भोजासर में किसानों के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए विधायक हरीश चौधरी, न्यायसंगत मुआवजे की उठाई मांग

बायतु विधायक हरीश चौधरी ने भोजासर में धरनारत किसानों का साथ दिया। बिना सहमति भूमि अधिग्रहण और कम मुआवजे के खिलाफ आंदोलन तेज।

Sun, 01 Mar 2026 02:26 PM (IST)
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भोजासर में किसानों के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए विधायक हरीश चौधरी, न्यायसंगत मुआवजे की उठाई मांग
भोजासर में किसानों के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए विधायक हरीश चौधरी, न्यायसंगत मुआवजे की उठाई मांग

बाड़मेर जिले के बायतु उपखंड के भोजासर गांव में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना अब और मजबूत हो गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने धरने में शामिल होकर किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संकल्प लिया। यह आंदोलन उन हजारों किसानों की पीड़ा की आवाज है, जिनकी कृषि भूमि और आजीविका पर 400 केवी एवं 765 केवी क्षमता की हाईटेंशन विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण से गहरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय किसानों ने कई दिनों से इस धरने को जारी रखा हुआ है, जिसमें वे अपनी सहमति के बिना खेतों और आवासीय क्षेत्रों के ऊपर से गुजर रही इन उच्च वोल्टेज लाइनों के निर्माण पर रोक लगाने और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। विधायक हरीश चौधरी ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से लंबी बातचीत की और उनकी हर मांग को पूरी तरह जायज करार दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियां बिना किसानों की रजामंदी के काम आगे बढ़ा रही हैं, जिससे भूमि की उपयोगिता, परिवारों की सुरक्षा और खेती-बाड़ी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

चौधरी ने खास तौर पर मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एक ही तरह की भूमि के लिए अलग-अलग किसानों को अलग-अलग राशि मिल रही है, जो न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि पारदर्शिता की कमी को भी उजागर करती है। बाजार मूल्य के मुकाबले दी जाने वाली राशि नाममात्र की है और वार्षिक किराया दरें भी बेहद कम तय की गई हैं। इससे किसानों में गहरा असंतोष फैला हुआ है। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन कंपनियों के इशारे पर काम कर रहा है और विरोध करने वाले किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है। कई जगहों पर बिना पूर्व सूचना के सर्वे और कार्यवाही हुई, जबकि विरोध पर पुलिस बल की भारी तैनाती और गिरफ्तारियां लोकतंत्र के खिलाफ कदम हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि यह मुद्दा पहले भी राजस्थान विधानसभा में उठ चुका है। उन्होंने खुद केंद्र और राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों से बात की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। चौधरी ने प्रशासन से अपील की कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों की मांगों पर जल्द फैसला ले, वरना यह छोटा आंदोलन बड़े जनआंदोलन में बदल सकता है।

विधायक ने राज्य स्तर पर एक समान, पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा नीति बनाने की मांग की। उनके अनुसार मुआवजा डीएलसी दर या वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर तय होना चाहिए। दीर्घकालिक भुगतान व्यवस्था हो, संयुक्त खातेदारी में सभी खातेदारों की सहमति अनिवार्य हो, किसानों के लिए सुरक्षा बीमा की व्यवस्था हो, आवासीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी तय की जाए और फसलों व वृक्षों के नुकसान का अग्रिम मुआवजा दिया जाए।

यह आंदोलन केवल मुआवजे की लड़ाई नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकारों, उनकी जमीन और परिवार की सुरक्षा की रक्षा का सवाल है। हरीश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से इस संघर्ष को जारी रखेंगे और भोजासर के किसानों की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाएंगे। स्थानीय स्तर पर यह धरना अब क्षेत्रीय मुद्दा बन चुका है, जहां किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों की अनदेखी उन्हें और आक्रोशित कर रही है।

अगर समय रहते संवाद और समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और व्यापक रूप ले सकता है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उनकी आजीविका है और इसे बिना न्याय के छीना नहीं जा सकता।

JR Choudhary JR Choudhary serves as the Editor of Marudhar Bharti, where he leads the editorial team with a focus on accuracy, transparency, and public interest journalism. With over 8 years of hands-on experience in the media industry, he has developed a deep expertise in news analysis, regional reporting, and editorial management. His core mission is to uphold the highest standards of journalistic ethics while delivering stories that matter to the public.