भारतीय संग्रहालय में खिल उठे वसंत उत्सव के रंग

Sat, 14 Mar 2026 05:42 PM (IST)
Sat, 14 Mar 2026 05:45 PM (IST)
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भारतीय संग्रहालय में खिल उठे वसंत उत्सव के रंग
भारतीय संग्रहालय में खिल उठे वसंत उत्सव के रंग

प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित वसंत उत्सव में संदीप भूतोड़िया द्वारा महाकवि जयदेव की कृति "गीत गोविंदम्आधारित प्रस्तुति

कोलकाता (पश्चिम बंगाल), मार्च 14 : ऐतिहासिक भारतीय संग्रहालय के भव्य प्रांगण में आयोजित वसंत उत्सव- महाकवि जयदेव के "गीत गोविंदम्को समर्पित रहा। रंग, रस और राधा-कृष्ण प्रेम' शीर्षक यह सांस्कृतिक संध्या भारतीय संग्रहालय जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है तथा प्रभा खेतान फाउंडेशन के तत्वावधान में संपन्न हुआ। वसंत की मृदुल बयार के साथ यह आयोजन रंग, राग और भक्ति के अनुपम समन्वय का साक्षी बना।

कार्यक्रम में संस्कृतिकर्मी एवं लेखक संदीप भूतोड़िया की काव्यात्मक प्रस्तुति ने श्रोताओं को वृंदावन की आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया। शब्दों के माध्यम से राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम की अनंत संवेदनाएँ सजीव हो उठीं और संध्या का भावपूर्ण स्वर निर्धारित हुआ।

सुप्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना एवं कोलकाता की अहसास वूमेन डोना गांगुली तथा उनकी संस्था 'दीक्षा मंजरीकी नृत्यांगनाओं ने "बसंत पल्लवी" और "ललित लवंग लता" जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रेम की विविध अवस्थाओं को साकार किया। ओडिसी की लयात्मक मुद्राओं और अभिव्यक्ति की सूक्ष्मता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संगीत की स्वर-लहरियों ने वातावरण को और भी भाव-विभोर बना दिया। दक्षिणायन (यूके) समूह के डॉ. आनन्दो गुप्ता द्वारा प्रस्तुत रवीन्द्र संगीतओरे गृहवासी”, “नील दिगन्ते”, “ओरे भाई फागुन" औरदक्षिण हवा जागो”—ने वसंत के सौंदर्य को सुरों में पिरो दिया।

प्रेम की विभिन्न अवस्थाओंचिन्तास्मृतिउद्वेगउन्माद और मिलनका नृत्यात्मक एवं काव्यात्मक चित्रण अत्यंत प्रभावशाली रहा। राधा के विरह की व्याकुलता से लेकर कृष्ण के आगमन के उल्लास तक की यात्रा ने दर्शकों को भाव-सागर में डुबो दिया। "स्मर-गरल-खण्डनं मम शिरसि मण्डनं" और "ललित- लवंग-लता परिशीलन-कोमल-मलय-समीरेजैसी पंक्तियों के साथ विरह और मिलन का अद्भुत संतुलन मंच पर साकार हुआ।

समापन प्रस्तुतियों — "जय हो", "देश रंगीला", "वंदे मातरम्" और "रंग दिये जाओ" ने उत्सव को राष्ट्रीय भाव से भी ओतप्रोत कर दिया।

प्रभा खेतान फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी एवं लेखक-संस्कृतिकर्मी संदीप भूतोड़िया ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह कार्यक्रम एक संदेश है कि वृंदावन की होली से लेकर शांतिनिकेतन की बसंती होली तक भारत की विविध परंपराएँ एक ही सूत्र में पिरोई हुई हैं। रंग भले अलग होंपर भाव एक हैप्रेमराग भले भिन्न होंपर लय एक हैभक्ति।

इस अवसर पर भारतीय संग्रहालय के निदेशक डॉ. सायन भट्टाचार्य ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए श्री भूतोड़िया और डोना गांगुली को सम्मानित किया।

ऐतिहासिक परिवेशआध्यात्मिक संवेदना और उत्सवी उल्लास के समागम ने इस 'वसंत उत्सवको एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बना दिया। यह आयोजन भारतीय संग्रहालय सचमुच रंगराग और रस से आलोकित हो उठा। कार्यक्रम में कोलकाता के प्रबुद्ध नागरिकोंफिल्मी कलाकारों एवं कई देशों के वाणिज्य दूतावासों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.