इंदौर में ‘ऊर्जस्विनी सेंटर’ बना ऑटिज्म व डिस्लेक्सिया वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद

Fri, 17 Apr 2026 10:44 PM (IST)
Fri, 17 Apr 2026 10:45 PM (IST)
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इंदौर में ‘ऊर्जस्विनी सेंटर’ बना ऑटिज्म व डिस्लेक्सिया वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद
इंदौर में ‘ऊर्जस्विनी सेंटर’ बना ऑटिज्म व डिस्लेक्सिया वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद

इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 17 अप्रैल : बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में आने वाली चुनौतियों को लेकर आजकल माता-पिता काफी जागरूक हो गए हैं। इंदौर जैसे शहर में Autism (ऑटिज्म), Down Syndrome (डाउन सिंड्रोम) और Dyslexia (डिस्लेक्सिया) जैसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को सही दिशा और उपचार देने के लिए Urjasvini Child Development Center (ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर) एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी क्लीनिकल एंड चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट (Clinical and Child Psychologist Dr Vini Jhariya ) डॉ. विनी झारिया ने बच्चों के विकास में आने वाली इन बाधाओं और उनके समाधान पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

ऑटिज्म और डिस्लेक्सिया: समय पर पहचान है जरूरी- डॉ. विनी झारिया के अनुसार, अक्सर माता-पिता बच्चों के बोलने में देरी या सीखने की अक्षमता को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह Autism या Learning Disability (SLD) के लक्षण हो सकते हैं। डॉ. विनी बताती हैं कि Dyslexia (डिस्लेक्सिया) में बच्चों को पढ़ने, लिखने और शब्दों को समझने में कठिनाई होती है। सही समय पर Dyslexia Therapy in Indore के माध्यम से इन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।

एक ही छत के नीचे सभी आधुनिक थेरेपी (Therapies) -इंदौर स्थित इस ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की थेरेपी उपलब्ध हैं:

  • ​Autism Therapy (ऑटिज्म थेरेपी): ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के सामाजिक व्यवहार और संवाद कौशल को सुधारने के लिए विशेष सत्र।

  • Speech Therapy (स्पीच थेरेपी): यदि बच्चा बोलने में अटकता है या देरी से बोलता है, तो स्पीच थेरेपी बेहद कारगर है।

  • Occupational Therapy (OT – ऑक्यूपेशनल थेरेपी): बच्चों के शारीरिक समन्वय, हाथ-आंख के तालमेल और संवेदी (Sensory) मुद्दों को हल करने के लिए।

  • Behaviour Therapy (बिहेवियर थेरेपी): बच्चों के जिद्दीपन, गुस्से या असामान्य व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए व्यवहार संशोधन।

  • Dyslexia Therapy: डिस्लेक्सिया और अन्य सीखने की समस्याओं (SLD) के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता।

इंदौर में क्यों चुनें ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर? - यदि आप गूगल पर "Autism Indore" या "Best Dyslexia Therapy in Indore" सर्च कर रहे हैं, तो ऊर्जस्विनी सेंटर एक विश्वसनीय नाम है। यहाँ Down Syndrome और अन्य विकासात्मक चुनौतियों वाले बच्चों के लिए व्यक्तिगत ध्यान (Individual Attention) दिया जाता है।

डॉ. विनी झारिया का मानना है कि "हर बच्चा खास होता है, बस उसे समझने और सही तकनीक से सिखाने की जरूरत होती है।" ऊर्जस्विनी सेंटर में साइकोलॉजिकल असेसमेंट के बाद ही उपचार की योजना बनाई जाती है।

माता-पिता के लिए कुछ जरूरी सवाल (FAQ):

  • क्या ऑटिज्म पूरी तरह ठीक हो सकता है?-
    सही थेरेपी (Therapy) और समय पर हस्तक्षेप से बच्चा स्वतंत्र जीवन जीने की क्षमता विकसित कर सकता है।

  • इंदौर में डिस्लेक्सिया थेरेपी कहाँ उपलब्ध है? -
    इंदौर में ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर डिस्लेक्सिया और लर्निंग डिसेबिलिटी के लिए विशेषज्ञ उपचार प्रदान करता है।

  • बच्चे में ऑटिज्म के लक्षण क्या हैं? -
    नजरें मिलाना, अकेले रहना, नाम पुकारने पर जवाब देना और एक ही काम को बार-बार करना इसके मुख्य लक्षण हो सकते हैं।

For more information, please visit:
https://www.instagram.com/vini_thechildpsychologist/
https://www.instagram.com/urjasvini.childdevelopment/

 

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.