वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित असाधारण वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से अलंकृत किया गया है। वे एक कुशल फाइटर पायलट हैं और उन्नत लड़ाकू विमानों के संचालन में दक्ष हैं। मणिपुर के इम्फाल पूर्व जिले के केइखु गाँव से आने वाले मलिक अपने राज्य और राष्ट्र के लिए गौरव का स्रोत बने हैं।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध मरिमुथु योगनाथन को महाराणा उदय सिंह सम्मान से सम्मानित किया गया। तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम में बस परिचालक के रूप में कार्यरत रहते हुए वे लगभग चार दशकों से वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता और जलवायु संरक्षण के कार्य में समर्पित हैं और अब तक पाँच लाख से अधिक वृक्ष लगा चुके हैं।

निर्धारित दायित्व सीमा से ऊपर उठकर किए गए कार्य के लिए दिया जाने वाला पन्नाधाय सम्मान इस वर्ष वर्ष 2017 में 35,000 फीट की ऊँचाई पर एक आपातकालीन प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले जेट एयरवेज़ की फ्लाइट 9डब्ल्यू 569 के समर्पित क्रू सदस्यों को सामूहिक रूप से प्रदान किया गया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्रू सदस्यों ने साहस, संयम और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सुरक्षित प्रसव संभव बनाया।

मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने वाले मेवाड़ के 76वें वंशधर के सम्मान में इस वर्ष के प्रथम “महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ अलंकरण” से द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पुनीत चटवाल को भारत के पर्यटन क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

राज्य स्तरीय सम्मानों में महर्षि हारीत राशि सम्मान वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को प्रदान किया गया। 19 वर्षीय देवव्रत ने वाराणसी में 50 दिनों तक पूर्णतः स्मरण शक्ति के आधार पर शुक्ल यजुर्वेद के दुर्लभ दंडक्रम विकृतिपाठ का संपादन कर वैदिक परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समाज में शैक्षिक, नैतिक और सामाजिक उत्थान के लिए इस वर्ष का महाराणा मेवाड़ सम्मान भारत की प्रथम ट्रांसजेंडर महिला सब-इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस के. पृथिका याशिनी तथा वरिष्ठ पत्रकार भुवनेश जैन को प्रदान किया गया।

अन्य सम्मानों में महाराणा कुम्भा सम्मान साहित्यकार तरुण कुमार दाधीच, महाराणा सज्जनसिंह सम्मान सैंड आर्टिस्ट अजय रावत, डागर घराना सम्मान पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, राणा पूंजा सम्मान मांडना कलाकार डिंपल चण्डात तथा अरावली सम्मान राम रतन जाट और पैरालंपिक पदक विजेता अवनि लेखरा को प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त राज्य स्तरीय ‘महाराणा मेवाड़ विशेष सम्मान’ राजस्थान के बेस्ट पुलिस थाना सूरतगढ़ शहर और उदयपुर के राजेश वैष्णव को मेवाड़ की 500 वर्ष पुरानी पवित्र जल सांझी परंपरा के संरक्षण के लिए प्रदान किया गया।

समारोह का समापन मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन हिन्दी में गोपाल सोनी तथा अंग्रेजी में श्रीमती रूपा चक्रवर्ती ने किया।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.